Monday, May 5, 2014

चंबल की जीवनधारा है श्योपुर पैसेंजर ट्रेन

एक पुल से गुजरती ठसाठस भरी श्योपुर पैसेंजर ( फोटो - राघवेंद्र सिंह तोमर)
ग्वालियर से श्योपुर के बीच चलने वाली  ये छोटी लाइन की ट्रेन इलाके लोगों की जीवन धारा है। ग्वालियर से चल कर 28 स्टेशनों से होकर गुजरने वाली ये ट्रेन इलाके 250 से ज्यादा गांवों के लिए लाइफ लाइन है।यानी चंबल घाटी के लोगों के लिए ये ट्रेन कोई टॉय ट्रेन नहीं है।

जंगल और गांव से होकर इस ट्रेन से सफर करना लोगों की मजबूरी भी है क्योंकि ट्रेन जिन रास्तों से होकर गुजरती है कई गांव सड़कों से जुड़े हुए नहीं है। कई बार इस ट्रेन के छत पर भी लोग सफर करते दिख जाते हैं। भाई मजबूरी है और जाना भी जरूरी है तो क्या करें। भले ही इसके मार्ग में 28 स्टेशन हैं लेकिन कई बार गांव के लोगों के आग्रह पर जरूरत पड़ने पर इस ट्रेन को गांव के लोग स्टेशनों के बीच में भी कहीं भी रोकवा लेते हैं।


ट्रेन के श्योपुर तक के सफर में कैलारस, सबलगढ़, आदि स्टेशन आते हैं। ट्रेन चंबल के उन बीहड़ों से गुजरती है जहां कभी दुर्दांत डाकू रहते थे। अभी भी ट्रेन से सफर करते हुए चंबल के बीहड़ इलाकों का नजारा किया जा सकता है। रास्ते इस ट्रेन के मार्ग में कूनो नदी आती है। इस नदी पर बना है इस छोटी लाइन का लंबा रेल पुल। इस नदी के उपर से साइफन द्वारा नहर निकाली गई है। 1953-54 के समय ये पहला प्रयोग था।

इस नहर से आसपास के गांव में खेतों की सिंचाई होती है। कूनो चंबल की सहायक नदी है। इसके साथ ही है कूनो पालपुर अभ्यारण्य, जहां कई तरह के जंगली जानवर पाए जाते हैं। इस रेल के सफर में श्योपुर से पहले जंगलों के बीच दुर्गापुरी रेलवे स्टेशन आता है यहां प्लेटफार्म के सामने ही सीसे का बना हुआ मां दुर्गा का अद्भुत मंदिर है। श्योपुर कलां आखिरी रेलवे स्टेशन है। यहां पर एक ऐतिहासिक किला भी है जो अब काफी हद तक कब्जा हो चुका है।




ग्वालियर से श्योपुर का सफर


1 ग्वालियर जंक्शन
2 घोसीपुरा
3 मोतीझील
4 मिलावली
5 बानमौर गांव
6 अंबिकेश्वर
7 सूमावली
8 थारा
9 जौरा अलापुर ( 51 किलोमीटर )
10 सिकरौदा 
11 भाटपुरा
12 कैलारस   13 सेमाई
14 पीपलवाली चौकी   15 सबलगढ़ ( 93 किमी )
16 रामापहाड़ी     17 बीजापुर रोड
18 कैमारा कलां  19 बीरपुर     
20 सीलीपुर       21 इकडोरी
22 तारा कलां     23 सेरोनी रोड
 24 खोजीपुरा      25 दुर्गापुरी
26 गिरधरपुर   27 दातरदा कलां (191 किमी)

28. श्योपुर कलां (198 किमी) -ये इस मार्ग का आखिरी रेलवे स्टेशन है।


बड़ी लाइन में बदलने की मांग

मुरैना जिले के लोग हालांकि कई दशक से इस क्षेत्र के लोग इस लाइट रेलवे हटाकर बड़ी लाइन में बदलवाने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र प्रतिनिधि सांसद विधायक इस मामले को कई बार उठा चुके हैं पर इस पर फिलहाल कोई सर्वे नहीं हुआ है। इस क्षेत्र के लोगों की बहुत पुरानी मांग है कि इस लाइन को ब्राडगेज में  बदला जाएसाथ ही इसका विस्तार श्योपुर से आगे कोटा या सवाई माधोपुर जंक्शन तक किया जाए।
साल 2009 में भारत सरकार ने इस रेलवे लाइन को यूनेस्को के विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भी दिया। इसके पक्ष में तर्क देते हुए भारत सरकार ने 2 फीट के गेज पर दौड़ने वाली दुनिया की सबसे लंबी रेलवे कहा था।

- vidyutp@gmail.com   ( GLR 4) 

 ( GWALIOR , SHEOPUR , LIGHT, RAILWAY, NARROW, GAUGE  )  

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