Friday, February 23, 2018

मिजोरम का ताजमहल - आईजोल का सालमन टेंपल

एक जनवरी शाम आईजोल के सालमन टेंपल के नाम रही। यह आईजोल शहर का प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। वास्तव में यह एक चर्च ही है पर इसे काफी सुंदरता के सजाया संवारा गया है। इसलिए यह आईजोल शहर का प्रमुख केंद्र बन गया है जहां पर लोग शाम को बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
एक बाइक टैक्सी वाले से बात की। सालमन टेंपल चलना है। उन्होंने 200 रुपये कहा। मैंने कहा वापस भी लेकर आना है। वे 500 बोले। फिर 400 में सौदा हुआ। यह भी कि जितनी देर मैं वहां मंदिर देखूंगा वे मेरा इंतजार करेंगे। पर मंदिर पहुंचकर वे बोले मैं भी अंदर चलूंगा। तो वे पूरे समय हमारे साथ रहे। वे हमारी फोटो खिंचते रहे और मैं उनकी।  दरअसल वे भी पहली बार सालमन टेंपल देखने पहुंचे थे। मंदिर के परिसर में घूमते हुए उनकी कुछ महिला मित्र भी मिल गईं। बोले उनके साथ भी हमारी फोटो खींच दो। बाइक टैक्सी वाले भाई का नाम है रौता ( फोन नंबर 0 84158 55077 )

सालमन टेंपल आईजोल शहर से पश्चिम की तरफ 10 किलोमीटर दूर किडरौन घाटी में बना हुआ है। कई एकड़ में बने इस धार्मिक स्थल का परिसर बड़ा ही मनोरम है। इसका मिजो में नाम कोहरान थिंगलिम चर्च भी है। इसके निर्माण को लेकर इसके संस्थापक एलबी साइलो को 1991 में एक स्वप्न आया। उसके बाद उन्होंने एक आकर्षक चर्च का निर्माण कराना तय किया। साइलो राज्य के पशुपालन विभाग में अधिकारी थे। 23 दिसंबर 1996 को इस चर्च की आधारशिला रखी गई।

चर्च के मुख्य हॉल में एक साथ 2000 लोग बैठकर प्रार्थना कर सकते हैं। जबकि इसके परिसर में एक साथ 10 हजार लोग का जमावड़ा हो सकता है। मुख्य प्रार्थना कक्ष हर तरफ से 180 फीट का है। मुख्य प्रार्थना कक्ष के चारों तरफ गलियारा है जिसमें काफी लोग एकत्र हो सकते हैं। मुख्य भवन में कुल 12 द्वार हैं। इनमें से हर तरफ तीन द्वार बनाए गए हैं। इसके निर्माण में मंदिर समिति के सदस्यों के अलावा दुनिया भर से चंदा एकत्र किया गया है।
संगमरमर की सुरम्य संरचना- सालमन टेंपल का निर्माण सफेद संगमरर पत्थरों से हुआ है। इन पत्थरों को राजस्थान से यहां लाया गया है। सूर्य की रोशनी में और बादलों के बीच में इसकी सुंदरता देखने लायक होती है। इसके निर्माण में 30 लाख अमेरिका डॉलर यानी 21 करोड़ रुपये से ज्यादा की अनुमानित लागत आई है। इसका नाम पवित्र बाइबिल के ओल्ड टेस्टामेंट के किंग डेविड के बेटे किंग सालमन के नाम पर रखा गया है। किंग सालमन ने पहला स्थायी हाउस ऑफ गॉड का निर्माण कराया था।

सालमन टेंपल परिसर में प्राकृतिक वन भी है, जिसमें अलग अलग तरह के फूल और पौधे लगाए गए हैं। चर्च में हर रविवार को  आफिशियल सर्विस होती है। बाकी श्रद्धालुओं के लिए मंदिर हर रोज खुला रहता है। मंदिर का औपचारिक उदघाटन 25 दिसंबर 2017 को हुआ। यानी करीब 23 साल में मंदिर बनकर तैयार हुआ है।
सालमन टेंपल में प्रवेश के लिए 20 रुपये की टिकट है। परिसर के बाहर पार्किग का इंतजाम है। प्रवेश टिकट काउंटर से आप स्मृति चिन्ह के तौर पर चाबी रिंग जैसी कुछ चीजें खरीद सकते हैं। मंदिर के प्रवेश द्वार के पास एक कैंटीन भी है।
सालमन टेंपल को घूमने के लिए दो घंटे का वक्त चाहिए। मंदिर का परिसर इतना सुंदर है कि यहां से जल्दी जाने की इच्छा नहीं होती। रंगबिरंगे फूलों और झांकियों के बीच आपको तस्वीरें खिंचवाने के लिए यहां अनगिनत मौके मिलते हैं। इसलिए हर उम्र के लोगों को इसका परिसर खूब पसंद आता है। मंदिर परिसर की झांकिया जीसस क्राइस्ट और ईसाई मान्यताओं और प्रतीकों से जुड़ी हुई हैं। पर परिसर में चारों तरफ सैर करना आपको काफी आनंदित करता है।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
(SOLOMONS TEMPLE, KIDRON VALLY, AIZAWL )




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