Tuesday, July 11, 2017

चलो थोड़ा रुमानी हो जाएं... ट्यूलिप्स में मौज मस्ती की दोपहर

बेंगलुरु में एक दिन हमने तय कर रखा था बानेरघटा नेशनल पार्क देखने के लिए। हम पूरी तैयारी करके निकल भी पड़े पार्क देखने के लिए। पर पार्क के गेट पर जाकर पता चला कि आज मंगलवार है और आज पार्क बंद रहता है। हालांकि हमने बानेरघटा नेशनल पार्क को लेकर खूब रिसर्च कर लिया था। बेंगलुरु आने पर हमारे दर्शनीय स्थलों की सूची में यह शामिल था। पर कभी कभी आपसे गलती हो जाती है। सो हमने इसके वेबसाइट पर इसके बंद होने का दिन ठीक से नहीं चेक किया था। अब पार्क के गेट तक पहुंच ही गए तो गेट की तस्वीर ले लेते हैं। इस नेशनल पार्क तक मैजेस्टिक से वातानुकूलित और समान्य बसें भी आती हैं। पार्क में आप सफारी का मजा ले सकते हैं। साथ ही बटरफ्लाई पार्क यहां आने पर जरूर देखें। हम तो अगली बार ही यहां पहुंच सकेंगे।

अब घर से निकले थे तो कहीं न कहीं घूमना ही था। पार्क बंद देखकर आसपास में किसी और स्थल की तलाश शुरू की। हमारे साथ अनादि और पुलकित हैं। दोनों ही छठी कक्षा से सातवीं में जाने वाले हैं। परीक्षा के बाद छुट्टियां हैं तो थोड़ा मौज मस्ती के मूड में हैं।

रास्ते में एक जगह रुक कर नंदिनी का आईसक्रीम खाते हुए हमलोग कुछ विचार करते हैं। वापस लौटते हुए बानेरघटा रोड पर ही ट्यूलिप्स का बोर्ड नजर आता है। 

ट्यूलिप बानेरघटा रोड पर 18वें किलोमीटर पर स्थित है। सडक के बायीं तरफ आपको अंदर दो किलोमीटर जाना पड़ता है। बिल्कुल प्रदूषण मुक्त ग्रामीण परिवेश में रिजार्ट स्थित है। यहां आवासीय कमरे, रेस्टोरेंट, एम्युजमेंट पार्क मतलब ढेर सारे झूले और तीन स्विमिंग पुल हैं। इसके अलावा आने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए लाइव शो भी चलता रहता है।

ट्यूलिप्स के स्वागत कक्ष पर बेहतरीन हिंदी में एक बाला हमारा स्वागत करती है। बताया बच्चों का टिकट 200 का बड़ों का 250 का। हमने तुरंत ही तीन टिकट ले लिए। पार्किंग बिल्कुल फ्री। अनादि का गोल्डेन बीच चेन्नई में मौज मस्ती करने का अनुभव था। वे यहां भी अंदर घूसते ही झूले पर चढ़ गए। 12 से ज्यादा झूले है। ट्यूलिप्स में। कुछ झूले पर मैं भी चढ़ा पर इस बार ज्यांट ह्वील पर नहीं चढ़ा। दो घंटे से ज्यादा झूलों के साथ दिल भर गया तो हम चले स्विमिंग पुल की ओर। 

स्विमिंग कास्ट्यूम लेने के बाद हमलोग कूद पड़े पुल में। पुल में भी दो घंटे से ज्यादा मजे करते रहे। कुछ कालेजों के लड़के लड़कियां भी यहां मौज मस्ती के मूड में थे। कभी छोटे पुल में तो कभी बड़े पुल में। जब जी भर गया तो भूख की याद आई। ट्यूलिप के रेस्टोरेंट में पहुंचे। खाने पीने की दरें वाजिब थी। एक प्लेट वेज बिरयानी हम तीनों के लिए काफी था।

छककर खाने के बाद लाइव शो की ओर चले। राजस्थान से आए कलाकार मुक्ताकाश मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। खास तौर पर कीलों पर नंगे पांव अलग अलग तरह के नृत्य का प्रदर्शन। उनकी कला देखकर मजा आ गया। ट्यूलिप्स में कई तरह के इंडोर गेम्स का भी इंतजाम है। आप यहां दिन भर का वक्त मजे से गुजार सकते हैं। ट्यूलिप्स की सबसे खास बात है कि यह आपकी जेब के अनुकूल है। दिल्ली में कोई ऐसा पार्क होगा तो उसकी टिकट 250 की जगह 1000 होगी। 

-   विद्युत प्रकाश मौर्य  ( TULIPS RESORTS ) 








ट्यूलिप की वेबसाइट - http://www.tulipsresort.com/





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