Monday, July 17, 2017

बंगलुरु - एमजी रोड की एक सुहानी शाम

हर शहर में एक सड़क होती है जहां शहर का दिल धड़कता हुआ महसूस किया जा सकता है। तो बेंगलुरु शहर का सबसे ग्लैमरस इलाका है एमजी रोड। एमजी रोड मतलब महात्मा गांधी रोड। सुबह हो या दोपहर या फिर शाम यहां रौनके बहार रहती है। मध्य रात्रि तक यहां आप लोगों की भीड़ भाड़ देख सकते हैं। अब एमजी रोड पर इसी नाम से एक मेट्रो का स्टेशन भी है। मेट्रो स्टेशन 2011 में आरंभ हुआ। यानी आप एमजी रोड मेट्रो से भी पहुंच सकते हैं।

वैसे बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन से एमजी रोड की दूरी महज दो किलोमीटर है। यह इलाका मलेश्वरम, कब्बन पार्क, विधानसभा आदि स्थलों से भी काफी नजदीक है। एमजी रोड दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन की तरह है। जहां की शाम युवा धड़कनों से रंगीन होती है। तकरीबन एक किलोमीटर सड़क पर विशाल शो रुम हैं। खाने पीने के रेस्टोरेंट हैं। एमजी रोड की शुरुआत चिन्नास्वामी स्टेडियम से हो जाती है। चौड़ी सड़क के दोनों तरफ हरे भरे फुटपाथ हैं। यहां आप बड़े शोरुम के अलावा स्ट्रीट शापिंग का मजा ले सकते हैं।

एमजी रोड के बीचों बीच ब्रिगेड रोड नामक सड़क है। इस सड़क पर भी इसी तरह का बाजार है। ब्रिगेड रोड एमजी रोड और रेसिडेंसी रोड को जोड़ता है। यह शहर का बड़ा व्यवसायिक केंद्र है। मुझे सड़क पर दो सौ नौजवानों की लाइन दिखाई देती है। मैं पूछता हूं किस बात की लाइन है। वे बताते हैं फोन खरीदने के लिए। एक नामचीन कंपनी का नया मोबाइल फोन आया है। यह 35 हजार रुपये का है। इसे खरीदने के लिए 500 से ज्यादा लोग लाइन में हैं। फोन के प्रति युवाओं की दीवानगी तो है ही। पर बेंगलुरु औसत वेतन पाने वालों के मामले में दिल्ली और मुंबई से ऊपर है। इसलिए यहां खर्च करने वाला भी बड़ा तबका रहता है। इसलिए तो बेंगलुरु में प्रोपर्टी के भाव भी ज्यादा हैं।

तो चलिए एक बार फिर एमजी रोड पर ही चलते हैं, कुछ खाते पीते हैं। मैकडोनाल्ड, केएफसी या फिर डोमिनोज में। ब्रिगेड रोड सालों से नौजवानों में लोकप्रिय है। खासतौर पर 31 दिसंबर को नए साल के स्वागत के लिए यहां हजारों लोग जुट जाते हैं, ठीक उसी तरह जैसे दिल्ली के कनाट प्लेस में।

वैसे देश के कई प्रमुख शहरों में एमजी रोड नाम से सड़क है। ज्यादातर शहरों में एमजी रोड वहां की प्रमुख शहर है। दिल्ली में तो रिंग रोड का ही नाम एमजी रोड है। बेंगलुरु का एमजी रोड ट्रिनिटी सर्किल से शुरू होकर अनिल कुंबले सर्किल तक जाता है। 70 साल पहले के एमजी रोड और आज के एमजी रोड में काफी बदलाव आया है, पर रौनक यूं ही बरकरार है।  आजादी से पहले एमजी रोड साउथ परेड रोड के नाम से जाना जाता था। पर देश आजाद होने पर 26 फरवरी 1948 को इसका नाम राष्ट्रपिता के सम्मान में रखा गया।

एमजी रोड पर अब भी आपको कुछ पुरानी इमारतें देखने को मिल सकती हैं जो ब्रिटिशकालीन वास्तुकला का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालांकि कई इमारतों के बाहरी डिजाइन में समय के मुताबिक बदलाव आ रहा है।
-vidyutp@gmail.com
( MG ROAD, BRIGADE ROAD, BENGALURU ) 

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