Tuesday, May 6, 2014

महाराष्ट्र में चलती थी 326 किलोमीटर लंबी बारसी लाइट रेल

पश्चिमी भारत में बारसी लाइट रेलवे अब अस्तित्व में नहीं है, पर ये किसी जमाने में 325 किलोमीटर लंबी नैरो गेज रेलवे लाइन हुआ करती थी। महाराष्ट्र में लातूर से मिराज के बीच रेलवे लाइन बनाने के लिए बारसी लाइट रेलवे (बीएलआर) नामक कंपनी की स्थापना लंदन में हुई।
ब्रिटिश इंजीनियर एडवर्ड कालथ्रोप को भारत में नैरो गेज लाइनों का वास्तुकार माना जाता है। उन्होंने बारसी लाइट रेलवे के लिए सर्वेक्षण का कार्य किया था। एडवर्ड तब ग्रेट इंडियन पेनीसुला रेलवे में लोकोमोटिव इंस्पेक्टर थे। लेकिन उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हे नई रेल लाइनों के विस्तार की जिम्मेवारी दी गई। तब भारत जैसे विकासशील देश में कम खर्च में रेलवे नेटवर्क का विस्तार करने के लिए नैरो गेज लाइन को आदर्श माना गया। एडवर्ड की सलाह पर बारसी को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनी। इसके अलावा एडवर्ड ने नासिक शहर में घोड़े चलने वाले 2 फीट 6 ईंच चौड़ाई के ट्राम वे की भी योजना बनाई। ये ट्राम-वे रेल नेटवर्क को नासिक के प्रसिद्ध गोदावरी तीर्थ स्थल को जोड़ने के लिए बनाया गया था। बारसी एडवर्ड का दूसरा प्रमुख प्रोजेक्ट था। 1887 में बारसी लाइट रेलवे नामक नई कंपनी की स्थापना की गई। तब एडवर्ड ने अपनी पुरानी नौकरी छोड़दी और नई कंपनी में बतौर कंसलटेंट इंजीनियर के तौर पर अपनी सेवाएं देने लगे। बुढ़ापे में गिरते सेहत के बावजूद वे इस लाइन के निर्माण को लेकर समर्पित रहे।

35 किलोमीटर लंबे कुरदुवाडी से बारसी खंड की शुरूआत एक मार्च 1897 को हुई। बाद में इस लाइन का विस्तार दक्षिण में मिराज तक और उत्तर में लातूर तक किया गया। साल 1927 तक प्रकार लाइन की कुल दूरी 326 किलोमीटर हो गई थी। इस प्रकार बारसी लाइट रेलवे देश की सबसे लंबी नैरो गेज रेलवे लाइन बन गई थी।
बारसी रेल खंड पर माल ढुलाई और आवागमन के लिए किट्सन एंड कंपनी से पांच लोको ( इंजन) मंगाए गए। पर 4-8-0 और 4-8-4 प्रमुख लोको थे जो लंबे समय तक अपनी सेवाएं देते रहे। बाद में एफ क्लास के 2-8-2 और जी क्लास के 4-6-4 लोको भी लिए गए जिन्होंने लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं।
बारसी लाइट रेलवे कंपनी एक प्राइवेट कंपनी के तौर पर 1954 तक काम कर रही थी। इसके बाद भारतीय रेलवे ने इसका अधिग्रहण कर लिया। 1990 के आसपास तक नैरो गेज रेलवे के तौर पर इस मार्ग पर आवागमन जारी था। आमान परिवर्तन के बाद साल 2008 में इस मार्ग पर ब्राडगेज लाइन की शुरुआत हो चुकी है। पर बारसी लाइट रेलवे की स्मृतियां नई दिल्ली के राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में देखी जा सकती हैं।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य vidyutp@gmail.com

( BARSI LIGHT RAILWAY COMPANY, LATUR ) 

1 comment:

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