Wednesday, August 13, 2014

विदेशों में टूटते रिश्ते बिखरते परिवार ((28))

यशपाल मित्तल जी, संचालक, प्रस्थान आश्रम, पठानकोट। 
(पहियों पर जिंदगी 28) - ( 22 अक्तूबर 1993 ) आज की दोपहर हमें भोजन के लिए अलग अलग घरों में भेजा गया। ठीक उसी तरह जैसे लुधियाना में हुआ था। हम जिसके घर मेहमान बने उनका नाम राज खुल्लर है। वे साईदास सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य हैं। उनके घर में शाकाहारी सुस्वादु पंजाबी खाना मिला। आनंद आ गया। उनके घर का एक छोटा सा बच्चा रिम्मी (रीतेश) हमें छोड़ने रेलवे स्टेशन तक आया। राज खुल्लर जी बताते हैं कि प्रस्थान आश्रम के मित्तल साहब का पठानकोट शहर में हर वर्ग के लोगों में सम्मान है. चाहे वे भाजपा के लोग हों या फिर कांग्रेस के। मैंने गांधीवादी लोगों का समाज पर इतना अच्छा प्रभाव कम जगह ही देखने को मिला है।
पठानकोट में सुब्बराव जी ने अपने व्याख्यान में अमेरिका का एक प्रसंग सुनाया। उनकी अमेरिकी मेजबान रेणुका जी की नौकरानी गोल्डी है। जब उसने छठवें पति से विवाह किया तो मिठाई लेकर आई। इससे पूर्व के पांच पतियों से तलाक लिए जाने के संदर्भ में पूछे जाने पर उसने बताया कि पहला पति शराब बहुत पीता था इसलिए छोड़ दिया। दूसरे पति के सांस से बदबू आती थी। तीसरे पति को कोई दूसरी पसंद आ गई इसलिए छोड़ना पड़ा। चौथा पति बहुत बोलता था इसलिए छोड़ दिया। पांचवा पति हर तरह से अच्छा था। पर उसके साथ लंबे समय से रहते हुए मैं उब गई थी। आखिर उसके साथ इतना अधिक वक्त कैसे काट पाती। भाई जी कहते हैं पश्चिम के देशों में परिवार इस तरह बिखर रहे हैं। पर हमें अपने देश में परिवारों बिखरने से बचाए रखना है।
 दुनिया में अनूठा देश है भारत 
 सुब्बराव जी कहते हैं दुनिया के 193 देशों में भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां पर हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख जैसे बड़े धर्मों का जन्म हुआ। यही नहीं, इंडोनेशिया के बाद भारत ऐसा देश है, जहां सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या है। भारत के नागालैंड, मेघालय, मिजोरम ऐसे तीन राज्य हैं, जहां 90 प्रतिशत जनसंख्या इसाइयों की है। साथ ही साथ विश्व की 50 फीसदी जोरेस्ट्रियन जनसंख्या भारत में रहती है।


सुब्बराव जी आगे कहते हैं, यही नहीं, बहाइयों का दुनिया में सबसे बड़ा मंदिर भारत में है। भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां संवैधानिक मान्यता प्राप्त 18 भाषाएं बोली जाती हैं, जिनमें एकता का समावेश है। इसके विपरीत यदि अस्त्र-शस्त्रों से किसी देश की एकता को बचाया जा सकता तो सोवियत संघ की 16 भाषाएं कभी नहीं विघटित होतीं, जबकि सोवियत संघ के पास खतरनाक अस्त्र-शस्त्र और मजबूत सेना भी थी।

वे कहते हैं कि भारत के युवाओं को यह अहसास है कि एक राष्ट्र को आधुनिक सोच और नागरिकों और विशेष रूप से युवाओं के बीच प्रेम भाव से ही विघटित होने से बचाया जा सकता है।



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