Tuesday, May 12, 2015

सबके प्यारे हैं दगड़ुसेठ हलवाई के गणपति

देश के सबसे लोकप्रिय गणेश मंदिरों में से एक है दगडुसेठ गणपति। पुणे के बुधवार पेठ में दगड़ुसेठ गणपति का मंदिर स्थित है। यह पुणे शहर का सबसे लोकप्रिय मंदिर है। मंदिर के गणपति का श्रंगार इतना भव्य होता है कि आपको सड़क से चलते हुए भी दिखाई दे जाता है। मूर्ति का श्रंगार अदभुत है जिसे श्रद्धालु देखते ही रह जाते हैं।

दगडुसेठ गणपति मंदिर को श्री दगडुसेठ हलवाई और उनकी पत्नी लक्ष्मी बाई ने बनवाया था। इस मंदिर की स्थापना 1893 में हुई। दगडुसेठ गणेश के परम भक्त थे। पर कहा जाता है कि ये मंदिर उन्होंने तब बनवाया जब उनके प्रिय बेटे की 1892 में प्लेग से मौत हो गई। बेटे के जाने के बाद धार्मिक कार्यों में ज्यादा वक्त बिताने लगे। बाद में यह मंदिर उनके नाम पर ही जाना जाने लगा। ऐसा बहुत कम उदाहरण मिलता है जब किसी मंदिर को उसके भक्त के नाम से ही जाना जाए। 

कानपुर के कायस्थ थे दगड़ुसेठ -  अब एक और रोचक बात दगडुसेठ के बारे में। दगड़ुसेठ किशनसेठ श्रीवास्तव मूल रूप से कानपुर के रहने वाले कायस्थ जाति के थे, जिनका परिवार पुणे चला गया था। वे मूल रूप से भले ही श्रीवास्तव थे लेकिन पुणे आकर हलवाई का काम करना शुरू किया। इस तरह के उदाहरण कम मिलते हैं जब कोई कायस्थ हलवाई का पेशा अपनाए। इस काम के साथ ही वे पुणे में हलवाई के नाम से प्रसिद्ध हो गए। पर हलवाई के साथ ही वे बहुत अच्छे कुश्तीबाज भी थे। अखाड़े में अच्छे अच्छे लोग उनसे मात खा जाते थे। इसके साथ ही वे आजादी के आंदोलन के बड़े नेता लोकमान्य तिलक के दोस्त भी थे। तिलक ने जब सार्वजनिक रूप से गणपति पूजन की शुरुआत की तब इस मंदिर का महत्व बढ़ गया। आज भी इस मंदिर की व्यवस्था अब दगडुसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट देखता है।


सबसे अमीर मंदिर - दान और चंदे के लिहाज से ये महाराष्ट्र के सबसे अमीर मंदिरों में एक है। इस मंदिर की खास बात ये है कि महीने के हर रोज गणेश जी का अलग तरीके से श्रंगार किया जाता है। ये श्रंगार काफी भव्य होता है जो दूर से ही जगमग करता रहता है।

एक करोड़ का बीमा - यह देश के सबसे अमीर मंदिरों में गिना जाता है। इसलिए यहां के गणपति प्रतिमा का एक करोड़ रुपये का बीमा भी कराया गया है। 

हर रोज मंदिर की गणेश प्रतिमा का अलग अलग तरीके से श्रंगार किया जाता है। मंदिर के वेबसाइट पर हर रोज नए श्रंगार की तस्वीर अपलोड की जाती है। मंदिर ट्रस्ट कई तरह के समाज सेवा प्रकल्प भी पुणे शहर में चलाता है। मंदिर की ओर से शहर में एक वृद्धाश्रम चलाया जा रहा है।

कैसे पहुंचे - गणपति का ये मंदिर पुणे के भीड़भाड़ भरे बाजार में स्थित है। अगर आप अपने वाहन से जाते हैं तो पार्किंग में दिक्कतें आती हैं। मंदिर के आसपास इलाके में घना बाजार है। आप स्वार गेट बस डिपो से महात्मा फूले मार्केट के लिए बस लें। फूले मार्केट से टहलते हुए मंदिर दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।

गणपति उत्सव पर विशाल मेला- हर साल गणपति उत्सव और गुडी पडवा उत्सव के आसपास दगडुसेठ गणपति मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है। स़डक पर श्रद्धालुओं की इतनी भीड उमड़ती है कि तिल रखने की जगह न मिले। इन दिनों गणेश जी की प्रतिमा का  श्रंगार और भी अदभुत होता है। सालों भर गणपति के दर्शन के लिए राजनेता, फिल्मकार और लोकप्रिय हस्तियों का आना यहां लगा रहता है।  ( http://www.dagdushethganpati.com/ )
- विद्युत प्रकाश मौर्य

( GANPATI TEMPLE, PUNE, DAGRU SETH, KANPUR ) 




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