Monday, November 6, 2017

गोवा में समंदर – सिंक्वेरियम-कंडोलियम-कालांगुट-बागा-अंजुना बीच

गोवा के कंडोलियम बीच पर सुबह सुबह 
सुबह सुबह होटल से बाहर निकलते हैं हमने एक्टिवा किराये पर ले ली है। गोवा घूमने का सबसे किफायती तरीका है बाइक या स्कूटी किराये पर लेना। हर इलाके में आपको स्कूटी आसानी से किराये पर मिल जाती है। दरें 250 से 350 रुपये प्रतिदिन तक हो सकती हैं। नार्थ गोवा में किराया कम है, साउथ गोवा में थोड़ा ज्यादा। हमें ओसबोर्न होटल के ठीक बगल में जीको रेस्टोरेंट में एक महिला से एक्टिवा किराये पर मिल गई। अपना आधार कार्ड उन्हें अमानत के तौर पर जमा किया और एक्टिवा अगले दो दिनों के लिए हमारी हुई।

गोवा में पेट्रोल का भाव 64 रुपये लीटर है, पर हर जगह पंप नहीं हैं तो जगह जगह बोतल में पेट्रोल बेचने वाले सड़क के किनारे मिल जाते हैं। वे 80 रुपये में एक लीटर तेल देते हैं। हां यहां हेलमेट पहनना और गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन जरूरी है।

तो हमलोग चल पड़े हैं कैंडोलियम बीच की ओर। रास्ते में फैब इंडिया का शोरुम दिखाई देता है। सुबह में कैंडोलियम काफी शांत है।  यह नार्थ गोवा का कम भीड़ भाड़ वाला बीच है। इसके थोड़ा आगे सिंक्वेरियम बीच है। सिंक्वेरियम, कैंडोलियम, कालांगुट, बागा, अंजुना ये सभी बीच एक क्रम में हैं। सभी जगह वही अरब सागर दिखाई देता है।आप शाम या सुबह जहां अच्छा लगे गुजारें। बार बार गोवा आने वाले लोगों की कुछ खास बीच पसंद बन जाती है।

अंजुना बीच पर कोई खास सौंदर्य नहीं है। वहां बड़े बड़े पत्थर हैं जो खतरनाक भी हो सकते हैं। कुछ लोग अंजुना बीच को हाउंटेड (भुतहा) मानते हैं। हमें लौटते हुए एक परिवार मिला मुरादाबाद का, उस परिवार की एक लड़की अंजुना बीच से दुःस्वप्न लेकर जा रही थी। वह अंजुना में गहरे गड्ढे में गिर कर घायल हो गई थी। उसे लोगों ने काफी डरा दिया था कि ये बीच भुतहा है।

साउथ गोवा में सबसे चहल पहल वाला बीच कोलवा है। पर इसके आसपास बेनालियम और कुछ और भी सुंदर समुद्र तट हैं, जहां सैलानियों की लगातार आमद रहती है। पणजी के पास एक मीरा मार बीच भी जहां शाम को सैलानी पहुंचते हैं।

अब कुछ बातें गोवा के बारे में। वर्तमान में गोवा महाराष्ट्र के सावंतवाड़ी और केरल के उत्तर कनारा के बीच का समुद्र तटीय इलाका है। गोवा 3702 वर्ग किलोमीटर के दायर में फैला हुआ सुंदर राज्य है। 1961 में गोवा पुर्तगालियों के कब्जे से आजाद हुआ। देश की आजादी के बाद गोवा की आजादी के लिए अलग से लंबी लड़ाई लड़ी गई। मुक्ति के बाद गोवा को दमन और दीव के साथ केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। दमन और दीव अलग होकर अब भी केंद्र शासित प्रदेश हैं पर गोवा को 30 मई 1987 को राजीव गांधी के शासन काल में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। यह देश का 25वां राज्य बना। यहां दो राजस्व जिले हैं नार्थ गोवा और साउथ गोवा। मुंबई से गोवा की दूरी 594 किलोमीटर है। प्रति व्यक्ति आय में गोवा देश के सभी राज्यों में सबसे ऊपर है। पणजी गोवा की राजधानी है, पर वास्कोडिगामा राज्य का सबसे बड़ा शहर है।

गोवा का इतिहास काफी पुराना है। ईसा पूर्व काल में गोवा का क्षेत्र मौर्य शासन का हिस्सा हुआ करता था। गोवा नाम महाभारत के भीष्मपर्व में गोमंत शब्द से आया है। दूसरी सदी में आए यूनानी यात्री टोलेमी ने गोवा का जिक्र किया है। गोवा में दो प्रमुख नदियां बहती हैं, मंडोवी और जुआरी। दोनों नदियां अरब सागर में मिल जाती हैं।

चौथी शताब्दी में गोवा भोज राजतंत्र का हिस्सा रहा। सन 580 से 750 के बीच यह बादामी के चालुक्य राजाओं के अधीन रहा। पर सबसे लंबे समय तक गोवा कदंबा राजतंत्र के अधीन रहा। आठवीं से 13वीं सदी तक यहां कदंबा वंश का शासन रहा। इस दौरान इसकी राजधानी चंद्रपुर (चांदोर ) में थी। गोवा के रोचक इतिहास के बारे में हम आगे भी बात करेंगे।
( आगे पढ़िए - गोवा का पुर्तगाली किला आगुटा फोर्ट और लाइट हाउस ) 
-        विद्युत प्रकाश मौर्य  
( GOA, SEA BEACH, BAGA, ANJUNA, CALANGUTE, CANDOLIM, SINQUERIM ) 


2 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 32वीं पुण्यतिथि - संजीव कुमार - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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