Tuesday, May 26, 2015

पानीपत का हुक्का और हारमोनियम

पानीपत शहर हुक्का और हारमोनिय के लिए जाना जाता है। इन दोनों की चीजों का यहां बड़े स्तर पर निर्माण होता है। हुक्का हरियाणा की संस्कृति का हिस्सा है। आज भी गांव चौपाल पर लोग हुक्का गुड़गुड़ाते नजर आएंगे। पानीपत के असंध रोड पर स्थित किसान भवन में गांव के किसानों को बैठकर दोपहर में हुक्का गुड़गुडाते देखा जा सकता है। हरियाणा की राजनीति में भी हुक्का का स्थान काफी महत्व का है। हर पार्टी के वरिष्ठ नेता गांव के दौरे में गांव की चौपाल पर हुक्का पीने की रस्म जरूर करते हैं। होगा नशा भी पर ये मिलनसार रस्म का हिस्सा है।

 बात पानीपत की हो रही है तो बता दें कि पानीपत में बड़ी संख्या में कारीगर हुक्का बनाते है। पानीपत के मेन बाजार की गलियों में कई हुक्का की दुकाने हैं। यहां पर कारीगर लकड़ी को तराश कर हुक्का तैयार करते हुए देखे जा सकते हैं। पानीपत आने वाले लोग हुक्का खरीदकर अपने गांव ले जाते हैं। 

हरियाणा के हर परंपरागत घर में हुक्का जरूर देखने को मिल जाएगा। लोग किसी को सम्मान में हुक्का उपहार स्वरुप पेश करते हैं। पानीपत दैनिक भास्कर में काम करते हुए जब हमारे स्थानीय संपादक मुकेश भूषण जी का तबादला हुआ तो स्टाफ की ओर से विदाई समारोह में उन्हें हुक्का भेंट किया गया। बात हुक्के की कीमत की करें तो एक हुक्का 200 से 300 रुपये से आरंभ होता है। आगे उसके साइज और डिजाइन को लेकर कीमतों में इजाफा होता जाता है।

अब बात हारमोनियम की। कहा जाता है  जब अंग्रेजों ने भारत के शासन की बागडोर अपने हाथ में ली थी तो वे अपने साथ संगीत के वाद्य-यंत्र पियानो, ऑर्गनहारमोनियम तथा वायलिन आदि लाए ।  हारमोनियम, पेटी या रीड ऑर्गन भी कहलाता है।  देश भर में बजाए जाने वाले इस वाद्य यंत्र का निर्माण खासतौर पर पानीपत में होता है ये मुझे मालूम न था। सुबह सुबह तहसील कैंप की गलियों में टहलते समय मुझे कुछ घरों से मधुर सी आवाज आती। लगता कोई संगीत का रियाज कर रहा है पर ऐसा नहीं था। वास्तव में हारमोनियम बनाने वाले कलाकार लकड़ी को तराश कर उनसे सुर निकाला करते थे। बहुत ही मेहनत भरा काम है हारमोनियम का निर्माण करना। इसके हर बटन से अलग अलग सुर निकालने के लिए काफी श्रम करना पड़ता है। बाद में इन शिल्पियों द्वारा बनाए गए हारमोनियम बिकने के लिए शोरुम में चले जाते हैं। पानीपत में खालसा म्यूजिक स्टोर, बिशन स्वरूप कालोनी ( निकट बस स्टैंड) से हारमोनियम खरीद सकते हैं।


पानीपत शहर में एक राष्ट्रीयस्तर के हारमोनियम वादक भी हुए दिनकर शर्मा। वे यहां पर एक म्यूजिक स्कूल में संगीत के शिक्षक के तौर पर लंबे समय तक सेवाएं देते रहे। उन्हें मैंने पहली बार वाराणसी में संकट मोचन संगीत सम्मेलन में सोलो हारमोनियम वादन करते हुए सुना था।

दिव्य चक्षु दिनकर शर्मा की पत्नी उन्हें सहारा देकर मंच तक लाती थीं। बाद में उन्हें मैने जालंधर के हरि वल्लभ संगीत सम्मेलन में हारमोनियम पर महमूद धौलपुरी के साथ मुकाबला करते भी देखा। 
Email -  vidyutp@gmail.com 
 ( PANIPAT, HUKKA, HARMONIUM, DINKAR SHARMA) 

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