Sunday, June 8, 2014

धौलपुर का चोपड़ा शिव मंदिर


चंबल क्षेत्र के मंदिरों में प्रमुख नाम है चोपड़ा शिवमंदिर का जिसकी वास्तुकला अद्भुत है। राजस्थान के धौलपुर शहर में यह अनूठा शिव मंदिर है जिसे चोपड़ा शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण धौलपुर के महारावल भगवंत सिंह के मामा राजधर कन्हैयालाल ने 1856 ई. में करवाया था। 

कन्हैया लाल जी धौलपुर राजघराने के दीवान थे। मंदिर में उनका कलाप्रेम बखूबी दिखाई देता है। इस मंदिर की ऊंचाई 150 फीट (45 मीटर) है। मंदिर वास्तुकला की नजरिए से अनूठा है। इसका का गर्भ गृह अष्ट कोणीय है। इसके आठो दीवार में आठ दरवाजे भी हैं। 

मंदिर के हर दरवाजे पर भी आकर्षक मूर्तियां उकेरी गई हैं। मंदिर का उन्नत शिखर भी अत्यंत आकर्षक है। बाहर की ओ से इसकी नक्कासी बहुत ही खूबसूरत है। मंदिर के निर्माण में इस्तेमाल किए गए पत्थर के टुकडों पर नक्काशी का काम अत्यंत बारीक और आकर्षक है। ये शिवमंदिर 19वीं शताब्दी के वास्तुकला का सुंदर नमूना है।

मंदिर के बगल में एक कुंड भी बना हुआ है जिसका निर्माण भी दीवान कन्हैया लाल जी ने ही करवाया था। हालांकि इस कुंड की स्थिति खराब रख रखाव के कारण दयनीय हो गई है।  मंदिर मुख्य परिसर के बीच एक बड़े से आंगन में स्थित है। मंदिर के गर्भगृह में जाने के लिए 25 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। चंबल क्षेत्र के लोग इस मंदिर को सिद्ध मानते हैं।


जगदगुरु शंकराचार्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री जयेन्द्र सरस्वती भी इस मंदिर में पधारकर अभिषेक कर चुके हैं। चोपड़ा शिव मंदिर धौलपुरशहर का सबसे प्राचीन शिव मंदिर है। हर साल महाशिवरात्रि के समय यहां श्रद्धालुओँ की बड़ी भीड़ उमड़ती है।

कैसे पहुंचे - चोपड़ा शिव मंदिर राजस्थान के धौलपुर शहर में आगरा ग्वालियर मार्ग पर स्थितहै। धौलपुर शहर के मुख्य बस स्टैंड से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। बस स्टैंड से पैदल मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। मंदिर प्रातः सात बजे से दोपहर 12 बजे तक और सांय 4 से 7 बजे तक लोगों को दर्शन के लिए खुला रहता है।

-         - अनादि अनत


( CHOPRA SHIVA TEMPLE, DHAULPUR RAJSTHAN ) 
धौलपुर में चोपड़ा शिव मंदिर के बगल में बदहाल कुंड । 


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