Saturday, April 4, 2015

स्नान करने लायक नहीं रहा गोदावरी का जल

नांदेड शहर की दूसरी सुबह। मैं और बेटा अनादि हर शहर की तरह यहां भी टहलने निकलते हैं। चलते चलते जा पहुंचते हैं गोदावरी तट पर। वही गोदावरी जिसे दक्षिण भारत में गंगा नदी सा सम्मान प्राप्त है। पर यहां यानी नांदेड़ में हमें गोदावरी नदी के जल को देखकर भारी निराशा होती है। हमें नदी किसी नाले जैसी दिखाई देती है। पानी गंदा और ठहरा हुआ है। नदी के तट पर कूड़े के ढेर लगे हैं। नांदेड़ शहर में भले ही स्वच्छता है पर गोदावरी तट पर गंदगी का आलम है। आखिर जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों का ध्यान इस नदी की सफाई की ओर क्यों नहीं है। पूरे देश में गंगा के सफाई पर खूब की बात की जा रही है। पर अन्य नदियों के साथ भी ऐसी ही चर्चा क्यों नहीं होती।
महाराष्ट्र के त्रयंबक पर्वत से निकली गोदावरी नदी नासिक शहर में तो निर्मल दिखाई देती है। नासिक में इसी नदी के तट पर कुंभ मेला लगता है। पर नांदेड़ में इसका ऐसा बुरा हाल किसने किया। कहा जाता है गोदावरी में स्नान से सारे पाप धुल जाते हैं। पर यहां तो गोदावरी का जल आचमन के लायक भी नहीं है। आलम ये है कि आपके पाप धुले या नहीं पर आपके शरीर की गंदगी तो धुलने से रही। हालांकि नांदेड़ में गोदावरी तट पर सुंदर रिवर फ्रंट बना है। पर इस फ्रंट पर भी गंदगी का आलम है। शहर में नदी पर दो पुल बने हैं। शहर का विस्तार होता दिखाई दे रहा है। नदी के उस पार ही शहर बढ़ रहा है,  पर लोग गोदावरी को बिसराते जा रहे हैं। 
1465 किलोमीटर लंबी इस गोदावरी नदी के बारे में शास्त्रों में कहा गया है - सप्तगोदावरी स्नात्वा नियतो नियताशन:। महापुण्यमप्राप्नोति देवलोके च गच्छति ॥ यानी इस नदी में स्नान से पुण्य की प्राप्ति तो होती ही है साथ ही देवलोक जाने का सुख प्राप्त होता है। पर गोदावरी की दुर्दशा देखकर इसमें स्नान करने की इच्छा नहीं हुई।


दूसरी सबसे लंबी नदी - लंबाई के लिहाज से गोदावरी भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी (1465 किमी) है जो आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और मछलीपट्टनम में बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है। इसे दक्षिण भारत में दक्षिण गंगा या वृद्ध गंगा भी कहते हैं। आंध्र के राजमुंदरी शहर में गोदावरी तट पर विशाल कुंभ लगता है। इसमें स्नान का वही पुण्य है जो गंगा में स्नान का है। राजमुंदरी के बाद गोदावरी दो भागों में बंट जाती है एक का नाम गौतमी गोदावरी है तो दूसरे का नाम वशिष्ठ गोदावरी। पर हमारा दुर्भाग्य है कि ये महान नदी अब देश की सबसे प्रदूषित नदियों मे शामिल है।

06 राज्यों को प्रभावित करती हुई गुजरती है गोदावरी – महाराष्ट्र, कर्नाटक मध्य प्रदेश, छत्तीगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा। रास्ते में कई सहायक नदियां आकर गोदावरी में मिलती हैं। आंध्र प्रदेश में इसके नाम पर राज्य के दो बड़े जिले बने हुए हैं ईस्ट गोदावरी और वेस्ट गोदावरी।


गोदावरी नदी के तट पर प्रमुख शहर – त्रंयबकेश्वर,  नासिक, कोपरगांव, पुणातांबा, नांदेड़, रामागुंडम, मंचरियाल (आदिलाबाद जिला),  भद्राचलम, पोलावरम, राजमुंदरी, काकीनाडा, मछलीपट्टनम। 

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( NANDED, GODAWARI, RIVER, WATER, BATH  ) 

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