Monday, March 30, 2015

छत पर बना डाला हर्बल गार्डन


पूर्वी के दिल्ली के जीटीबी एनक्लेव के एक 40 गज के फ्लैट की छोटी सी छत। इस छत पर बना है भरा पूरा हर्बल गार्डन। छोटे से दायरे में 50 से ज्यादा किस्म के औषधीय पौधे लहलहा रहे हैं। इसके अलवा इन गमले में कई तरह की सब्जियां भी उगा लेते हैं सियाराम कुशवाहा।

इलाहाबाद के रहने वाले सियाराम दिल्ली एक स्कूल में संस्कृत शिक्षक हैं। इतने बड़े महानगर में रहने के लिए छोटा सा आशियाना मिला तो उसके छत औषधीय पौधों की खेती शुरू कर दी। कुछ सालों में मेहनत रंग लाई।

गमले लेमन ग्रास। 
आज उनके हर्बल गार्डन में डायबिटिज की दवा इंसुलीन, दर्द में काम आने वाली लेमनग्रास और पीपरमिंट, कई बीमारियों में काम आने वाली एलोवेरा, गिलोय,  करी पत्ता, वसाका, मरूआ, सफेद ओक, सतावर, अपराजिता, ब्रायोफिलम (पत्थरचूर), सिंदूर, पुदीना, नीम, नींबू, हल्दी करौंदा जैसे औषधीय पौधे छोटे बड़े गमलों में लहलहा रहे हैं।



सब्जियां और फल भी - इसी हर्बल गार्डन में वे कई तरह की सब्जियां भी उगा लेते हैं। यहां पर तोरी, बैंगन, टमाटर जैसी सब्जियां भी उगी हुई हमने देखी। तो यहां संतरा, करौंदा जैसे फल भी गमले में ही फलते हुए देखे जा सकते हैं। इस छत पर पाकड़, बरगद जैसे विशाल पेड़ों की बोनसाई भी देखी जा सकती है।

गमले में फल गया है संतरा। 
पौधों का साथ दूर करता है तनाव - सियाराम बताते हैं कि स्कूल के बाद अपना सारा वक्त इस गार्डन को देता हूं। गार्डन को हरा भरा बनाए रखने में उनकी पत्नी और दो बच्चे भी पूरा साथ देते हैं। बकौल सियाराम किचेन गार्डन एक ऐसा शौक है जो हर तरह का तनाव दूर करता है। साथ ही कई तरह की बीमारियों की दवा भी घर में ही मिल जाती है। तो आप भी तनाव दूर करना चाहते हैं तो पौधों से दोस्ती करने का शौक पाल सकते हैं। 

मुफ्त में बांटते हैं पौधे  अब उनकी पहचान मुहल्ले में हर्बल गार्डन वाले मास्टर जी के तौर पर बन चुकी है। घर के दरवाजे से लेकर सीढ़ियां और छत बाकी घरों से पूरी तरह अलग है। अपने हर्बल गार्डन से इच्छुक लोगों के वे पौधे मुफ्त में बांटते भी हैं। इसके साथ ही वे हर्बल गार्डन लगाने को लेकर लोगों को समय समय पर सलाह देते हैं। 
ये देखिए बोतल में लगाया है आजवाइन का पौधा। 

प्लास्टिक के डिब्बों का इस्तेमाल -  क्या आप जानते हैं कि जिन प्लास्टिक के डिब्बों को आप कचरा समझ कर फेंक देते हैं उनका इस्तेमाल भी तरह तरह के पौधे लगाने में हो सकता है। उनके हर्बल गार्डन में तमाम औषधीय पौधे बेकार समझ कर कचरे में फेंकी जानी वाली प्लास्टिक की शीतल पेय वाली बोतलें, पानी की बोतल, मिठाई के डिब्बे और दूसरे तरह के बोतलों में लगाई गई हैं।
जब आप जीटीबी एनक्लेव में सियाराम कुशवाहा जी का घर पूछते जाएंगे तो आसपास लोग हर्बल गार्डन वाले मास्टर जी घर आसानी बता देंगे भले ही आपको उनका फ्लैट नंबर याद न हो। घर की सीढ़ियां से ही आपको बोतलों में लगे औषधीय पौधे नजर आने लगेंगे। 




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