Saturday, March 7, 2015

ओडिशा का अनूठा जैविक उद्यान – नंदन कानन


ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में स्थित नंदन कानन उद्यान देश के सुंदरतम चिड़ियाघरों में से एक है। इसके साथ खास बात यह है कि प्राकृतिक वन क्षेत्र में ये जैविक उद्यान बनाया गया है। कुल 990 एकड़ में फैला नंदन कानन पार्क देश का अनूठा चिड़ियाघर है। भुवनेश्वर शहर से 20 किलोमीटर दूर चंदका के जंगलों के एक हिस्से को प्राणी उद्यान में परिणत किया गया है। इस उद्यान की स्थापना 1960 में हुई। यह देश का पहला जू है जो वर्ल्ड एसोशिएशन ऑफ जू एंड एक्वेरियम का सदस्य है।

सफेद बाघों का निवास -  नंदन कानन सफेद बाघों के लिए प्रसिद्ध है। यहां सफेद बाघ 1980 से निवास कर रहे हैं। यहां पर घड़ियालों का भी प्रजनन किया जा रहा है। 1991 से यहां टाइगर सफारी की भी शुरूआत की गई। यहां आप पेंगोलिन और माउस डियर को भी देख सकते हैं। जैविक उद्यान क्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व का कांजिया लेक भी स्थित है। नंदन कानन जू के नाम पर अब दिल्ली से ओडिशा के लिए एक ट्रेन चलने लगी है नंदन कानन एक्सप्रेस।



वैसे तो नंदन कानन देखने के लिए भुवनेश्वर में रहकर जाना बेहतर है। ऐसे कार्यक्रम में आप दिन भर नंदन कानन में गुजार सकते हैं। जो सैलानी जगन्नाथ पुरी घूमने जाते हैं। वे अक्सर भुवनेश्वर, कोणार्क और नंदन कानन पार्क घूमते हैं। पुरी से आरंभ होने वाले दिन भर के बस पैकेज टूर में आप नंदन कानन भी घूम सकते हैं। इसमें टूरिस्ट बस के सैलानी तकरीबन दो घंटे ही नंदन कानन की सैर कर पाते हैं।
मुझे 1991 के अपने ओडिशा दौरे की याद आती है। पुरी से हम श्रीराम बस सर्विस में सवार हुए थे। हमारे गाइड जिनका अब मुझे नाम याद नहीं आ रहा है, बडी रोचकता से स्थानों का परिचय करा रहे थे। उन्होंने कहा कि वे नंदन कानन की सैर में गाइड करने के लिए अंदर भी आपके साथ रहेंगे। हमलोग जैविक उद्यान के अंदर प्रवेश करने ही वाले थे कि मेरी सबसे छोटी नन्ही बहन रूठ गई। मैं थक गई हूं अब और नहीं चल सकती। सब लोग आगे बढ़े जा रहे थे। काफी समझाने पर भी वह चलने की तैयार नहीं हुई। थक तो मैं भी गया था इसलिए गोद उठाने में आलस आ रहा था। खैर बहन को गोद उठाना ही पड़ा। हम नंदन कानन के अंदर। गाइड महोदय ने एक हाथी से मिलवाया। वह हाथी उनके हर आदेश को मानता था। हाथी गाने पर डांस करके दिखाता था। नमस्ते करता था। अपने सूंड से पानी निकालकर फेंकता था। गाइड महोदय के कहने पर हाथी ने मेरी एक बहन को चूम लिया। यह मेरी बहन को पसंद नहीं आया। वह घर आने पर महीनों उस कपड़े से दूर रही जिसे हाथी ने चूमा था।
अब नंदन कानन जैविक उद्यान में सुविधाएं और भी बढ़ गई हैं। यहां पर झील में नौकायान यानी बोटिंग का भी आनंद उठाया जा सकता है।



प्रवेश का समय - नंदन कानन जैविक उद्यान में आप सुबह 8 से 5 बजे के बीच जा सकते हैं। ( अक्तूबर से मार्च) शेष काल में 7.30 से 5.30 तक।  हर सोमवार को पार्क बंद रहता है। अब इसे पालीथीन मुक्त जोन घोषित कर दिया गया है। साथ ही यहां बाहरी खाद्य पदार्थ लेकर आना भी मना है। अगर आप समूह में पिकनिक मनाने जाना चाहते हैं तो नंदन कानन प्रशासन उसके लिए आपको मामूली शुल्क पर सुविधाएं प्रदान करता है।  http://www.nandankanan.org/

ऐसा है नंदन कानन

126 प्रजातियों को जानवर है यहां
202 बाड़ों में रखा गया है जानवरों को
812 पक्षी और 134 रेप्टाइल ( सरीसृप) भी देखे जा सकते हैं।
32 विदेशी प्रजाति के जानवर भी हैं यहां



- vidyutp@gmail.com ( NANDAN KANAN ZOO, ODISHA, WHITE TIGER ) 



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