Friday, July 21, 2017

आइए जानें कर्नाटक की खास मिठाई के बारे में

हर राज्य की कुछ मिठाइयां खास होती हैं। तो कर्नाटक की सबसे खास मिठाई है मैसूर पाक। इसका नाम मैसूर पाक कैसे पड़ा। कहा जाता है कि यह मिठाई मैसूर के राजा के रसोई में पहले बनी थी, बाद में इसका स्वाद आम आदमी को भी मिलने लगा। पर अब तो इसका मज़ा पूरे हिन्दुस्तान में लिया जाता है।

 मैसूर पाक खाने में इतनी मुलायम होती है कि मुंह में रखते ही घुल जाती है। घी के कारण इसमें एक भारीपन होता है इसलिए थोड़ी सी मिठाई खाने पर भी लगता है कि काफी कुछ खा लिया। 

बेंगलुरु शहर के प्रमुख स्वीट शॉप में मैसूर पाक मिल जाती है। कर्नाटक के सरकारी ब्रांड नंदिनी मैसूर पाक बनाती है। इसके अलावा बेंगलुरु के लोकप्रिय मिठाई निर्माता लाल और मियाज में भी आप मैसूर पाक खरीद सकते हैं।

दक्षिण भारत की इस खास मिठाई मैसूर पाक़ को किसी भी स्पेशल अवसर या किसी भी त्यौहार पर घर में बनाया भी जा सकता है। मावा और पानी न होने की वजह से मैसूर पाक की लाइफ बहुत अधिक मानी जाती है। बेहद स्वादिष्ट मैसूर पाक रैसिपी बनाने में भी बेहद आसान ही होती है। इसके निर्माण में घी, चीनी और बेसन का इस्तेमाल होता है। इसको बनाना बहुत मुश्किल काम नहीं है पर समय काफी लगता है। इसमें मौजूद घी स्वाद को बढ़ाता है। बेंगलुरु में मैसूर पाक का भाव 400 रुपये किलो के आसापास है। 

नंदिनी का मैसूर पाक 500 ग्राम के पैक में और उससे छोटे पैक में भी मिल जाता है। आप 25 ग्राम, 100 ग्राम, 250 ग्राम का पैक भी खरीद सकते हैं। 25 ग्राम के पैक में सिर्फ एक मिठाई होती है। इस बार के बेंगलुरु प्रवास के दौरान हमने कई बार मैसूर पाक का स्वाद लिया। जिस मित्र रिश्तेदार के घर गए उनके यहां भी यही मिठाई लेकर हाजिर। आखिर दिन थोड़ी सी मिठाई लेकर दिल्ली भी चले।


बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थित स्वीट शॉप में भी आपको मैसूर पाक मिल जाएगा। यहां से आप धारवाड़ पेड़ा भी खरीद सकते हैं। इसके अलावा हुब्बली के पेड़े के भी अपना स्वाद होता है।

पर एयरपोर्ट पर स्थित दुकान में मिठाइयां बाजार से दुगुने दाम पर मिलती हैं। इसलिए अच्छा होगा कि बाजार के किसी आउटलेट से ही मैसूर पाक खरीदें। वैसे ऐयरपोर्ट के बाहर नंदिनी का स्टाल भी है। आजकल फ्लेवरमाइ सिटी जैसी वेबसाइट से आप आनलाइन भी मैसूर पाक जैसी मिठाई मंगा सकते हैं।



बेंगलुरू से वापसी और जेट एयर का बुरा अनुभव 
दो अप्रैल की शाम हम बेंगलुरु से दिल्ली वापस आ रहे हैं। एक बार फिर ओला कैब से एयरपोर्ट की राह पर हैं। शहर के ट्रैफिक को देखते हुए ढाई घंटे का अंतराल लेकर चल रहे हैं। हमलोग पर्याप्त समय पहले चेकइन करके इंतजार कर रहे हैं। हमारी फ्लाइट जेट एयर की है। नियत समय पर हमलोग अपनी सीट ले चुके हैं। यह ए 330 विमान है। इसमें आगे की कुछ सीटें बिजनेस क्लास की हैं। इससे पहले हमने एक बार जेट से दिल्ली से चेन्नई की उड़ान भरी थी। तब जेट ने बहुत ही सुस्वादु दक्षिण भारतीय भोजन पेश किया था। पर इस बार का भोजन औसत से नीचे रहा। चावल, पालक पनीर आदि की छोटी सी प्लेट थी। खाना अनादि को भी पसंद नहीं आया। हालांकि विमान में मनोरंज के इंतजाम बेहतर थे। आंतरिक वाईफाई से आप फिल्में गाने और टीवी के प्रोग्राम देखकर समय काट सकते हैं। यह हमें काफी अच्छा लगा।

पर बुरा अनुभव रहा उड़ान का। विमान को कोई कैप्टन जयंत उड़ा रहे थे। रनवे से हवा में जाने के दौरान विमान कभी बायें तो कभी दाएं तेजी से झुक रहा था। तमाम यात्रियों को चक्कर आ जा रहा था। पर बेंगलुरु से दिल्ली के दरम्यान भी विमान कभी बार तेजी से नीचे आया। हवा में कई बार स्विंग भी करता रहा। मैं अब तक 20 से ज्यादा बार उड़ान भर चुका हूं, पर इतना बुरा अनुभव कभी नहीं हुआ। कई बार ऐसा लग रहा था कि कोई बैलगाड़ी गांव के टूटे फूटे कच्चे सड़क पर दौड़ रही हो। खैर दिल्ली के टी 3 पर सकुशल उतरने पर ईश्वर को धन्यवाद दिया। हमने जेट प्रबंधन को इस उडान की शिकायत भी की। उनका उत्तर भी आया कि हमने आपकी शिकायत पर गंभीरता से नोटिस लिया है। तो एक बार फिर वापस आ गए हैं हम अपनी दिल्ली में। ( इस बार कर्नाटक बातें बस इतनी...फिर किसी राज्य में ) 

 - vidyutp@gmail.com

( MYSORE PAK, SWEETS, NANDINI, LAL, JET AIR )  

बेंगलुरु एयरपोर्ट का वेटिंग लाउंज. 


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