Friday, February 9, 2018

मिजोरम में पहुंच चुकी है रेलगाड़ी की छुकछुक

बैरबी में 21 मार्च 2016 को पहुंची पहली ब्राडगेज मालगाड़ी। 
बैरबी ( या भैरबी ) मिजोरम के कोलासिब जिले का एक छोटा सा शहर है जहां तक रेलवे लाइन पहुंच चुकी है। बैरबी से आईजोल की दूरी 117 किलोमीटर है।  काटाखाल बैरबी के बीच पहले मीटरगेज लाइन बिछाई गई थी जिसे अब ब्राडगेज में बदल दिया गया है। 2016 के मार्च के बाद बैरबी तक पैसेंजर ट्रेनों का संचालन भी हो रहा है। इसका स्टेशन कोड BHRB है।
काटाखाल जंक्शन से बैरबी की दूरी 83 किलोमीटर है। रास्ते में असम का हेलाकांडी और लालबाजार जैसे स्टेशन आते हैं। फिलहाल बैरबी एक मात्र रेलवे स्टेशन है जो मिजोरम में पड़ता है। सिलचर से बैरबी के लिए एक पैसेंजर ट्रेन का संचालन आजकल किया जा रहा है। यह अरुणाचल जंक्शन, काटाखाल जंक्शन होते हुए बैरबी पहुंचती है। यह 103 किलोमीटर का सफर 4 घंटे में पूरा करती है। इस लाइन की सही उपयोगिता तब होगी जब यह आईजोल तक पहुंच जाएगी। अभी सुबह एक ट्रेन बैरबी से चलती है और शाम को यह सिलचर से वापस होती है बैरबी के लिए।
21 मार्च 2016 को जब पहली ब्राडगेज की मालगाड़ी बैरबी रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो मिजोरम के लोगों ने उसका भाव भरा स्वागत किया। ट्रैक पर लोगों की भीड़ थी। लोकोमोटिव को फूलों से लाद दिया गया था। यह मिजोरम के लोगों के लिए ऐतिहासिक मौका था।
बैरबी से साइरंग (आईजोल) को रेल से जोड़ देने का  संशोधित लक्ष्य मार्च 2019 रखा गया है। बैरबी से आगे साइरंग तक रेलवे लाइन का विस्तार हो रहा है जो आईजोल जिले में है। यह राजधानी आईजोल का निकटतम रेलवे स्टेशन होगा। साइरंग से आईजोल शहर की दूरी 20 किलोमीटर होगी। 11 नवंबर 2016 को तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने साइरंग रेलवे स्टेशन के निर्माण की आधारशिला रखी। बैरबी से साइरंग की रेलवे से दूरी 50.38 किलोमीटर होगी। रेलमार्ग से देखें तो सिलचर से आईजोल की दूरी 20 किलोमीटर कम हो जाएगी।
फिलहाल बैरबी कोलसिब से सड़क मार्ग से संपर्कित है। कोलसिब से बैरबी की दूरी 36 किलोमीटर है। अगर आप बैरबी तक ट्रेन से पहुंचते हैं तो बैरबी में भी जिला प्रशासन ने आईएलपी का बनाने का काउंटर शुरू कर दिया है। अभी सिलचर से मिजोरम की राजधानी आईजोल जाना हो तो बैरबी तक का सफर ट्रेन से करना व्यवहारिक नहीं है। इसलिए ज्यादातर लोग सीधे सूमो से सिलचर से आईजोल जाना पसंद करते हैं। काटाखाल जंक्शन से साइरंग की रेल मार्ग से कुल दूरी 135 किलोमीटर होगी।
2011 में यूपीए सरकार के दौरान काटाखाल से बैरबी मीटरगेज लाइन को ब्राडगेज में बदलने के लिए राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट के तौर पर पास किया गया। वैसे काटाखाल से बैरबी तक मीटरगेज रेलवे लाइन का इतिहास बहुत पुराना है। 


बराक घाटी रेलवे निर्माण के बाद 1899 में ही बैरबी तक मीटरगेज लाइन का निर्माण हो चुका था। यह असम रेलवे द्वारा निर्मित था और बराक घाटी रेलवे के नेटवर्क का हिस्सा था। इस पर पैसेंजर गाड़ी और मालगाड़ी का संचालन किया जाता था। इस रेलमार्ग का बड़ा हिस्सा असम के हेलाकांडी जिले से होकर गुजरता है जो देश के सबसे गरीब इलाकों में शुमार है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य 

( BAIRABI, BHRB, MIZORAM RAIL ) 

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