Saturday, September 20, 2014

और कृष्णा ढाबा डूब गया...((08))

( जन्नत में जल प्रलय - 8 )
श्रीनगर में अगर आप शाकाहारी खाना के आकांक्षी हैं तो इसके लिए सबसे लोकप्रिय जगह है कृष्णा ढाबा। मौलाना आजाद रोड के पास कृष्णा ढाबा सुबह, दोपहर हो या देर शाम हमेशा सैलानियों से गुलजार रहता है। हालांकि कृष्णा ढाबा के अगल बगल में तीन और पंजाबी स्टाइल में खाना परोसने वाले ढाबे हैं, पर कृष्णा ढाबा की कुरसियां भरी होती हैं। लोग खड़े खड़े भी पेट पूजा कर रहे होते हैं पर आसपास के ढाबों की कुरसियां खाली रहती हैं। हमें अपना वैष्णो ढाबा के यशपाल भाई ने भी दिन में बताया था कि आप कृष्णा ढाबा में खाने जरूर जाएं वहां का खाना अच्छा है। उन्ही से पता चला कि ये ढाबा एक मंदिर की जमीन पर किराए पर चलता है।

डल झील से शिकारे की सैर से लौटन पर रात के आठ बज गए थे। हम चल पड़े लोगों से पूछते हुए कृष्णा ढाबा की ओर। पहले हिंदुस्तान पेट्रोलियम का एक पंप आया। वहां से बाएं मुड़े। सामने जम्मू एंड कश्मीर बैंक की सुंदर इमारत थी। उसके पास ही टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर। थोड़ी दूर चलने पर दूसरा एचपी का पेट्रोल पंप आया। लोगों की भारी चहल पहल देखकर लगा कि कृष्णा ढाबा आ गया है। बाहर फुटपाथ पर गरम कपड़ों और हैंडीक्राफ्ट के बाजार लगे थे। पर हमें भूख लगी थी। मीनू देखने के बाद काउंटर पर पहले पूरा भुगतान कर आर्डर किया। भीड़ थी इसलिए वेटर ग्राहकों के लिए बैठने की जगह का इंतजाम कर रहे थे। हमने आर्डर किया.. कश्मीरी दम आलू, शाही पनीर और आठ रोटियां। कुल 207 रुपये। 

खाने की दरें बिल्कुल वाजिब। सर्विस भी काफी तेज। अनादि को कश्मीरी दम आलू पसंद आया। शाही पनीर बनाने का उनका स्टाइल कुछ अलग था। हमने तेजी से खाना खत्म किया। काफी लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। दिल्ली मुंबई के खाते पीते घरों के लोगों की भीड़ थी। सब ये योजना बनाने में लगे थे कि कल रविवार को कहां घूमने जाएंगे।
पर किसी को नहीं मालूम था कि कल इसी कृष्णा ढाबा में कोई चहल पहल नहीं होगी। इस खुशनुमा माहौल में वे अपने इस दौरे में आखिरी बार डिनर कर रहे हैं। हम खाने के बाद पैदल चलते हुए अपने होटल की ओर बढ़ चले। रास्ते में दवाओं की दुकानें और दूसरी तमाम तरह की दुकानें खुली थीं। सारा शहर जगमग कर रहा था। पर ये आखिरी जगमगाहट भरी शाम थी। देश भर से जो भी सैलानी श्रीनगर घूमने जाते हैं उनके जेहन में कृष्णा ढाबा की खुशनुमा यादें होती हैं।

पर रविवार 7 सितंबर की दोपहर हमें सुनने को मिला कि कृष्णा ढाबा के आसपास कई फीट पानी आ चुका है। होटल बंद हो गया है। आसपास के दोनों पेट्रोल पंप डूब चुके हैं। जम्मू एंड कश्मीर बैंक की इमारत में भी पानी घुस चुका है। हमारे दिमाग में बार बार शनिवार की रात की कृष्णा ढाबा के बाहर की चहल पहल की तस्वीर घूम रही थी। वहां भोजन करके तृप्त हो रहे चेहरेके भाव नजर आ रहे थे। पर अब कृष्णा ढाबा के आसपास के मौहाल के जल्द गुलजार होने की दूर दूर तक कोई उम्मीद नहीं नजर आ रही थी।  

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