Sunday, February 25, 2018

हरे भरे जंगलों का राज्य है मिजोरम

जब हमने आईजोल में साईलो साहब को बताया कि मैं सिलचर का विमान से और उसके बाद सड़क मार्ग से चलकर मिजोरम पहुंचा हूं तो उन्होंने कहा ये अच्छा रहा क्योंकि इससे आप मिजोरम की हरीतिमा का नजारा करते हुए पहुंचे हैं। वैसे आप मिजोरम के एकमात्र एयरपोर्ट लेंगपुई पहुंचते हैं तो वहां से भी तकरीबन 35 किलोमीटर सड़क मार्ग से चलकर राजधानी आईजोल पहुंचना पड़ेगा।
तो बात हरियाली की करें तो मिजोरम का कुल 84 फीसदी हिस्सा वन क्षेत्र है. ये आंकड़ा 2017 का है। इससे पूर्व 91 फीसदी हिस्सा वन क्षेत्र था. तो भला हरियाली का सम्राज्य क्यों न होगा। और जाहिर यहां प्रदूषण अभी समस्या नहीं हो सकती। प्रकृति खूब खुश होकर राज्य को अपनी नेमतें बख्शी हैं।
मिज़ोरम में प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा पड़ा है। यह क्षेत्र विभिन्न प्रजातियों के प्राणियों और वनस्पतियों से संपन्न है। मिजो लोग मूलतः किसान होते हैं। इसलिए उनका मूल कामकाज और त्योहार भी जंगल की कटाई करके की जाने वाली झूम खेती से ही जुड़े हैं। मिजो लोग बेहतरीन बुनकर भी होते हैं।
मिजोरम की कुल आबादी के 80 प्रतिशत लोग कृषि कार्यों में लगे हैं। कृषि की मुख्य प्रणाली झूम या स्थानांतरित कृषि है। अनुमानित 21 लाख हेक्टेयर भूमि में से 6.30 लाख हेक्टेयर भूमि बागवानी के लिए उपलब्ध है। वर्तमान में 4127.6 हेक्टेयर क्षेत्र पर ही विभिन्न फसलों की बागवानी की जा रही हैजो कि अनुमानित संभावित क्षेत्र का मात्र 6.55 प्रतिशत है। इससे पता चलता है कि मिज़ोरम में अभी बागवानी फसलों के फलने-फूलने की विस्तृत संभावनाएं हैं। बागवानी की मुख्य फसलो में यहां मैडिरियन संतराकेलासादे फलअंगूरहटकोडाअनन्नास और पपीता आदि शामिल हैं। राज्य में एंथुरियमबर्ड आफ पेराडाइजआर्किडक्रायसेंथेममगुलाब तथा अन्य कई मौसमी फूलों की खेती होती है।
अगर मसालों की बात करें तो इनमें अदरकहल्दीकाली मिर्चमिर्चें (चिड़ा की आंख वाली मिर्चें भी उगाई जाती हैं। यहां के लोक पाम आयलजड़ी-बूटियों तथा सुगंध वाले पौधों की खेती भी आजकल बड़े पैमाने पर करने लगे हैं।

राज्य के पर्यटन स्‍थल  - समुद्र तल से लगभग 4,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित पर्वतीय नगर आइजोलमिजोरम का एक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। राज्य में म्यामांर की सीमा के निकट चमफाई एक सुंदर पर्यटन स्थल है। यहां तामदिल एक प्राकृतिक झील है जहां मनोहारी वन है।

यह आइज़ोल से 80 किलोमीटर और पर्यटक स्थल सैतुअल है। वानतांग जलप्रपात मिज़ोरम में सबसे ऊंचा और अति सुंदर जलप्रपात है। यह थेनेज़ोल कस्बे से पांच किलोमीटर दूर है। जोबाक के निकट जिला पार्क में अल्पाइन पिकनिक हट तथा बेरो त्लांग में मनोरंजन केंद्र भी बनाए गए हैं।
एजल के आसपास की खूबसूरती का लुत्फ उठाना हो तो 16 किलोमीटर दूर स्थित बुंग नामक पिकनिक स्पॉट को देखने जा सकते हैं। आईजोल से करीब 85 किलोमीटर दूर स्थित तामदिल झील पर्यटकों को सुखद अहसास कराती है। यहां रंग-बिरंगी मछलियों को जलक्रीड़ा करते देखा जा सकता है। राजधानी से करीब 142 किलोमीटर दूर हिल स्टेशन थेंजावल हैयहां राज्य का सबसे ऊंचा जलप्रपात वंतावांग है। इसकी ऊंचाई 750 फीट है। यहां रहने के लिए कॉटेज उपलब्ध हैं।

आईजोल से करीब 192 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंफाई कारोबारी शहर होने के साथ ही प्राकृतिक खूबसूरती से भरा है। यहां के हरे-भरे चावल के खेत और पड़ोसी देश म्यामां की पहाड़ियां देखी जा सकती हैं। चंफाई से पांच किलोमीटर दूर रूएंतलैंग गांव हैजहां मिजो लोगों के पुराने रहन-सहन को अब तक देखा जा सकता है। 

-        विद्युत प्रकाश मौर्य

2 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन एक लम्हे में चाँदनी से जुदाई : ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

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  2. धन्यवाद राजा साहब

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