Saturday, November 4, 2017

शाकाहारियों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं गोवा में

गोवा मतलब मछली। पर हम सफर के दौरान मछली नहीं खाते। मछली का किसी भी मांसाहार से बचने की कोशिश करते हैं। पता नहीं कैसा बना हो और खाकर बीमार हो जाएं तो अगला दिन बेकार हो जाएगा। अगर आप मांसाहारी हैं, तो गोवा में गोवान फिश करी इन येलो मस्टर्ड का स्वाद जरूर लें। ऐसा हमारे साथी बताते हैं।

पर हम तो घूमते हुए हर जगह शाकाहारी भोजनालय की तलाश करते हैं। गोवा के कालांगुट में पहली शाम। कोई नजदीक में शाकाहारी रेस्टोरेंट चाहिए था, सो सेंट एंथोनी चेपल के पास मिला, ओम साई रतना 100 फीसदी वेज। सो ज्यादा खोजबीन नहीं यहीं जीमने बैठ गए। खाना औसत, संतोषजनक था। स्टाफ का व्यवहार भी अच्छा था। पर हमलोग दुबारा वहां खाने नहीं जा सके। क्योंकि हर बार एक नई जगह का स्वाद लेना जारी रखा। हमारे ठिकाने आसबोर्न होटल के पास मेन रोड पर बबूटी है जो कालंगुट का प्रसिद्ध बार और रेस्टोरेंट है, पर हमें वहां नहीं जाना। सुबह टहलते हुए कई नए शाकाहारी ठिकाने ढूंढ डाले। कालांगुट-कंडोलियम रोड पर दिखाई दिया डोसा प्लाजा। यह एक फूड चेन की ब्रांच है। डेकोरेशन शानदार है। 

कई किस्म के डोसा इडली के अलावा यहां पर उत्तर भारतीय पूरी और आलू की सब्जी भी उपलब्ध है। स्टाफ का व्यवहार अच्छा है।  हमारा सुबह का नास्ता यहीं डोसा प्लाजा में। आखिरी दिन चलते चलते एक बार फिर नास्ते के लिए डोसा प्लाजा पहुंचे।  सुबह के नास्ते में कोंबो जिसमें डोसा, इडली, उपमा और सीरा (मिठाई) सब कुछ होता है, इसका स्वाद लिया जा सकता है। यह एक टिकट में कई तमाशा जैसा है। डोसा प्लाजा की चटनी भी काफी अच्छी लगी। यहां हमें एक गुजराती पटेल दंपति मिले। साठ के करीब हैं। वीआरएस ले लिया है। पत्नी के साथ गोवा घूम रहे हैं। पर कई दिनों से सुबह शाम डोसा प्लाजा में ही खा रहे हैं। कभी बिरयानी, कभी डोसा तो कभी उत्पम। तो आप भी कालांगुट इलाके में हो तो एक बार यहां पहुंच सकते हैं। खाने पीने की दरें वाजिब हैं। बिल के लिए वे क्रेडिट कार्ड भी ले लेते हैं।

नवतारा वेज की थाली-  कालंगुट इलाके का प्रसिद्ध शाकाहारी भोजनालय है नवतारा वेज। कालांगुट बीच जाने के रास्ते में केएफसी से पहले बायीं तरफ नवतारा वेज का बोर्ड दिखाई देता है। हालांकि कालांगुट के बाजार में कई और शाकाहारी भोजनालय के बोर्ड दिखाई देते हैं। पर नवतारा की प्रसिद्धि दूर दूर तक है। इसकी कई  शाखाएं गोवा के दूसरे इलाके में भी हैं। तो हमने रात को नवताजा भेज की थाली और बिरयानी खाई। इनकी मीनू कार्ड पर जो दरें लिखी हैं वह जीएसटी जोड़कर है। हालांकि बिल में जीएसटी का ब्रेकअप दिखाई देता है। गोवा जैसी महंगी जगह के हिसाब से नवतारा की दरें भी वाजिब हैं। कई बार आपको यहां अच्छी खासी भीड़ भी दिखाई दे सकती है।


आप कालांगुट में श्री सागर उडुपी, प्योर वेज में भी शाकाहारी खाने के लिए जा सकते हैं। हालांकि हम वहां नहीं जा सके पर नवताजा का स्टाफ भी वहां के खाने को अच्छा बताता है। श्री सागर के सामने करी लिव्स प्योर वेज भी विकल्प के तौर पर मौजूद है।

दोपहर में ओल्ड गोवा के चर्च घूमते हुए हमें भोजन के लिए बाम बेसेलिका के सामने के शाकाहारी भोजनालय रत्न सागर में जाना पड़ा। हालांकि इसका खाना बहुत अच्छा नहीं लगा, पर यहां कोई विकल्प नहीं होने के कारण यहां दोपहर में सैलानियों की भीड़ लगी रहती है। यहां की दोपहरी में माधवी और अनादि ने कालाखट्टा का स्वाद भी लिया।


अब बात दक्षिण गोवा की। कोलवा बीच के इलाके में भी चार-पांच शाकाहारी भोजनालय हैं। पर हम यहां पर सबसे ज्यादा समय तुलसी वेज में खाते रहे। एक बार खाना पसंद आ गया तो बार बार यहीं पर। यह राजस्थान के एक भाई द्वारा संचालित भोजनालय है। उनका दूसरा भोजनालय बिल्कुल कोलवा बीच के पास पार्किंग के पास भी है। पर तुलसी वेज नया खुला है इसलिए इसकी दरें कम है। साउथ इंडियन थाली 110 रुपये की। नार्थ इंडियन थाली 150 रुपये की। सुबह के नास्ते में मासाला डोसा इडली। हालांकि कोलवा में हमारे होटल लाबेन के ठीक सामने सागर किनारा नामक शाकाहारी भोजनालय भी था। वह खूब चलता भी है, पर हमें तुलसी वेज का खाना अच्छा लगा। तो आप भी घूमते रहिए और खाते रहिए पर अपने पेट और जायके की सुनकर ही स्वाद का मजा लें।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
  ( GOA, VEG FOOD, NAVTARA, DOSA PLAZA, TULSI VEG IN COLVA ) 


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