Wednesday, August 15, 2012

घड़ियालों का बड़ा प्रजनन केंद्र है पटना का चिड़ियाघर

वैसे तो देश भर में कई चिड़ियाघर हैं लेकिन पटना का जू यानी जैविक उद्यान उनके बीच अपनी अलग पहचान रखता है। हाल के सालों में यह घड़ियाल के सबसे बड़े प्रजनन केंद्र के तौर पर उभरा है। तो अब यह गेंडों की संख्या में भी नंबर वन बन गया है। वैसे क्षेत्रफल में भी ये दिल्ली के चिड़िया घर से काफी बड़ा है।
पटना के बेली रोड पर स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान पटना के लोगों के लिए घूमने की सबसे लोकप्रिय जगह है। पर यहां पूरे बिहार झारखंड के लोग घूमने आते हैं। पटना आने वाले सैलानियों की यह पसंदीदा जगह है।

मैं सबसे पहली बार इस जू में गया था 1979 में। पिताजी के एक दोस्त रहते थे राजवंशी नगर में। उनके बच्चों के साथ पूरे चिड़िया घर की सैर की थी। वह पहला मौका था जब मैंने कोई जू देखा था। खास तौर पर गेंडा और दरियाई घोड़ा खूब पसंद आए थे। तब इससे संजय गांधी का नाम नहीं जुड़ा था। पर 1980 में संजय गांधी के विमान हादसे में निधन के बाद इस चिड़ियाघर के नाम के साथ संजय गांधी का नाम बिहार की तत्कलीन कांग्रेस सरकार ने जोड़वा दिया। इसके बाद इसे संजय गांधी जैविक उद्यान के नाम से जाना जाने लगा।



खिलौना ट्रेन का सफर-  पटना का ये चिडियाघर बिहार के राज्यपाल निवास के बिल्कुल बगल में है। तब भी इस जू में एक खिलौना ट्रेन चलती थी। आज भी चलती है। ये ट्रेन पूरे चिड़िया घर की सैर कराती है। चिड़ियाघर में खिलौना ट्रेन के सफर को अब और भी शानदार बना दिया है इसके फॉरेस्ट ट्रेल ने। यानी आपको जंगल की सैर जैसा एहसास कराती है ये रेल। 



अनूठा ट्री हाउस -  पटना के चिड़ियाघर में शेरबाघ,भालूदरियाई घोड़ागेंडा जैसे जानवर तो हैं ही वनस्पति का भी बहुत शानदार संकलन है। एक पेड़ पर बना हुआ घर भी है। यह ट्री हाउस देखने में काफी मनभावन लगता है। 

 घड़ियालों का प्रजनन केंद्र -  पटना का चिड़ियाघर आजकल घड़ियालों के प्रजनन का बहुत बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां से घड़ियाल प्रजनन के बाद गंगा नदी में छोड़े जाते हैं। 1979 के बाद कई बार पटना के इस चिड़ियाघर में गया,लेकिन हर बार कुछ नएपन का एहसास होता है। सांपबंदर और न जाने कितने तरह के पशु पक्षी आप देखते-देखते थक जाएंगे। 

 घूमते घूमते थक जाएं तो जू के अंदर बोटिंग का भी इंतजाम है। यहां पैडल से चलने वाले बोट हैं। चिड़ियाघर के अंदर खाने पीने के लिए एक रेस्टोरेंट भी है। एक सवाल मन में आता है। आखिर इसे चिड़ियाघर क्यों कहते हैं जबकि यहां चिड़िया के अलावा जानवर और वनस्पति का भी संकलन होता है। वैसे जैविक उद्यान सही शब्द है।

 गेंडा की संख्या में नंबर वन बना - साल 2014 में पटना का चिड़ियाघर गेंडों की संख्या में नंबर वन बन गया. अब यहां गेंडा की संख्या 16 हो गई है। दुनिया के किसी चिड़ियाघर में इतनी संख्या में गेंडा नहीं है। पटना के जू में गेंडा का भी प्रजनन केंद्र बनाया गया है। पटना का चिड़ियाघर प्रशासन यहां जीव जंतुओं की संख्या बढ़ाने के लिए देश के दूसरे चिड़ियाघरों से लगातार समन्वय बनाकर रखा जाता है। आदान प्रदान प्रणाली के तहत यहां दूसरे चिड़ियाघरों से जानवर मंगाए जाते हैं और दूसरे चिड़ियाघरों में जानवर भेजे भी जाते हैं।

1970 में हुई शुरुआत -
 पटना के इस चिड़ियाघर की स्थापना 1970 में तत्कालीन राज्यपाल नित्यानंद कानूनगो की प्रेरणा से हुई। उन्होंने राज भवन से लगी विशाल जमीन को चिड़ियाघर और वनस्पति उद्यान के लिए प्रदान किया। ओडिशा के रहने वाले नित्यानंद कानूनगो कांग्रेस के नेता थे। वे 1952 में पहली लोकसभा में सांसद चुने गए थे। 1928 में उन्होंने कोलकाता में सुभाषचंद्र बोस के पिता जानकीनाथ बोस के सहायक के तौर पर वकालत शुरू की थी। 1954 से 1965 तक वे केंद्र में विभिन्न मंत्रालयों में मंत्री रहे। कानूनगो 1967 से 1971 तक बिहार के राज्यपाल रहे। इससे पूर्व वे गुजरात के राज्यपाल रह चुके थे।

संजय गांधी जैविक उद्यान-  बदलता स्वरूप
 
1973 में जनता के लिए खोला गया जैविक उद्यान

34
 एकड़ जमीन प्रदान की थी तत्कालीन राज्यपाल नित्यानंद कानूनगो ने

58
 एकड़ जमीन बाद में और मिली पीडब्लूडी विभाग से चिड़ियाघर को

152
 एकड़ से ज्यादा है अब रकबा, राजस्व विभाग से मिली जमीन के बाद

800
 से ज्यादा जानवर और पशु पक्षी रहते हैं पटना के वनस्पति उद्यान में


22
 लाख दर्शक पहुंचे हैं 2014-15 के दरम्यान, हर साल बढ़ रहे हैं दर्शक।

कैसे पहुंचे -  पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान तक पहुंचना बहुत आसान है। यह पटना के मुख्य सड़क बेली रोड पर स्थित है। रेलवे स्टेशन से दानापुर की तरफ जाने वाले आटो रिक्शा या सिटी बस में बैठकर यहां पहुंचा जा सकता है। पटना के एयरपोर्ट से भी यह काफी नजदीक हैै। चिड़ियाघर के प्रवेश द्वार पर पार्किंग का इंतजाम है। 

-   -------- विद्युत प्रकाश मौर्य

( PATNA, ZOO, BIHAR, SANJAY GANDHI BOTANICAL GARDEN) 

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