Sunday, November 12, 2017

1843 में पणजी बना गोवा की राजधानी

पणजी का बस केंद्रीय बस अड्डा। 
गोवा शहर के तकरीबन बीच में स्थित पणजी शहर गोवा की राजधानी है। यह शहर मंडोवी नदी के तट पर बसा है। अगर गोवा के मानचित्र में देखें तो यह काफी हद तक बीचों बीच स्थित है। गोवा की राजधानी पणजी को पंजीम नाम से भी जाना जाता है। पणजी पश्चिमी भारत में मांडवी नदी के तट पर स्थित है। 18वीं शताब्दी के मध्य तक यह छोटा सा गांव था। प्लेग के लगातार प्रकोप के कारण पुर्तगालियों के वेलहा गोवा (पुराना गोवा या इला) को मजबूरन छोड़ना पड़ा। फिर उन्होंने 1843 में पणजी को राजधानी बनाना तय किया।

 आबादी के लिहाज से पणजी गोवा में वास्कोडिगामा और मडगांव से छोटा शहर है। आजकल इसकी आबादी 60 हजार के आसपास है। पर पणजी चाकचिक्य भरा शहर है। नदी समंदर के बीच महानगरों जैसा लुक मिलता है। अब शहर में शापिंग मॉल बन चुके हैं। आबादी का बोझ बढ़ रहा है तो ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लंबे फ्लाई ओवर का निर्माण जारी है।

पणजी से नार्थ गोवा की ओर जाने में मंडोवी नदी पर विशाल पुल नजर आता है। इस पुल के आसपास कई बड़े बड़े जहाज नदी में तैरते दिखाई देते हैं। वास्तव में ये जहाज भी गोवा में मनोरंजन का केंद्र हैं। शाम को इन जहाज में लाइव संगीत और खाने पीने का कार्यक्रम होता है। अगर आपके पास समय है तो इसमें भी जरूर हिस्सा लिजिए।

कालांगुट में गोवा के पहले मुख्यमंत्री दयानंद वी बांदोडकर की प्रतिमा। 
पणजी गोवा का बड़ा व्यापारिक केंद्र होने के साथ राजधानी भी है, इसलिए यहां भी रहने के लिए कई अच्छे होटल हैं। हालांकि ज्यादातर सैलानी समंदर तट पर बने होटलों में रहना पसंद करते हैं। पणजी से आपको गोवा के हर हिस्से में जाने के लिए बसें मिल जाएंगी। पणजी का कदंबा बस स्टैंड शहर के बाहरी इलाके  में बाइपास चौराहे पर स्थित है। यहां से स्थानीय बसें और इंटरस्टेट बसें मिलती हैं। खासतौर पर मडगांव और वास्कोडिगामा के लिए अच्छी नान स्टाप बसें चलती हैं। इनसे सफर करना टैक्सी में सफर करने से अच्छा है। गोवा की सरकारी बस सेवा का नाम कदंबा बस सर्विस है।हालांकि तमाम रुट पर यहां निजी बसें भी चलती हैं।

आपको पणजी से कंडोलियम, कालांगुट, बागा आदि बीच जाने के लिए लगातार चलने वाली लोकल बसें मिल जाएंगी। इन बसों में महिला कंडक्टर भी सेवारत मिलती हैं। बसों में लगेज रखने का भी बेहतर इंतजाम है। भीड़ ज्यादा नहीं होती इसलिए आप सैलानी के तौर पर भी इसमें सफर करके अपने टैक्सी का खर्च बचा सकते हैं। गोवा में आमतौर पर टैक्सी का किराया महंगा है। यहां ओला-उबर जैसी सेवाएं अभी नहीं चलती हैं।
पणजी में दुर्गा पूजा का सजा पंडाल

 कई समुद्र तट पास होने के कारण पणजी में सैलानी रुकना पसंद करते हैं। राजधानी पणजी में यूपी और बिहार के लोग भी बड़ी संख्या में आपको मिल जाएंगे।
हमें पणजी बस स्टैंड के पास हमें नवरात्र पर मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई पंडाल दिखाई दे जाती है। अपने उत्तर प्रदेश और बिहार के भोजपुरी भाई बंधु लोग हैं। बड़ी श्रद्धा और मनोयोग से माता का पंडाल सजाया है और दुर्गापूजा की तैयारी कर रहे हैं। हम माता के दर्शन करने पंडाल में पहुंचते हैं। हमें वहां नवरात्र के पहले दिन का प्रसाद मिलता है और हम आगे की यात्रा पर चल पड़ते हैं।

-        विद्युत प्रकाश मौर्य
(PANJIM, GOA CAPITAL ) 

पणजी में मंडोवी नदी पर पुल। 


3 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन डॉ. सालिम अली - राष्ट्रीय पक्षी दिवस - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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