Wednesday, June 10, 2015

लोकदेवता - पशुपालकों के पूज्य भुइंया बाबा

उत्तर बिहार के वैशाली जिला ही नहीं बल्कि इसके आसपास के जिले के लोगों के बीच भुइंया बाबा काफी लोकप्रिय हैं। आस्था ऐसी है कि भुइंया बाबा इस क्षेत्र में लोक देवता की बन चुके हैं। वैशाली जिले के ही नहीं बल्कि आसपास के सैकड़ो गांव के लोग हर रोज पानापुर लंगा गांव स्थित भुइंया बाबा के स्थान पर दूध चढ़ाने के लिए जाते हैं। सैकड़ो साल से यहां पशुपालकों द्वारा देवता को दूध अर्पित किया जाता है। वैशाली तथा आसपास के जिले में कृषि एवं पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए भुइंया बाबा के स्थान का बहुत ज्यादा सम्मान है। खास तौर पर भैंस या गाय का पहला दूध तो जरूर ही भुइंया बाबा को अर्पित किया जाता है। बाबा के मंदिर में सोमवार और शुक्रवार को दूध चढ़ाने वालों की भीड़ ज्यादा उमड़ती है।

वसंत पंचमी और दशहरा पर मेला – पानापुर लंगा स्थित मंदिर परिसर में वसंत पंचमी के दिन विशाल मेला लगता है। आमतौर पर वसंत पंचमी के दिन 30 हजार से ज्यादा लोग दूध चढ़ाने पहुंचते हैं। अब भुइंया बाबा के मंदिर क विकास के लिए बाबा बसावन ट्रस्ट बना दिया गया है और यहां पर भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है।

कौन थे भुइंया बाबा – मानर के धुन पर भक्त लोग भुइंया बाबा का गीत गाते हैं जिसमें उनकी बहादुरी की दास्तान होती है। गीतों में बाबा बसावन, बाबा बख्तौर और माता गहिल की कहानी सुनाई जाती है। इसमें कहानी कुछ साफ साफ पता नहीं चल पाती है। लेकिन अनुमान लगाया जाता है कि बाबा बसावन मुगल काल में हुए थे। उन्होंने अपने पशुओं की रक्षा के लिए दुश्मनों से बड़ी लडाइयां लड़ी। गीतों में उनकी बहादुरी का बखान होता है। गीतों में बाबा बख्तौर का नाम आता है जिन्हे यदुवंश का शिरोमणि कहा जाता है। बाबा बख्तौर यदुवंश के बड़े योद्धा हुए। आजकल बाबा बख्तौर की बहादुरी के किस्से वाले आडियो कैसेट भी बनने लगे हैं।

साल 2013 में पानापुर लंगा स्थित बाबा भुइंया के मंदिर और और भव्य रूप प्रदान किया गया। यहां बाबा भुइयां स्थान मंदिर में त्रिदेव मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। बाबा बसावन मंदिर के प्रवेश द्वार के उपरी तल पर अवस्थित नए गर्भ गृह में बाबा बसावन और की मूर्ति प्रतिस्थापित की गई। यहां लोग पशुपालक बाबा बसावन, बाबा बख्तौर एवं मां गहिल की मूर्ति का दर्शन कर सकेंगे। 

कैसे पहुंचे - भुंइयां बाबा वैशाली जिला के मुख्यालय हाजीपुर से 10 किलोमीटर दूर स्थित पानापुर लंगा गांव में बाबा भुइंया स्थान है। हाजीपुर महुआ मार्ग पर सेंदुआरी गांव से पूर्व दिशा में पानापुर लंगा गांव स्थित है जहां भुइंया बाबा का स्थान है। यहां अब भव्य मंदिर बन चुका है।
-         विद्युत प्रकाश मौर्य


2 comments:

  1. कुछ तो बात रही होगी बाबा में ...पहले के लोग होते ही ऐसे थे आज मिलना मुमकिन नहीं .....
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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    1. धन्यवाद कविता जी

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