Tuesday, February 17, 2015

सतपुड़ा नैरोगेज रेल- शताब्दी का सफर

सतपुड़ा की वादियों में नैरोगेज रेल सेवा की शुरुआत बंगाल नागपुर रेलवे के द्वारा बीसवीं सदी के प्रारंभ में की गईं। पहाड़ी इलाका होने के कारण इस रेल मार्ग में कई तीखे मोड़ पड़ रहे थे लिहाजा कम खर्च में पहाड़ों के लिए मुफीद गेज नैरो गेज का चयन किया गया। ये लाइन 2 फीट 6 इंच यानी 762 एमएम की है। सतपुड़ा के घने जंगलों के बीच ज्यादातर रेलवे लाइनें 1901 से 1910 से बीच बिछाई गईं। रेल लाइन बिछाने का ठेका गुजरात के गुर्जर क्षत्रिय ठेकेदारों को मिला। इस मार्ग में ज्यादातर रास्ते पहाड़ी हैं। कई जगह छोटी-छोटी नदियों पर पुल बनाए गए हैं। वहीं नैरोगेज ट्रेन मार्ग में कई जगह घुमाव लेती है जहां बड़ा ही दिलकश नजारा दिखाई देता है। प्रारंभ में इस क्षेत्र में रेलवे लाइन के निर्माण के लिए कई कंपनियां बनाई गईं जिन्हें बाद में सतपुड़ा रेलवे में समाहित कर दिया गया।

सन 1920 में नागपुर-छिंदवाड़ा रेलवे और गोंदिया-चांदा रेलवे को मिलाकर सतपुड़ा रेलवे की स्थापना की गई। सतपुड़ा रेलवे भारत सरकार के स्वामित्व में था जिसका संचालन बंगाल नागपुर रेलवे कर रहा था। 14 अप्रैल 1952 को सतपुड़ा रेलवे को पूर्व रेलवे का हिस्सा बना दिया गया। गोंदिया से नैनपुर जंक्शन लाइन ( 77 मील) पर सेवा 18 अप्रैल 1903 को शुरू हुई। इसमें गोंदिया से बालाघाट का मार्ग ब्राड गेज में परिवर्तित हो चुका है।

नैनपुर जंक्शन से जबलपुर लाइन
नैनपुर से बरगी ( 51 मील) - 05 जुलाई 1904 को शुरुआत
बरगी से हाउबाग जबलपुर  ( 16 मील) 7 जुलाई 1905
हाउबाग जबलपुर से जबलपुर (1 मील)  15 सितंबर 1905

नैनपुर से छिंदवाड़ा लाइन ( 87 मील)
नैनपुर से सिवनी (47 मील) – 12 फरवरी 1904 को शुरुआत
सिवनी से चुराई ( 19 मील) – 27 जुलाई 1904 को शुरुआत
चुराई से छिंदवाड़ा ( 21 मील) – 1 सितंबर 1904 को शुरुआत हुई
नैनपुर जंक्शन से गढ़ मंडला लाइन ( 22 मील) की शुरुआत 15 फरवरी 1909 को हुई। 
बालाघाट जंक्शन के बड़ी लाइन का प्लेटफार्म नंबर 2

नागपुर-छिंदवाड़ा नैरोगेज लाइन  - नागपुर छिंदवाड़ा के बीच 147 किलोमीटर लंबे नैरोगेज लाइन की शुरूआत 1 जनवरी 1911 को हुई। इसकी कुल लंबाई 88 मील है। इतवारी जंक्शन से लोधीखेड़ा ( 39 मील) मार्ग 1 जनवरी 1911 को चालू हुआ। लोधीखेडा से सौसर ( 7 मील) लाइन की शुरुआत 10 मई 1911 को हुई। सौसर से छिंदवाड़ा तक 42 मील लाइन की शुरुआत 20 अक्तूबर 1913 को हुई।

नागपुर नागभीर नैरोगेज - नागभीर नागपुर लाइन ( 62 मील) – नागभीर से इतवारी जंक्शन तक के लाइन की शुरुआत 10 नवंबर 1908 को हुई। इतवारी से मोतीबाग लाइन ( 4 मील) की शुरुआत 1 जून 1909 को हुई। मोतीबाग से नागपुर जंक्शन ( आधा मील) लाइन की शुरुआत 1 जुलाई 1925 को हुई। नागभीर से गोंदिया जंक्शन के बीच नैरोगेज लाइन को 2005 में ब्राडगेज में बदला जा चुका है।


( SATPURA NARROW GAUGE, BALAGHAT, JABALPUR, NAINPUR JN - 3)

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