Wednesday, May 21, 2014

कांगड़ा की मनोरम वादियों में नैरो गेज रेल- ((1))

कालका शिमला के बाद हिमाचल प्रदेश में दूसरी नैरो गेज की रेलवे लाइन है कांगड़ा वैली रेलवे जिसे केवीआर के नाम से जानते हैं।  ये लाइन पंजाब के पठानकोट शहर से शुरू होती है और हिमाचल प्रदेश में जोगिंदर नगर नामक छोटे से  पहाड़ी कसबे तक जाती है। ये रेलमार्ग सैलानियों को कांगड़ा की मनोरम वादियों की सैर कराता है।
पर कांगड़ा घाटी रेलवे (केवीआर) लाइन का धार्मिक महत्व भी है। इस मार्ग पर ज्वालामुखी देवी, ब्रजेश्वरी देवी, चामुंडा देवी, शिव का बैजनाथ मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थ आते हैं। हालांकि यह देश के सभी नैरो गेज रेलमार्गों में सबसे नया है पर ये सबसे लंबा रेल मार्गों में से है। इसकी कुल लंबाई 164 किलोमीटर है। हालांकि ग्वालियर श्योपुर रेल मार्ग इससे भी लंबा है जो 200 किलोमीटर का है।    

कांगड़ा घाटी रेल खंड के लोकप्रिय पर्यटक स्थल-

ज्वाला देवी मंदिर: - ज्वालामुखी रोड स्टेशन से 21 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ।रेलवे स्टेशन से मंदिर के लिए सुबह 5 बजे रात्रि 8 बजे तक बसें उपलब्ध रहती हैं।

KANGRA MANDIR RAILWAY STN. - photo- VIDYUT
चिंतपूर्णी देवी मंदिर - ज्वालामुखी रोड स्टेशन से 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । यहां भी ज्वालामुखी रोड रेलवे स्टेशन से बस द्वारा जाया जा सकता है। 

धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) कांगड़ा या कांगड़ा मंदिर रेलवे स्टेशन से तकरीबन17 किलोमीटर की दूरी पर है। नगरोटा रेलवे स्टेशन से भी उतर कर कांगड़ा जाया जा सकता है। 

मैक्लोडगंज - कांगड़ा स्टेशन से 27 किलोमीटर है  जो बौद्ध धर्म के लोगों को आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां जाने के लिए आप चामुंडा मार्ग रेलवे स्टेशन भी उतर सकते हैं।



कांगड़ा का ब्रजेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा मंदिर स्टेशन से महज दो किलोमीटर है । रेलवे स्टेशन से पैदल चलकर जा सकते हैं।चामुण्डा देवी मंदिर पालमपुर हिमाचल रेलवे स्टेशन से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । वहीं चामुंडा मार्ग रेलवे स्टेशन से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर है। 



विशेष रेल का इंतजाम भी - यदि आप चाहते हैं कि आपके परिवार तथा मित्रों के लिए विशेष रेलगाड़ी हो तो पठानकोट-जोगिन्दर नगर सेक्शन के किसी भी स्टेशन से किसी भी स्टेशन तक यह सेवा रेलवे उपलब्ध करा सकता है।

विशिष्ट रेलगाड़ी में यात्रा करने के लिए आपको लगभग 20 हजार रुपये रूपये देने होंगे। ऐसी स्पेशल ट्रेन में 4 प्रथम श्रेणी डिब्बे (हर डिब्बे में बैठने की क्षमता 18) और एक गार्ड वान होगा। यह ट्रेन पठानकोट से सुबह 08.50 बजे प्रस्थान करेगी। पालमपुर तक भ्रमण कराने के बाद ये ट्रेन शाम को सात बजे तक पठानकोट वापस पहुंचा देगी। 

- विद्युत प्रकाश मौर्य (vidyutp@gmail.com)
( KANGRA VALLEY RAILWAYS, KVR, NARROW GAUGE ) 

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