Saturday, November 15, 2014

क्या सैलाब पीड़ितों के लिए राहत लेकर आएगा ये चुनाव

तीन महीने पहले सैलाब में डूबे श्रीनगर शहर में चुनावी बयार बह रही है। सैलानियों से गुलजार रहने वाले डल झील के शिकारों पर चुनावी पोस्टर लगे हैं। कहीं केसरिया रंग है तो कहीं इंद्रधनुषी छटा है। सैलाब में अपने जीवन की बड़ी कमाई गंवा चुके लोगों को इस चुनाव से काफी उम्मीदे हैं।

श्रीनगर शहर की विधानसभा सीटें ( 8) – अमीरकदाल, हब्बाकदाल, हजरतबल, जैदीबल, ईदगाह, खानियार, सोनावर, बटमालू ।

अमीर कदाल - कदाल का मतलब पुल। और अमीर कदाल श्रीनगर शहर में झेलम का पहली पुल माना जाता है। इसका निर्माण 1774 में मो अमीर ने करवाया था। तब ये पुल लकड़ी का था। अब 1982 में शेख अब्दुल्ला ने इस कंक्रीट का पुल बनवा दिया है। अमीर कदाल नाम से ही श्रीनगर शहर का एक विधानसभा क्षेत्र है। इसके तहत रामबाग, सनतनगर, रावलपोरा, मेहजूर नगर, बागे मेहताब जैसे इलाके हैं। झेलम का कहर सितंबर में इन इलाकों में सबसे ज्यादा फूटा था। इस विधानसभा क्षेत्र  का इलाका बडगाम जिला के अलावा बटमालू, खनियार और सोनवार विधानसभा क्षेत्रों को छूता है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में सिख मतदाता भी हैं। यहां 2008 में महज 14.98 फीसदी मत पड़े थे।

हब्बा कदाल - हब्बा कदाल दूसरा सबसे पुराना पुल है। इसे 1551 में हबीब शाह ने बनवाया था। 1893 के बाढ में ये पुल बह गया था। 2001 में पुराने पुल के पास फारुक अब्दुल्ला ने एक नया पुल बनवाया। हब्बा कदाल श्रीनगर शहर का दूसरा विधानसभा क्षेत्र है। ये दोनों ऐसे इलाके हैं जहां श्रीनगर शहर की स्थानीयता को बड़े निकट से महसूस किया जा सकता है।

हजरतबल विधानसभा क्षेत्र भी श्रीनगर शहर का मानो दिल है। डल झील के आसपास के इलाके इस विधानसभा क्षेत्र में हैं। डल के दायरे में बसा रैनावाड़ी मुहल्ला भी इसी क्षेत्र में आता है। ऐतिहासिक हजरतबल मस्जिद के नाम पर इस विधानसभा क्षेत्र का नाम रखा गया है। ऐसा विश्वास है इस मस्जिद में मुहम्मद साहब के बाल रखे हुए हैं।


जैदीबल- श्रीनगर शहर का एक और विधानसभा क्षेत्र है। यहां का इमामबाड़ा प्रसिद्ध है। ये कश्मीर घाटी का सबसे पुराना इमामबाड़ा माना जाता है। काजी चक ने इसे 1518 में बनवाया था।
ईदगाह – वैसे तो श्रीनगर शहर में कई ईदगाह हैं। पर लाल चौक से तीन किलोमीटर आगे ऐतिहासिक जियारत बाबा बुड्ढा शाह ईदगाह है। के नाम पर शहर का एक और विधानसभा क्षेत्र है। पर ये इलाका भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। 1983 से इस विधानसभा सीट पर नेशनल कान्फ्रेंस का कब्जा है।

खनियार – श्रीनगर शहर के मुख्य इलाके में शामिल है। खनियार, नौहट्टा, ख्वाजा बाजार, नोवापाड़ा जैसे इलाके आते हैं। 2008 में नेकां के अली मोहम्मद सागर महज 806 वोटों से जीते थे। पिछले तीन चुनावों से ये सीट नेशनल कान्फ्रेंस के पास है।
सोनवार – श्रीनगर शहर की इस सीट पर फारुक अब्दुल्ला प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं ये सीट 1996 के बाद लगातार जम्मू कश्मीर नेशनल कान्फ्रेंस के खाते में जाती रही है। इस बार उमर अब्दुल्ला यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।

बटमालू – श्रीनगर शहर का बाहरी इलाका है। शहर का आटोमोबाइल हब है। सितंबर 2014 में आए सैलाब में बटमालू के ज्यादातर इलाके डूब गए थे। अब बटमालू के लोगों को विधानसभा चुनाव से नई उम्मीदे हैं।

-         - ---- विद्युत प्रकाश मौर्य
(KASHMIR, FLOOD )


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