Tuesday, January 20, 2015

बांधवगढ़ - चलो बाघ देखें

अगर बाघ देखने की तमन्ना है तो मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ नेशनल पार्क में पहुंचे। कटनी शहडोल मार्ग पर उमरिया जिले में बांधवगढ़ का प्रवेश द्वार है। यहां 45 के करीब बाघ हैं।

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में विंध्य पर्वतमाला के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है। 

पहले बांधवगढ़ के चारों ओर फैले जंगल का रख-रखाव रीवा के महाराजा देखा करते थे। पर 1968 में महाराजा ने इसे राज्य सरकार को सौंप दिया। अब यह भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान हैं। बाघों का गढ़ बांधवगढ 450 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है। उमरिया जिले में स्थित इस राष्ट्रीय उद्यान में एक मुख्य पहाड़ है जो बांधवगढ़ कहलाता है। शेर, चीते, तेंदुआ और भालू यहां आप खुले आसमान में विचरण करते हैं।

वर्ष 1968 बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था, तब इसका दायरा 105 वर्ग किलोमीटर था। 1982 में इसका दायरा बढ़कर 450 वर्ग किलोमीटर हो गया।
बांधवगढ़ में बाघों का अनुपात भारत में किसी भी और टाइगर रिजर्व की तुलना में सबसे ज्यादा है। जाहिर है, इसलिए यहां बाघ को देखने की संभावना भी लगभग तय रहती है।  प्रदेश के जबलपुर और शहडोल जिले में फैले इस राष्ट्रीय उद्यान में मुख्य पहाड़ बांधवगढ़ है। पार्क में बांस के वृक्ष प्राकृतिक सुंदरता को मनोरम बना देते हैं। यहां पक्षियों की 250 प्रजातियां देखी जा सकती हैं।

भारतीय इतिहास और पौराणिक कथाओं में भी यह स्थान अपना विशेष महत्व रखता है। बांधवगढ़ के किले का संबंध रामायण काल से जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि भगवान राम ने वानवास से लौटने के बाद अपने भाई लक्षमण को ये किला तोहफे में दिया था इसी लिए इसका नाम बांधवगढ़ यानी भाई का किला रखा गया है।


कैसे पहुंचे – निकटतम रेलवे  स्टेशन उमरिया है। जो कटनी शहडोल खंड पर स्थित है। जबलपुर ( 135 किमी) से टैक्सी करके भी पहुंचा जा सकता है। उमरिया जिले में छोटी हवाई पट्टी भी उपलब्ध है। कलेक्टर की अनुमति से यहां छोटे विमान उतर सकते हैं। ताला प्रवेश द्वार की दूरी उमरिया से 32 किलोमीटर है। उमरिया रीवा हाईवे पर स्थित ताला तक बस से भी जाया जा सकता है। ताला में चार कमरों को फारेस्ट रेस्ट हाउस उपलब्ध है। कुछ निजी गेस्ट हाउस भी हैं पर वे काफी महंगे हैं। आप उमरिया में रूक कर भी बांधवगढ़ घूमने का कार्यक्रम बना सकते हैं।

कब जाएं - अक्तूबर मध्य से जून तक सैलानियों के लिए खुला रहता है। बारिश के दिनों में पार्क बंद रहता है। हर बुधवार को दोपहर के बाद पार्क बंद रहता है। सुबह की सफारी 6 बजे से 10.30 तक और शाम की सफारी में 3 बजे से 6 बजे के बीच में जा सकते हैं। पार्क के अंदर जाने के लिए एक गाइड और परमिट जरूरी है। गाइड पार्क के गेट पर मौजूद रहते हैं। सफारी के लिए जीप का किराया 4500 रुपये से आरंभ होता है।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य



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