Wednesday, July 16, 2014

मेहनतकश किसानों का भोजन है झुणका-भाखर

झुणका भाखड़ी महाराष्ट्र का परंपरागत खाना है। वास्तव में ये वहां के ग्रामीण क्षेत्र का पौष्टिक भोजन है। मेहनतकश मजदूरों और किसानों का भोजन है जो महाराष्ट्र के बाहर रेस्टोरेंट्स की रेसिपी भी बन रहा है। हालांकि ये ऐसी शाकाहारी रेसीपी है जिसको मसाला डोसा की तरह कम प्रचार मिला है।

वास्तव में भाखड़ी या भाखर ज्वार या फिर बाजरे से बनी रोटी है। इसके साथ बेसन से बनी सब्जी परोसी जाती है जिसे झुनका कहते हैं। झुणका में सरसों, मिर्च, जीरा आदि की छौंक होती है। इनके तैयार करने का तरीका खालिस मराठी है। भाखड़ी तवे पर सेंकने के बाद इस पर देसी घी चुपड़ी जाती है। दो ऐसी रोटी आप खा लें तो मन ऐसा तृप्त हो जाता है की पूछो मत।

महाराष्ट्र के सतारा जिले में घूमते हुए मैंने जगह जगह स्थानीय होटलों के मीनू में झुणका भाखरी का नाम देखा। एक जगह कौतूहल हुई तो पूछा। दुकानदार ने बताया कि 20 रुपये में दो भाखर और साथ में झुणका मिल जाएगा। हालांकि महाबलेश्वर में खराब खाना मिलने के कारण मेरा पेट ठीक नहीं था। इसलिए मैं गरिष्ठ भोजन खाने की स्थिति में नहीं था। इसलिए चाहकर भी वहां झुणका भाखर का स्वाद नहीं ले पाया। पर मुझे पता चला कि दिल्ली के महाराष्ट्र सदन के कैंटीन में भी झुणका भाखर मिल सकता है। एक दिन वैशाली सेक्टर तीन स्थित महागुन मेट्रो माल का फूड कोर्ट में महाराष्ट्र फूड के स्टाल पर पहुंचा। वहां मिलता झुणका भाखर। बिल्कुल कोल्हापुरी स्टाइल में ही बना हुआ. हालांकि यहां पर इसकी कीमत हो जाती है 156 रुपये की प्लेट। इसमें दो भाखर। झुणका के साथ आप अपनी पसंद की सब्जी ले सकते हैं। साथ में रायता भी। झुणका भाखर महाराष्ट्र में तो हर मौसम में खाया जाता है पर खास तौर पर ये सर्दियों में खाया जाने वाला व्यंजन है।

ऐसे बनता है - बेसन के घोल में प्याज, लाल मिर्च, हल्दी पाउडर, धनिया पत्ता, करी पत्ता आदि के मेल से तैयार किया जाता है झुणका। वहीं भाखर के लिए बाजरे का आटा में नमक, सरसों के बीज, हरी मिर्च और कुछ सब्जियों के हरे पत्ते मिलाए जाते हैं।

लाभ - बाजरे की रोटी खाने वाले को हड्डियों में कैल्शियम की कमी से पैदा होने वाला रोग आस्टियोपोरोसिस और खून की कमी यानी एनीमिया नहीं सता सकता। इसके अलावा बाजरा लीवर से संबंधित रोगों को भी कम करता है। डाक्टर भी मानते हैं कि गेहूं और चावल की तुलना में बाजरे में ऊर्जा कई गुना है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह अत्यंत लाभकारी है।
-विद्युत प्रकाश मौर्य

No comments:

Post a Comment