Friday, June 15, 2018

पटियाला - शाही मेहमान खाना और लस्सीखाना

किला मुबारक के मुख्य महल की बाहरी दीवारों को देखते हुए दाहिनी तरफ से हम आगे बढ़ रहे हैं। हमारे साथ देश के दूसरे शहरों से आए कुछ कालेज के शिक्षकों की एक टीम है। हमें खुले मैदान में दो पुरानी तोपे दिखाई देती हैं। कभी ये आग उगलती होगीं पर अभी तो शांत हैं।

शाही मेहमानखाना या रनबास  - किले की ऊंची दीवारों को देखते हुए हम किले के पृष्ठ भाग में पहुंच गए हैं। पर एक महल को देखकर हमलोग चौंक जाते हैं। इस इमारत को शायद अतिथि गृह के रूप में इस्‍तेमाल किया जाता था। इसका विशाल प्रवेश द्वार और दो आंगन खासे आकर्षण लिए हुए हैं। वहां बने फव्‍वारे और टैंक आंगन की शोभा बढ़ाते हैं। रनबास के आंगन में एक रंगी हुई दीवारें और सोन जड़ा सिंहासन बना है जो लोगों को काफी लुभाता है। रंगी हुई दीवारों के सामने ही ऊपरी खंड में कुछ मंडप भी हैं, जो एक-दूसरे के सामने बने हुए हैं।

इस मेहमान खाना में वातानुकूलन का अनूठा इंतजाम है। किले के बगल में एक गहरा कुआं बना है। इस कुएं से पानी किले के अंडरग्राउंड में बने तहखाने में लाने का इंतजाम है। इससे मेहमान खाना में गर्मियों में ठंडक बनी रहती होगी। पर यह सब कुछ अब बहुत बुरे हाल में है। मेहमान खाने की दीवारें भरभरा रही हैं।  कभी शाही मेहमान खाने में दूसरे राजघराने से आने वाले देशी-विदेशी मेहमान ठहरा करते थे।


लस्सीखाना  - इस छोटी दोमंजिली इमारत के आंगन में एक कुंआ बना हुआ है। इस इमारत का इस्तेमाल कभी रसोईघर के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता था। लस्‍सी खाना रनबास के सटा हुआ है और किला अंदरूनी हिस्से के लिए यहां से रास्‍ता भी जाता था। पटियाला के लोगों का कहना है कि एक जमाने में यहां 3500 लोगों को खाना बनाया जाता था।

पर नानकशाही ईट व सफेद पत्थर से बने इस किले के कई हिस्से खस्ताहाल होकर गिर चुके हैं। शीशे की कलाकारी के साथ बनाया गया शीशमहल बीते कई सालों से मरम्मत के नाम पर बंद पड़ा है। यहां आने वाले सैलानी इसे बाहर से ही देखकर लौट जाते हैं ।

किला मुबारक के कायाकल्प के प्रयास - शाही शहर के किला मुबारक के कायाकल्प के लिए प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार की स्कीम के तहत 45 करोड़ रुपये की ग्रांट 2015 में मंजूर हुई।

हेरिटेज वेडिंग साइट बनेगा किला मुबारक - पंजाब के वर्तमान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और टूरिज्म मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पटियाला के किला मुबारक को विवाह स्थल में तब्दील किया जा रहा है। इससे उम्मीद है कि पटियाला मेंटूरिज़्म को बढ़ावा मिल सकेगा। जिस तरह लोग जोधपुर और उदयपुर में जाकर शाही शादियों का आयोजन करते हैं वैसा ही कुछ पटियाला के किला मुबारक में कराए जाने की योजना है।  राज्य सरकार की योजना है कि किले के अंदर सेवन स्टार होटल जैसी सारी सुविधाएं टूरिस्ट्स को प्रदान कराई जाएं। इसके इलावा किले में इंडोर स्पोर्ट्स और स्विमिंग पूल की व्यवस्था भी किए जाने की योजना है।

प्रवेश शुल्क – फिलहाल किला मुबारक का प्रवेश शुल्क  10 रुपये प्रति व्यक्ति और 5 रुपये बच्चों के लिए है। किला मुबारक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन से रिक्शा करके पहुंचा जा सकता है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
( QUILA MUBARAK, PATIALA, PUNJAB ) 

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