Sunday, August 12, 2012

दार्जिलिंग हिमालयन रेल की जंगल सफारी ट्रेन ((05 ))

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे लोगों की मांग पर जंगल सफारी का संचालन करता है। यह राइड सिलिगुड़ी से शुरू होकर तीनधारा रेलवे स्टेशन तक जाती और फिर वापस सिलिगुड़ी लौट आती है। ये राइड सैलानियों को महानदी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की सैर कराती है। हालांकि ये राइड तभी चलाई जाती है जब सैलानियों की प्रयाप्त संख्या हो। 52551 जंगल सफारी स्पेशल 10 बजे सिलिगुड़ी से खुलती है और 12.30 बजे तीन धारा पहुंचती है। इसकी वापसी शाम को 3.30 बजे सिलिगुड़ी के लिए होती है। इस यात्रा के दौरान आप सुकना और तीनधारा के बीच जंगलों के नयनाभिराम दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। ट्रेन तीनधारा में सैलानियों को दोपहर के भोजन के लिए प्रयाप्त समय देती है।

डीएचआर रेलवे जंगल सफारी को तीन सेंकेड क्लास के कोच के साथ डीजल इंजन (लोको) से संचालित करती है। बी क्लास का एनडीएम 6 लोको तीन सवारी डिब्बों को खींचता है। एक तरफ का कुल सफर 30 किलोमीटर का है। जो लोग दार्जिलिंग नहीं जाना चाहते वे सिलिगुड़ी से ही खिलौना ट्रेन पर सफर का आनंद ले सकते हैं जंगल सफारी में जाकर। इसके साथ ही आप सफारी के दौरान तीनधारा में पिक्चर गैलरी और एगोनी प्वाइंट आदि इस यात्रा के दौरान देख सकते हैं। 2009 में जंगल सफारी को सैलानियों की संख्या कम होने के कारण बंद कर दिया गया था। पर 2011 में एक बार फिर जंगल सफारी को शुरू किया गया। अब यह सैलानियों के बीच काफी लोकप्रिय है। आमतौर पर जंगल सफारी का संचालन शनिवार, रविवार और छुट्टी के दिनों में किया जाता है। ज्यादा जानकारी के लिए यहां जाएं-http://dhr.indianrailways.gov.in/  जंगल सफारी के लिए टिकट सिलिगुड़ी जंक्शन रेलवे स्टेशन से प्राप्त किया जा सकता है।

स्टीम चार्टर ट्रेन – दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे सैलानियों के लिए स्टीम चार्टर ट्रेन का भी इंतजाम करता है। अगर आप एक बार फिर धुआं उड़ाती छोटी रेल गाड़ी का आनंद लेना चाहते हैं तो पूरी स्टीम चार्टर ट्रेन बुक कर सकते हैं। इस सफर में आप कई दशक पुराने दौर को याद कर सकते हैं, जब कोयला से चलने वाली धुआं उड़ाती ट्रेन शान से चलती थी। स्टीम चार्टर के सिंगल ट्रिप या राउंड ट्रिप के लिए ट्रैवल एजेंट या लोगों का समूह संपर्क कर सकता है।
डीएचआर से जुड़ी ट्रेनों की पूछताछ के लिए इन नंबरों पर (+91 354 2005734) और (+91 354 2345 253) सुबह नौ बजे से 5 बजे तक पूछताछ की जा सकती है।  
( DHR, DARJEELING HIMALAYAN RAILWAY )

-    विद्युत प्रकाश मौर्य
(डीएचआर 5 ) पहली कड़ी के लिए यहां जाएं 

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