Sunday, May 20, 2018

गालिम और सिंगी की प्रेम कहानी - भूटान के रोमियो जूलियट

पुनाखा में घूमते हुए हम अनायास ही एक प्रेम कहानी में प्रवेश कर गए। गालिम और सिंगी की प्रेम कहानी वास्तव में भूटान के रोमियो जूलियट की कहानी है।


पुनाखा में हमारी नजर 700 साल पुराने एक मिट्टी के घर पर पड़ी। पुनाखा जोंग से गासा रोड पर एक किलोमीटर आगे नदी के किनारे ती मंजिला मिट्टी का घर दिखाई देता है। तो ये कहानी है गासी लामा सिंगी और चांगुल बूम गालिम की।

हमारे टैक्सी ड्राईवर हमें उस प्रेम कहानी में ले जाते हैं। गालिम पुनाखा के एक अमीर किसान की बेटी थी। नदी के किनारे मिट्टी का एक तीन मंजिला घर जीर्ण अवस्था में दिखाई देता है। अब भूटान सरकार द्वारा इस घर को हेरिटेज साइट का दर्जा दे दिया  गया है।  

यह भूटान की अमर प्रेम कहानी है,जो ज्यादातर भूटानी लोगों की जुबान पर रहती है। गालिम का जो तीन मंजिला घर है यह अपने समय के बड़े अमीर किसान का घर हुआ करता था। सिंगी कौन था। वह तिब्बत सीमा पर बसे गांव गासा के एक साधारण परिवार का युवक था।
पुनाखा में गालिम का पुस्तैनी घर 
तो गालिम और सिंगी में प्यार हो गया। यह एक अमीर और गरीब की प्रेम कहानी थी।कहते हैं गालिम बला की खूबसूरत थी। तो गालिम पर इस इलाके के जमींदार देब का दिल आ गया। उसने गालिम से विवाह करने की इच्छा अपने एक सहायक के समक्ष जताई। उस सहायक को गालिम और सिंगी के प्रेम के बारे में जानकारी थी। इसलिए उसने सिंगी को गालिम से दूर करने की साजिश रची। सिंगी को किसी काम से गासा भेज दिया गया। इसके बाद देब से गालिम से विवाह का प्रस्ताव उनके पिता को भेजा। एक बड़े जमींदार से विवाह का प्रस्ताव पाकर पिता खुश हुए क्योंकि उन्हें गालिम के प्रेम के बारे में पता नहीं था।


पर गालिम ने अपने पिता को सिंगी के प्रति अपने प्रेम की बात बताई। साथ ही इस राज का भी खुलासा किया कि वह गर्भवती है। यह सब कुछ पिता के लिए झकझोर देने वाला था। नाराज पिता ने गालिम को अपने घर से निकाल दिया। इसके बाद गालिम मोचू नदी के तट पर असहाय घूमती रही। इस दौरान वह सिंगी के प्रेम में विरह के गीत गा रही थी। साथ ही वह हर आते जाते लोगों को अपना संदेश गासा में सिंगी तक पहुंचाने के लिए आग्रह करती थी। पर अपने खराब सेहत और गर्भवती शरीर के कारण गालिम जल्द ही बीमार पड़ गई। कहते हैं कि गालिम के साथ संवेदना जताने के लिए मोचू नदी की धारा भी धीमी पड़ गई।
एक राहगीर ने गालिम की हालत देखने के बाद गासा जाकर सिंगी को उसका संदेश सुनाया। गालिम का यह हाल जानकर सिंगी दौडा दौड़ा पुनाखा की ओर चल पडा। पर उस रात गालिम ने एक बुरा सपना देखा। सिंगी के पुनाखा पहुंचने तक गालिम रोते रोते दम तोड़ चुकी थी। गालिम के पास पहुंचने के बाद सिंगी ने भी अपने आखिरी सांस ली। इस तरह दो प्रेमी इस दुनिया में नहीं मिल सके पर दूसरी दुनिया में मिलन के लिए कूच कर गए। 
पर गालिम और सिंगी की प्रेम की दास्तां सुनाता गालिम का घर आज भी अपनी जगह पर मौजूद है। वैसे कई सालों से यह घर खाली है। गालिम के परिवार से जुड़े अगली पीढ़ी के लोग अभी भी इस घर के आसपास के घरों में रहते हैं।  अब भूटान सरकार की योजना गालिम के इस घर को संग्रहालय में तब्दील करने की है। 

भूटान के प्रेमी युगल गालिम के घर को देखने आते हैं और यहां पर साथ जीने-मरने की कसमें खाते हैं।  गालिम और सिंगी की प्रेम कहानी पर भूटान में दो बार फिल्में भी बन चुकी हैं। साल 2011 में बनी सिंग लेम नामक भूटानी फिल्म  सुपर हिट रही थी।

n विद्युत प्रकाश मौर्य - vidyutp@gmail.com

( PUNAKHA, GALIM AND SINGI LOVE STORY, SING-LEM MOVIE 2011 ) 

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