Wednesday, September 3, 2014

हाजीपुर के टाउन हॉल जमा हुआ पूरा देश ((49))


( पहियों पर जिंदगी 49)
27 नवंबर 1993  दोपहर के भोजन के बाद सांय 4.30 बजे सभी सदभावना रेल यात्री टाउन हाल, हाजीपुर में जुटे। हाजीपुर नगरपालिका के चेयरमैन विजयेंद्रनाथ शुक्ल जी हमारी संस्था को सामाजिक आयोजनों के लिए टाउन हाल निःशुल्क आवंटित कर देते हैं। वहीं पूर्व चेयरमैन कैप्टन जय नारायण प्रसाद निषाद, जो बाद में केंद्र सरकार में मंत्री बने भी हमारे कार्यक्रमों में पूरी मदद करते हैं। इस बार ध्वनि विस्तारक यंत्र और जेनरेटर आदि का इंतजाम उनकी ओर से है। निषाद जी हमें जरूरी सलाह भी देते हैं जो काफी काम की होती हैं।

मखाने की माला से स्वागत -  टाउन हाल में देश भर से आए यात्रियों का स्वागत मखाने की माला पहनाकर किया गया। लोग माला पहनने के बाद इसे फोड़ फोड़कर खाने लगे। मखाना बिहार की पहचान है। हमने 200 से अधिक मालाएं तैयार करा रखी थीं।

सदभावना रेल यात्रा के हाजीपुर में स्वागत के लिए हमने एक स्मारिका स्मृति शेष का भी प्रकाशन किया था। इसमें रेल यात्रा परिचय, सुब्बराव जी का परिचय, रेल यात्रा के नारे, युवा गीत, स्थानीय स्वागत समिति का परिचय आदि प्रकाशित था। इसकी हजारों प्रतियां मौके पर ही बांटी गई। टाउन हाल में सर्वधर्म प्रार्थना के समय शहर के हर वर्ग के लोगों की मौजूदगी थी। खासतौर पर यात्री जिन लोगों के घर दोपहर के भोजन पर गए थे, उन घरों से लोग जरूर आए थे।




हमने रेल यात्रा में चल रहे हर राज्य से एक प्रतिनिधि को मंच पर बुलाकर एक स्थानीय व्यक्ति से उसका स्वागत कराया। सर्वधर्म प्रार्थना के बाद सुब्बराव जी ने कहा-  हाजीपुर का इतिहास शांति और सदभावना का रहा है। मैं चाहता हूं कि हर शहर में एक सदभावना समिति का गठन हो। अलग मतों को मानने वाले लोग एक दूसरे के त्योहारों में हिस्सा लें। हर माह में एक दिन सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन हो। समाज के निर्माण में सज्जनों को सक्रिय होना पड़ेगा। इतिहास हमेशा सड़कों पर चलने वाले लोग की लिखेंगे एयरकंडीशनर में बैठने वाले लोग नहीं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में रजनी और जूगनु ने स्वागत गान पेश किया। हाजीपुर की नन्ही बालिका सौलत हेना ने गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद रेलयात्रा में आए अलग अलग राज्यों के लोगों के कार्यक्रम हुए। मिस मेरी सुकुमारी सांस्कृतिक कार्यक्रम का मंच संचालन किया। हर शहर की तरह ही कार्यक्रम का समापन 18 भाषाओं के गीत भारत की संतान के साथ हुआ।

रात का खाने का इंतजाम स्टेशन रोड पर प्रेम सीड कंपनी की ओर से था। हाजीपुर के बाबूलाल सिंह सब्जियों के सीड्स के अंतराष्ट्रीय स्तर के उत्पादक हैं। भोजन के बाद सभी यात्रियों को एक एक कैलेंडर भेंट किया गया। पूरे आयोजन में वैशाली जिले के सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी श्री केके उपाध्याय हमारा पूरे युवा जोश के साथ सहयोग करते रहे। शहर के वरिष्ठ पत्रकार तेज प्रताप सिंह चौहान, शिक्षाविद प्रोफेसर हरे कृष्ण सिंह, ललन प्रसाद सिंह, बैंक अधिकारी रामचंद्र सिंह मेरे पिता जी श्री कन्हैया सिंहहमारे एनवाईपी के साथी पंकज कुमार पप्पूशिवपूजन कुमारडाक्टर अमर आलोक, एसएम कालेज के प्रिंसिपल रवींद्र प्रसाद सिंह, नीरज चंद्र मिश्र, राजेश कुमार राजू, मुकेश गांधी, अजय कुमार संटू, अभय कुमार पिंटू, तड़ित प्रकाश, स्वयं प्रकाश, रजनी कुमारी, संजय कुशवाहा आदि तमाम भाई बंधु भी कई दिनों तक पूरी ऊर्जा से रेल यात्रा के स्वागत में लगे रहे। 



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