Sunday, June 30, 2013

दीव का निर्मल माता चर्च

दीव के आस्था के स्थलों में प्रमुख है निर्मल माता चर्च। यह चर्च 400 साल से अधिक पुराना है जो देश के प्रमुख पुराने चर्च में से एक है। यह एक पुर्तगाली चर्च है। इसे निष्कलंक या निर्मल माता चर्च के अलावा सेंट पाल चर्च के नाम से भी जाना जाता है। इस चर्च का निर्माण 1601 में आरंभ हुआ था। करीब 9 साल बाद 1610 में इसका निर्माण पूरा हुआ। इस चर्च के शिल्प को स्थापत्य कला के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके आगे के हिस्से में अनूठी कलाकृतियों को सज्जित किया गया है। एक बारगी बाहर से देखने में लोगों की नजरें इसके सौंदर्य पर रूक जाती हैं। इसके निर्माण में भारतीय शिल्प कला का भी सुंदर मेल दिखाई देता है।

चर्च के आंतरिक सज्जा में गर्भ गृह, कमान और गुबंद आदि का सौंदर्य भी देखकर अचरज होता है। आतंरिक सज्जा में पुल्पिट या व्यासपीठ में भारतीय स्थापत्य कला की झलक दिखाई देती है। इसमें हिंदू, मुस्लिम और ईसाई संस्कृति की झलक दिखाई दे जाती है। आंतरिक सज्जा में काष्ठ शिल्प का अदभुत काम दिखाई देता है। यह चर्च उस समय बना था जब कोई कंप्यूटर नहीं आया था, तकनीक इतनी विकसित नहीं थी। पर इसका शिल्प देखकर आधुनिक वास्तुकार भी दांतो तले अंगुलियां दबा लेते हैं। चर्च के लकड़ी के दरवाजों पर सुंदर काम दिखाई देता है। चर्च की इमारत सफेद रंग की है।

इसके कमान और गुंबद के निर्माण में इस बात का ख्याल रखा गया है कि इमारत को आंधी और भूकंप से बचाया जा सके। दीव के सेंट पॉल चर्च के अंदर सेंट मेरी की मूर्ति स्थापित है। यह एक बड़े आकार की बर्मा टीक ( सागवान) की लकड़ी से बनी है। डिजाइन की लिहाज से दीव का सेंट पॉल चर्च बॉम एन्ड जीसस बेसिलिका गोवा की तर्ज बना हुआ भी लगता है। दीव में रहने वाले कुछ सौ इसाई समुदाय के बीच ये सबसे बड़ा चर्च है।




 कैसे पहुंचे - यह सुंदर चर्च दीव में दीव के किले के पास स्थित है। जब आप चर्च में पहुंचते हैं तो अदभुत शांति का एहसास होता है। यहां पर मोबाइल फोन बंद रखने के निर्देश हैं। चर्च में नियमित और साप्ताहिक प्रार्थना होती है। दीव का भ्रमण कराने वाले आटो रिक्शा वाले आपको दीव के निर्मल माता चर्च लेकर जाते हैं।

( DIU, CHURCH ) 
    


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