Sunday, September 11, 2016

रेडस्किन द्वीप - कुदरत का अनमोल खजाना ((32))


रेडस्किन की ओर जा रहे हमारे फेरी में कुल आठ लोग हैं। मेरे अलावा सात लोग असम के बारपेटा से आए हैं। वे लोग वहां अलग अलग कालेजों में शिक्षक हैं जो एलटीसी पर घूमने आए हैं। वैसे फेरी में 28 लोगों के लिए जगह है। आज सैलानी कम हैं इसलिए एक ही फेरी जा रही है। अन्यथा रोज तीन फेरी जाती है। प्रबंधकों ने बताया कि अगर दो टिकट भी बिके हों तो फेरी का संचालन होगा। सिर्फ आठ लोग फेरी में, कुछ शाही अंदाज महसूस हो रहा है। हल्की बारिश मौसम को सुहाना बना रही है। तेज बारिश मौसम खराब होने पर यात्रा रद्द भी हो सकती थी। हमारी फेरी 9.30 बजे मैकफरसन स्ट्रेट से धीरे धीरे आगे बढ़ती है। तभी रास्ते में एक मगर चहलकदमी करता दिखाई देता है। हम सब लाइफ जैकेट पहने हुए हैं। मैं लगातार कैमरे से और मोबाइल से क्लिक करने में जुटा हूं।

हमारे साथ वन विभाग का एक अधिकारी, एक सहायक, एक महिला पुलिस, एक पुरुष पुलिस और एक कंपाउंडर की टीम भी है। एक घंटे के धीमे सफर के बाद हम रेडस्किन के करीब पहुंच गए हैं। फेरी किनारे नहीं लगती है। एक छोटी नाव से हमें रेडस्किन की तट पर ले जाया जाता है। इस द्वीप का क्षेत्रफल 7.07 वर्ग किलोमीटर है। द्वीप पर कोई आबादी नहीं रहती। परमिट लेकर आने वाले सैलानी सिर्फ दिन में आ सकते हैं।

रेड स्किन द्वीप पर नाव लगने वाले तट पर कुछ हट्स बनाए गए हैं जहां आप लकड़ी के बेंच पर बैठकर आराम फरमा सकते हैं। एक व्यू प्वाइंट बना है। यहां सैलानियं के लिए टायलेट का इंतजाम है। पर खाने पीने का कोई स्टाल नहीं है। आप चाहें तो अपने खाने का सामान साथ लेकर आ सकते हैं। हमारे साथ आए वन विभाग और पुलिस कर्मी अपना टिफिन लेकर आए हैं। पुलिस के जवान सकीना सिंह के पुरखे झारखंड से अंदमान आए थे।
रेडस्किन द्वीप पर सैलानियों के लिए एक जंगल ट्रैक बनाया गया है जिसपर घूमते हुए आप जंगल की वन संपदा को देखतेहुए आगे बढ़ते हैं। कोई 500 मीटर की यात्रा करके वापस आप समुद्र तट पर पहुंच जाते हैं। इस यात्रा में द्वीप के प्राकृतिक जंगलों और हरियाली के सुंदर दर्शन होते हैं। हल्की बारिश रेडस्किन के सौंदर्य को और भी सुंदर बना रही है। द्वीप पर कई तरह के जंतु और कीड़े मकोड़े भी हैं। फेरी से पहुंचने के बाद आपके पास दो घंटे से अधिक वक्त होता है इस द्वीप पर बीताने के लिए। पर यह वक्त हमेशा के लिए यादगार बन जाता है। यहां की हरियाली और वनों की पगडंडियां हमेशा के लिए मन में बस जाती हैं।
इस द्वीप का नाम रेड स्किन इसलिए पड़ा क्योंकि इसके आसपास लाल रंग के कोरल ( प्रवाल ) की अधिकता है। रेडस्किन के जंगलों में थोड़ा संभल कर चलने की जरूरत है। रास्ते उबड़ खाबड़ हैं, कीड़े मकोड़ों के काटने का भी थोड़ा खतरा हो सकता है।पर घबराएं नहीं आपके साथ एक मेडिकल टीम भी आती है आपकी मदद के लिए। दोपहर ढाई बजे के आसपास हमारी रेड स्किन से वापसी वांडुर तट के लिए होती है। पर 14 जुलाई 2016 का यह आधे दिन का सफर जेहन में बस जाता है।


-         विद्युत प्रकाश मौर्य
(ANDAMAN, WANDUR, RED SKIN, CORAL, PORT BLAIR ) 
रेडस्किन द्वीप की हरी भरी दुनिया ।


अंदमान की यात्रा को पहली कड़ी से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।  




7 comments:

  1. अंडमान की जानकारी ।।।जाना तो बनता है

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  2. अंदमान जाने की इच्छा बढ़ गयी है ।

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  3. शुरुआत से पढे. कुल 40 पोस्ट हैं

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