Wednesday, April 22, 2015

चलिए रफीक भाई के साथ देश की सैर पर चलें

औरंगाबाद के टैक्सी ड्राईवर रफीक भाई। वे कोई मामूली टैक्सी ड्राईवर नहीं है बल्कि वे एक चलता फिरता टूरिज्म का दफ्तर, वेबसाइट, टूर प्लानर सब कुछ हैं। उनकी जानकारी अदभुत है जो सैलानियों को रोमांचित करती है। पर इन सबके के बीच वे बड़े सहज और शांत हैं।

यह महज संयोग था कि हमने एलोरा और आसपास घूमने के लिए रफी भाई की इंडिका कार बुक की।उनकी गाड़ी हमें होटल श्रीमाया के स्वागत कक्ष के सौजन्य से मिली। तय समय के मुताबिक वे अपनी कार लेकर 30 मार्च को सुबह साढ़े छह बजे हमारे होटल पर पहुंच गए। हालांकि हमने दिन भर का प्लान पहले से तय कर लिया था।

 पर रफीक भाई ने शहर के बारे में हमें जानकारी देनी शुरू की। होटल से बाहर निकलते हैं चौड़ी सड़क पर आया वाकिंग प्लाजा। रफीक भाई बताते हैं कि शहर के लोग सुबह सुबह यहां टहलने आते हैं। जाते समय बाहर की अस्थायी दुकानों से ताजी सब्जियां लेकर जाते है। हमलोग कैंटोनमेंट एरिया पार कर शहर के बाहर मनमाड रोड पर आगे बढ़ रहे हैं। दोनों तरफ हरे भरे पेड़ हैं। वे हमे सुबह के नास्ते में बड़ा पाव खाने लिए बेहतरीन रेस्टोरेंट के बारे में बताते हैं। 

 हम पहले घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करते हैं। उसके बाद कुछ घंटे एलोरा के लिए हैं। हम एलोरा में ही नास्ते में पूड़ी सब्जी, बड़ा पाव लेते हैं। उसके बाद आगे चल पड़ते हैं। रफी भाई हमें अंजीर(फिग) की खेती दिखाते हैं। भद्र मारूति के दर्शन के बाद हमलोग औरंगंजेब की मजार पर पहुंचे। हमारा अगला पड़ाव था दौलताबाद का किला। रफी भाई तमाम स्थलों के बारे में रोचक जानकारियां परोसते रहे।

रफीक भाई अपनी टैक्सी से देशी विदेशी सैलानियों को महाराष्ट्र का हर कोना, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूरा दक्षिण भारत घूमा चुके हैं। इसलिए उन्हें आधे देश के सड़क मार्ग की बहुत अच्छी जानकारी है। वे अपने साथ के सैलानियों को सबसे छोटे और सुविधाजनक मार्गों की जानकारी देते हैं। 

रफीक भाई ने अपने 20 साल के कैरियर में कभी किसी सैलानी को नाराज होने का मौका नहीं दिया। दुनिया के कई देशों के सैलानियों ने उनकी सेवा और ज्ञान से खुश होकर उनके बारे मे दुनिया के कई भाषाओं में लिखा है। आमतौर पर रफी भाई औरंगाबाद रेलवे स्टेशन बाहर आपको मिल जाएंगे। उनका फोन नंबर है – Md. RAFIK +91 98232 08932 ईमेल – md_rafik@rediff.com
एलोरा की गुफाओं में। 


 (AURANGABAD CITY, MARATHWADA, TRAVEL WITH RAFIK BHAI ) 

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