Tuesday, October 23, 2012

फूल की पंखुडी से बनी पुष्कर झील

राजस्थान में अरावली पहाड़ियों की गोद में बसा छोटा सा शहर 'पुष्कर'  देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। सैलानियों के लिए स्वर्ग पुष्कर को 'तीर्थराज' भी कहा जाता है।
पुष्कर अजमेर शहर से उत्तर - पश्चिम में 12 किलोमीटर की दूरी पर है। अजमेर और पुष्कर को नाग - पहाड़ एक दूसरे से अलग करते हैं। अजमेर से पुष्कर बस से जाया जा सकता है। आप अजमेर रहकर भी पुष्कर घूमने जा सकते हैं। हिन्दुओं के इस प्रसिद्ध धार्मिक स्थान में 100 से अधिक मंदिर हैं। पुष्कर झील के तट पर जगह-जगह पक्के घाट बने हैं जो राजपूताना के देशी राज्यों के अमीर जमींदारों की ओर से बनाए गए हैं।

पुष्कर का उल्लेख रामायण में भी आता है। सर्ग 62 श्लोक 28 में विश्वामित्र  के यहां तप करने की बात कही गई है। सर्ग 62 श्लोक 15 के मुताबिक यहां मेनका पावन जल में स्नान के लिए आई थीं। व अपने को पवित्र करने के लिए पुष्कर झील में स्नान करते हैं। 
पुष्‍कर झील,  एक अर्द्ध गोलाकार पवित्र जल से भरी झील है जिसे तीर्थराज के नाम से भी जाना जाता है। हिंदु पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवाना ब्रहमा ने दानव वज्र नाभ का कमल के फूल से वध किया तो उस फूल की एक पंखुडी टूटकर यहां गिर गई और झील की उत्‍पत्ति हुई। इस झील की अधिकतम गहराई 10 मीटर है। झील, चारों तरफ से लगभग 300  मंदिरों और 52 घाटों ( जो झील के किनारों पर एक श्रृंखला में स्थित हैं ) से घिरा हुआ है।

इस झील में श्रद्धालु स्‍नान करते हैं। कहा जाता है कि अगर कोई व्‍यक्ति कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस झील में पवित्र डुबकी लगाता है तो उसे मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। इसके अलावा, यहां मान्‍यता है कि पुष्‍कर झील में स्‍नान करने से उस मनुष्‍य के सारे पाप धुल जाते हैं और कई प्रकार की त्‍वचा सम्‍बधी रोग भी दूर हो जाते हैं। स्नान के बाद झील के तट पर आप परिवार में शांति समृद्धि के लिए पूजा भी करवा सकते हैं। इसके लिए वहां पंडित जी आपको हमेशा मौजूद मिलेंगे।

पुष्कर सरोवर में माधवी, अनादि और मैं ( मार्च 2008) 
कार्तिक में लगता है विशाल मेला -  पुष्कर कार्तिक पूर्णिमा के समय विशाल मेला लगता है। इस मेले मे बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक भी आते हैं। देश भर से हजारों हिन्दु लोग इस मेले में आते हैं। मेले में ऊंट और राजस्थानी संस्कृति खास आकर्षण होती है।

पुष्कर शहर में प्रवेश करते ही शांति कुंज हरिद्वार की ओर से निर्मित गायत्री शक्ति पीठ बना हुआ है।

इसके अलावा पुष्कर में  नृसिंह मन्दिर, झूलेलाल मन्दिर, प्राचीन रंगनाथ मन्दिर प्रमुख हैं। सरोवर के पास पहाड़ी पर सावित्री मंदिर भी है। पुष्कर में ऊंट की सवारी का आनंद सालों भर लिया जा सकता है। विदेशियों को पुष्कर इतना भाता है कि सालों भर सैकड़ो विदेशी यहां डेरा जमाए हुए मिलते हैं।


-  विद्युत प्रकाश मौर्य

( PUSHKAR, BARHMA TEMPLE, AJMER, RAJSTHAN ) 

3 comments:

  1. पुष्कर झील के बारे में जानकार देखने को मन उत्सुकता हो उठा है। ।
    सुन्दर प्रस्तुति हेतु धन्यवाद!

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  2. पुष्कर झील मे किस किस प्रतिमा है
    ओर बीच मे जो महल या छतरी बनी है वह किसकी है जानकारी देना जी

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  3. पुष्कर झील मे किस किस प्रतिमा है
    ओर बीच मे जो महल या छतरी बनी है वह किसकी है जानकारी देना जी

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