Tuesday, September 16, 2014

डल गेट ...भाई गेट कहां है ... ((04 ))

डल झील का गेट नंबर एक यानी डल गेट। 
( जन्नत में जल प्रलय - 4 )
डल गेट यानी डल झील का दरवाजा। अनादि पूछ रहे हैं पापा ये दरवाजा किधर है.. तो हमें दिखाई दे गया इसका दरवाजा। डल गेट नंबर एक पर एक चैनल बना है. जब भी डल झील में बारिश का पानी बढ़ जाता है तो इस चैनल को खोल दिया जाता है। इससे होकर पानी झेलम दरिया में चला जाता है। वैसा ही गेट है जैसे हमारे गांव से गुजरने वाली नहर के पुल में दरवाजा लगा होता था पानी को रोकने या फिर छोड़ने के लिए।

डल गेट का इलाका लाल चौक के बाद ये श्रीनगर की सबसे चहल पहल वाली जगह है। इसके आसपास टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर, जम्मू एंड कश्मीर बैंक का मुख्यालय, कृष्णा ढाबा, शंकराचार्य मंदिर की पहाड़ी कुछ किलोमीटर आगे हरि पर्वत, चिनार बाग, बाबा धर्मदास मंदिर जैसे लोकप्रिय स्थल हैं। डल झील से जुड़े कई और भी गेट हैं जिन्हे गेट नंबर एक, दो, तीन से जाना जाता है। डल गेट सैलानियों के बीच लोकप्रिय इलाका है, क्योंकि यहां शाकाहारी खाने के कई विकल्प हैं। टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर जिसे टीआरसी नाम से पुकारा जाता है वहां से एयरपोर्ट के लिए बस सेवा और श्रीनगर शहर और आसपास स्थलों तक जाने के लिए टैक्सी, बस आदि की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहती थी।
डल गेट  पर बना पुल और नया रास्ता। 

सालों भर ये इलाका सैलानियों से गुलजार रहता है। रात को 10 बजे के बाद तक यहां दुकानें खुली रहती हैं। श्रीनदर शहर का अपेक्षाकृत खुला हुआ इलाका है। इसलिए इधर कभी आतंकी वारदातें नहीं होतीं। हमारे दोस्त जीवन प्रकाश शर्मा बताते हैं कि इस इलाके में छुपने की जगह नहीं होने के कारण कभी यहां संवदेनशील घटनाएं नहीं सुनने में आती हैं। हम श्रीनगर शहर की बात करें तो ज्यादातर इलाके डाउन टाउन हैं। यानी शहर के ज्यादातर मुहल्ले नीचले स्तर पर हैं। श्रीनगर शहर में डल गेट का इलाका अपेक्षाकृत ऊंचा है। इसलिए ये बारिश के मौसम में बाकी शहर की तुलना में सुरक्षित है।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य   

No comments:

Post a Comment