Monday, May 28, 2018

कई शादियां कर सकते हैं भूटान के लोग

भूटान के बारे में कई रोचक बातें है इस देश के बारे में। उनमें से एक यह की भूटान के लोग कई शादियां करते हैं। हालांकि अब नए कानून के तहत शादी का प्रमाण पत्र सिर्फ दो शादियों तक का ही मिलेगा। यानी कानून आदमी दो शादियां कर सकता है। बहु पत्नी प्रथा भूटान में कई दशक से चली आ रही है। फुंटशोलिंग से थिंपू जाते समय हमें जो टैक्सी ड्राईवर मिले थे, उन्होंने बताया कि उन्होंने दो शादियां कर रखी हैं। दोनो से उन्हे सात बच्चे हैं।  पर हमारे अगले ड्राईवर की सिर्फ एक ही शादी है। उन्हें अपनी पत्नी से काफी प्रेम है इसलिए दूसरी शादी नहीं की।
हालांकि पहली पत्नी के रहते हुए भूटानी कोई दूसरी शादी करता है तो पहली पत्नी उससे अलग रहने का फैसला ले सकती है। इसके लिए वह अदालत में जाकर गुजारा भत्ता मांग सकती है। यह भत्ता हैसियत के अनुसार मिलता है। पर यह कम से कम 600 रुपये मासिक तो होगा ही। पुनाखा में मिली एक भूटानी शादी शुदा महिला बताती हैं कि कई लोग दूसरी और के मुहब्बत में पड़ कर दूसरी शादी रचाते हैं। पर हम ऐसे पति को चाहें तो छोड़ सकते हैं और गुजारा भत्ता मांग सकते हैं। मतलब कि महिला अधिकारों के लेकर सरकार के नियम अब सख्त हुए हैं। इसलिए सरकार अब सिर्फ दो पत्नियों की इजाजत देती है। पर कोई भूटानी महिला अपने देश के बाहर के किसी नागरिक से शादी नहीं रचा सकती।
पारो में और पुनाखा में नदी के किनारे बने ग्राउंड पर समूह में काफी लोग तीरंदाजी का मुकाबला करते हुए दिखाई दिए। तीरंदाजी भूटान का राष्ट्रीय खेल है। भूटान के लोग इसमें अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पदक जीत लाते हैं। भूटान मे जगह जगह तीरंदाजी के क्लब बने हुए है। कई जगह लोग तीरंदाजी पर पैसा भी लगाते हैं। यह कुछ कुछ हमारे यहां से सट्टा जैसा ही है।

भूटान में मीडिया – भूटान में मीडिया के नाम पर अंग्रेजी में छपने वाले इक्के दुक्के टेबलायड अखबार हैं। इनमें कुछ राजनीति की तो कुछ विकास की खबरें छपती हैं। एक ऐसा ही अखबार कुंसेल हमें थिंपू में दिखाई दिया। पर अब भूटान में केबल टीवी घर घर पहुंच गया है। केबल पर कुछ भूटान के चैनल हैं। इन चैनलों पर भूटानी फिल्में भी दिखाई जाती हैं।  


सिर्फ प्रेरक फिल्में बनती हैं हां भूटान में फिल्में भी बनने लगी हैं। थिंपू शहर में एक सिनेमा घर भी है। पर भूटान में मार धाड़ और प्यार मुहब्बत वाली फिल्में नहीं बनतीं। शायद सरकार की ओर ऐसी फिल्में बनाने की मनाही हो। इसलिए देश में सिर्फ प्रेरणा देने वाली फिल्में ही बनती हैं।

पर्यटन है बड़ा कारोबार -  भूटान सरकार की आमदनी का बड़ा साधन पर्यटन भी है। हालांकि 1970 के दशक में यहां कोई सैलानी नहीं आता था। पर पिछले दो दशक से यहां टूरिज्म बढ़ा है। टूरिज्म कौंसिल ऑफ भूटान के मुताबिक साल 2017 में भूटान में 2.50 लाख विदेशी सैलानी आए। इनमें 71 हजार विदेशी सैलानी थे। तो 1.83 लाख क्षेत्रीय सैलानी थे। क्षेत्रीय मतलब भारत से जाने वाले। अंतरराष्ट्रीय सैलानियों में सर्वाधिक लोग कोरिया से आए। इनमें 9000 सैलानी ब्रिटेन से आए। भूटान में कई टूर आपरेटर हैं जो विदेशी सैलानियों के लिए पैकेज बेचते हैं। इनमें दैनिक तौर पर गाइड की सेवा भी शामिल होती है।

अनूठा है भूटानी पहनावा- भूटान के ज्यादातर नागरिक और राजघराने के लोग भूटाने पहनावे में नजर आते हैं। पुरुषों के पहनावा का नाम है गो (GHO) और महिलाओं के पहनावा का नाम है कीरा ( KIRA ) राजकीय सेवा में लगे हर कर्मचारी के राजकीय पहनावे में दफ्तर आना अनिवार्य है। अगर कोई आम आदमी सरकारी दफ्तर में आम से जाता है तो भी यही औपचारिक पहनावा जरूरी है। 
यहां तक की टैक्सी ड्राईवर, टूरिस्ट गाईड के लिए भी ये पहनावा जरूरी है। अगर आप राजकीय परिधान में नहीं हैं तो जुर्माना भरने के लिए तैयार रहिए। अगर गो खरीदना चाहते हैं तो बाजार में रेडिमेड मिलता है। कपड़ा खरीदकर सिलाई करवाने में 3500 से अधिक खर्च आता है। भूटान सालों भर ठंड रहती है इसलिए लोग ऊनी कपड़े का परिधान बनवाते हैं जो थोड़ा महंगा पड़ता है। 
- vidyutp@gmail.com

(भूटान का एक अखबार -  http://www.kuenselonline.com/   ये अखबार भी है - http://www.bbs.bt/news/ )


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