Friday, August 26, 2016

सालों भर सैलानियों की जमघट रहती है अंदमान में... ((20))

अंदमान में पोर्ट ब्लेयर का मुख्य डाकघर 
वैसे तो अंदमान सदाबहार पर्यटक स्थल है। यहां सालों भर देशी विदेशी सैलानियों की जमघट रहती है। पर कब आने की बात की जाए तो लोग सबसे बेहतरीन महीना जनवरी का मानते हैं। जो लोग समुद्री मार्ग से आना चाहते हैं, उस समय यानी जनवरी में सी सीकनेस की संभावना सबसे कम रहती है। जनवरी में अंदमान की रातें सर्द रहती हैं इसलिए यहां का मौसम चटकीला रहता है। पर सैलानियों की भीड़ के कारण ज्यादातर टूरिस्ट प्लेस में यहां पर पहले से लंबी बुकिंग रहती है। इसलिए आपको पहले से तैयारी करके आना होगा। गर्मी और दशहरे की छुट्टियों में भी अंदमान में सैलानियों की आमद बढ़ जाती है। जब तक पोर्ट ब्लेयर न आए हों तो लगता है कि यहां कम लोग आते होंगे पर हकीकत है कि अंदमान देश का ऐसा राज्य है जहां आने की तमन्ना काफी लोग संजोए रहते हैं।
अंदमान आने वाले 90 फीसदी लोग एलटीसी लेकर यानी सरकारी खर्चे पर होने वाली पारिवारिक यात्रा के तहत आते हैं। आना जाना खर्चीला होने के कारण लोग अपने बजट से आने की योजना कम ही बनाते हैं। अंदमान के लिए बहुत सी एजेंसियां टूर पैकेज बेचती हैं। यहां के होटल वाले भी टूर पैकेज बनाकर बेचते हैं। अंदमान टूरिज्म और शहर में कई और आपरेटर भी कई तरह के टूर पैकेज बेचते हैं।

कई माह पहले बनाएं टूर प्लान -  पर अगर आप अंदमान रियायती दरों पर घूमना चाहते हैं तो अपना टूर प्लान कई महीने या एक साल पहले बना लें। जब हवाई टिकट काफी रियायती दर पर मिल रहा हो तो टिकट खरीद लें। इसके साथ ही होटल भी बुक कर लें। इसके लिए आप गोआईबीबो डाट काम देखते रहें। आप दिल्ली , कोलकाता, चेन्नई जहां से भी रियायती टिकट मिले खरीद सकते हैं। इसके अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
अगर आप अंदमान आकर अपना घूमने फिरने की योजना खुद बनाएं तो टूर प्लानर के भारी भरकम पैकेज से बच सकते हैं। रहने और खाने पीने के लिहाज से अंदमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर काफी किफायती शहर है। बस यहां पहुंचना महंगा सौदा है। आप यूं समझे की अंदमान की तुलना में आप भारत के किसी शहर खास तौर पर कोलकाता से थाईलैंड सस्ते में घूम कर आ सकते हैं। पर अंदमान का अपना अलग जादू है। इसलिए जीवन में एक बार अंदमान तो जरूर पहुंचिए।

कितने दिन रहे यहां-  ये बड़ा सवाल है। अब अंदमान पहुंचना अपेक्षाकृत तौर पर मंहगा सौदा है। इसलिए यहां आने के लिए कम से कम पांच दिन यहां प्रवास की योजना बनाएं। अंदमान के सारे हिस्से घूमना चाहते हैं तो यहां दस दिन रुकना चाहिए।
अंदमान की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में आप सबसे सस्ते में अबरडीन बाजार के संपत लॉज में ठहर सकते हैं। महज 300 रुपये प्रतिदिन से शुरुआत। इसके बाद आप कुछ बजट होटल या फिर दो या तीन सितारा होटलों को ठिकाना बना सकते हैं। अगर आप जंगली घाट के किसी होटल में रुकते हैं तो एयरपोर्ट से टहलते हुए अपने होटल तक पहुंच सकते हैं। बस स्टैंड के पास शाह एंड शाह होटल में भी रुक सकते हैं। मेरी पसंद रही हैडो का ड्रीम पैलेस। इसके प्रोपराइटर सरदार मनदीप सिंह टूर एंड ट्रैवेल एजेंसी भी चलाते हैं।
पूरा अंदमान हिंदी भाषी प्रदेश है। बंगाली, बिहारी, छत्तीसगढ़ी, तमिल और मलयाली सभी मूल के लोग यहां बेहतर हिंदी बोलते हैं। यहां के लोग पूछने पर सही जानकारी देते हैं। किसी सवाल पर बड़े अदब से पेश आते हैं। झूठ, फरेब और ठगी यहां के लोगों के फितरत में नहीं है।  
अंदमान में क्या क्या देखें


पोर्ट ब्लेयर शहर में – सेल्युलर जेल, राजीव गांधी वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, कार्बन कोव द्वीप, जागर्स पार्क,  अबरडीन बाजार,  जल जीव शाला, एंथ्रोपोलाजिकल म्यूजियम, समुद्रिका मरीन म्यूजियम,  मिनी जू हैडो,चाथम शॉ मिल संग्रहालय।

पोर्ट ब्लेयर के आसपास – बंबू फ्लैट द्वीप, माउंट हेरियेट पर्वत चोटी, काला पत्थर, नार्थ बे, रॉस आइलैंड, चिड़िया टापू, वांडूर, महात्मा गांधी मरीन कांप्लेक्स, रेड स्कीन और जॉली बे द्वीप, वाईपर द्वीप, हैवलॉक द्वीप, नील द्वीप।

पोर्ट ब्लेयर से बाहर - रंगत, माइबंदर, कदमतल्ला, डिगालीपुर में कई तरह के बेहतरीन स्पॉट हैं जहां आप जा सकते हैं।  

- विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com

अंदमान की यात्रा को पहली कड़ी से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।  
     

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