Sunday, July 9, 2017

दिल्ली मेट्रो से ज्यादा स्मार्ट है बेंगलुरु मेट्रो

साल 2017 की बेंगलुरु यात्रा में कई बार बेंगलुरु मेट्रो में सफर करने का मौका मिला. हालांकि बेंगलुरु में मेट्रो रेल सेवा कई सालों से चल रही है, पर इसने अभी शहर के सभी सभी प्रमुख हिस्सों को अपनी जद में नहीं लिया है। साल 2011 में 20 अक्तूबर से संचालन में आई बेंगलुरु मेट्रो की कंपनी का नाम बीएमआरसी है पर इसका बड़े प्यार से नाम दिया गया है नम्मा मेट्रो मतलब हमारी मेट्रो। 

फिलहाल दिल्ली के बाद बेंगलुरु संचालित मार्ग के हिसाब से देश में दूसरे नंबर पर है। हालांकि देश में पहली मेट्रो कोलकाता में शुरू हुई थी, पर बेंगलुरु उससे आगे निकल चुका है। साल 2017 के मार्च में 31 किलोमीटर के दायरे में 30 स्टेशनों के बीच अपनी सेवाएं दे रही थी। बेंगलुरु मेट्रो भारत सरकार और कर्नाटक सरकार का संयुक्त उपक्रम है।

मैं जब 2012 में बेंगलुरु आया था तब इसमें सवारी नहीं कर सका था। पर 2017 में पहली बार मैजेस्टिक स्टेशन से मेट्रो में सवार हुआ. मैजेस्टिक स्टेशन बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन के ठीक सामने मैजेस्टिक बस स्टैंड के बीचों बीच अंडरग्राउंड स्टेशन है। स्टेशन अत्यंत विशाल है। यह एक इंटरचेंज स्टेशन है। यहां दूसरी लाइन भी क्रास कर रही है। वह 18 जून 2017 में आरंभ हुई है। ग्रीन लाइन नागसेंद्रा से येल्लमचिल्ली के बीच 24 किलोमीटर का सफर तय कर रही है। इस तरह कुल 42.22 किलोमीटर का नेटवर्क है नम्मा मेट्रो का।
निःशुल्क पेयजल और शौचालय का इंतजाम 
 मैं देख पा रहा हूं कि नम्मा मेट्रो में निशुल्क पेयजल का इंतजाम है। एयरपोर्ट की तरह। पर यहां पीने के लिए ग्लास भी नल के साथ रखे गए हैं। मैजेस्टिक स्टेशन पर निशुल्क शौचालय का भी बेहतर इंतजाम है। दिल्ली में मेट्रो में ये सेवाएं मुफ्त में नहीं हैं। हांलाकि अदालत इसके लिए दिल्ली मेट्रो को फटकार लगा चुकी है।
हर कोच में एलईडी स्क्रीन
अब बात कोच की। तो नम्मा मेट्रो की कोच में एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं जो दिल्ली मेट्रो में अभी नहीं हैं। तो है ना ज्यादा स्मार्ट। यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए प्लेटफार्म पर मदद करने के लिए महिला और पुरुष सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं।

 टिकटिंग दिल्ली मेट्रो की तरह ही टोकन सिस्टम और स्मार्ट कार्ड आदि का इंतजाम है। किराया दिल्ली मेट्रो से थोड़ा ज्यादा जरूर है। मैं मैजेस्टिक से एमजी रोड तक का टिकट लेता हूं, पर बीआर अंबेडकर विधान सौदा स्टेशन पर ही उतरकर बाहर आ जाता हूं। विधानसौदा से एक बार फिर मेट्रो से ही मैजेस्टिक वापसी करता हूं।

अगले दिन एमजी रोड घूमने के बाद मेट्रो से मैजेस्टिक तक वापस आता हूं। मैजेस्टिक में मेट्रो अंडरग्राउंड है, पर यह एमजी रोड आतेआते चिन्ना स्वामी स्टेडियम के पास सुरंग से बाहर निकलकर एलीवेटेड हो जाती है। एक दिन एकआरपुरम में अपनी एक बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा हूं, तो उनके पति मुझे बैपनहाली मेट्रो स्टेशन पर आकर छोड़ते हैं।

 फिलहाल यह आखिरी स्टेशन है केआरपुरम की ओर का। बैपनहाली मेट्रो स्टेशन और इसी नाम का भारतीय रेलवे के स्टेशन बिल्कुल एक दूसरे से लगे हुए हैं। दिल्ली से शहादरा से भी ज्यादा करीबी से चिपकी हैं मेट्रो और भारतीय रेल की पटरियां। फिलहाल नम्मा मेट्रो में महिलाओं के लिए आरक्षित कोच नहीं है।

मैसूर रोड की तरफ जा रही लाइन का विस्तार जयनगर, बनशंकरी और कनकपुरा रोड तक हो गया है। इसी तरह दूसरी लाइन मैजेस्टिक से यशवंतपुर होती हुई आगे तक जा रही है। इन सारे नेटवर्क के संचालित हो जाने के बाद बेंगलुरु की मेट्रो यहां की ट्रैफिक को काफी हद तक संभाल लेगी। फिर बेंगलुरू की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकेगा।

बेंगलुरु शहर को यहां के एयरपोर्ट को मेट्रो या रैपिड रेल से जोड़ने की योजना है। इस पर तेजी से अमल जरूरी है। मैं मार्च 2017 के अंतिम दिन अखबार में पढ़ता हूं कि बेंगलुरु के व्यस्त केआर मार्केट इलाके में अंडरग्राउंड मेट्रो का सफल ट्रायल रन संपन्न हुआ है। बाद में 18 जून को मेट्रो का ग्रीन लाइन नेटवर्क के संचालन की खबर आती है। उम्मीद है अगली बेंगलुरू यात्रा में मेट्रो ज्यादा इलाके में कुलांचे मार रही होगी और उसका लाभ शहर को घूमने में मिलेगा।

नम्मा मेट्रो - फिलहाल संचालन में लाइनें

परपल लाइन – बायपनहाली से मैसूर रोड – 18.22 किमी- 17 स्टेशन

ग्रीन लाइन –  नागसांद्रा –से येलेचेनहाली 24.2 किमी – 24 स्टेशन

पहली मेट्रो – सुबह 5.20 बजे से आखिरी रात 9.30 बजे।

बारंबारता – 10, 15, 20 मिनट (समयानुसार )

अधिकतम संचालन गति – 90 किलोमीटर प्रति घंटा

गेज – स्टैंडर्ड, 1435 एमएम – 750 वोल्ट डीसी

नम्मा मेट्रो की वेबसाइट देखें -  http://www.bmrc.co.in/

-        विद्युत प्रकाश मौर्य  Email - vidyutp@gmail.com

( BENGALURU METRO, NAMMA METRO ) 



8 comments:

  1. रोचक पोस्ट

    दिल्ली मेट्रो बहुत पसंद आई थी

    अब बैंगलोर आएंगे तो वहां की मेट्रो का भी अनुभव प्राप्त करेंगे

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  2. बढिया जानकारी

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  3. दिल्ली मेट्रो पर सवारियों का बोझ कहीं अधिक है विद्युत् जी | फिर भी जो सुविधायें आपने बतायी हैं निश्चित रूप से अनुसरण करने योग्य हैं | आपकी पोस्ट तो हमारे पठन के लिए दाना पानी के सामान ही है , आकर तृप्ति हो जाती है | घूमते रहे और लिखते रहे

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  4. वाह!! बेंगलुरु मेट्रो का विवरण रोचक है। मेट्रो में एलईडी स्क्रीन का होना बढ़िया है। दिल्ली में ये होना चाहिए। वैसे शौचालय वगेरह दिल्ली मेट्रो में फ्री में हो गये तो उनकी हालत भी सुलभ शौचालय जैसी हो जाएगी। उधर इतनी भीड़ आती है। ऐसे में थोडा पैसा देना पड़े तो सफाई के लिए वो ज्यादा बुरा नहीं है। अगली पोस्ट का इन्तजार है।

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  5. धन्यवाद, अगली पोस्ट हाजिर है...

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