Saturday, April 12, 2014

हावड़ा ब्रिज – एक पुल हजार अफसाने


हावड़ा ब्रिज मतलब एक पुल हजार अफसाने, जी हां, कई कहानियां जुड़ी हैं इस एक पुल के नाम से...करोड़ो लोग रोटी की तलाश में इस पुल को पार कर देश से सबसे बड़े शहरों में से एक कोलकाता में प्रवेश करते हैं और भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं।

जैसे ही आप रेल से उतर कर हावड़ा रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते हैं, सामने हावड़ा ब्रिज गर्व से मुस्कुराता दिखाई देता है। देश में नदियों पर हजारों पुल बने हैं पर हावड़ा ब्रिज उन सबसे काफी अलग है। अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाला ये पुल कोलकाता का प्रवेश द्वार है, वहीं ये शहर का लैंडमार्क ( पहचान) भी बन चुका है। हावडा ब्रिज पर दिन रात जिंदगी चलती रहती है। कभी रुकती नहीं...पैदल भी कारें भी बसें भी...अब बस ट्राम नहीं चलती..

इंजीनियरिंग का चमत्कार - हावड़ा ब्रिज इंजीनियरिंग का चमत्कार है । यह दुनिया के व्यस्ततम केन्टी लीवर ब्रिज में से एक है।  इस पुल का निर्माण 1939 में शुरू हुआ और यह 1943 में जनता के लिए खोला गया। हावड़ा और कोलकाता को जोड़ने वाला हावड़ा ब्रिज जब बनकर तैयार हुआ था तो इसका नाम रखा गया था न्यू हावड़ा ब्रिज । पर 14 जून 1965 को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के नाम पर इसका नाम रवींद्र सेतू कर दिया गया पर लोग इसे अभी भी हावड़ा ब्रिज के नाम से ही बुलाते हैं।
 26 हजार टन स्टील का  इस्तेमाल - 
हावड़ा ब्रिज के निर्माण में 26 हजार टन स्टील से बना है।  इसमें किसी नट बोल्ट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह पुल 1500 फीट ( 457 मीटर) फुट लंबा है। गर्मी के दिनों में इसकी लंबाई तीन फुट तक बढ़ जाती है। अनुमान के इस बड़े पुल के निर्माण की राशि 333 करोड़ रुपये थी। आजकल इस पुल से डेढ लाख वाहन दो लाख पदयात्री रोजाना गुजरते हैं।

कहा जा रहा है कि हावड़ा ब्रिज पर लोग पान-गुटखे की इतनी पीक थूक रहे हैं कि इसके खंभों पर ज़ंग लग रहा है। पश्चिम बंगाल की पहचान बन चुका हावड़ा ब्रिज को आठ साल बाद 2014 में नए रंग से रंगा गया।

कई फिल्मों में हावड़ा ब्रिज -  साल 1962 में बनी फिल्म चायना टाउन में 1971 में अमर प्रेम में ये पुल दिखाई देता है। ये पुल इतना लोकप्रिय है कि इसी नाम से हावड़ा ब्रिज फिल्म 1958 में बनी।  इस फिल्म में गीता दत्त का गाया गीत... मेरा नाम चिन-चिन-चू चिन-चिन-चू बाबा चिन-चिन-चू रात चाँदनी मैं और तू ....काफी लोकप्रिय हुआ। 1969 की फिल्‍म 'खामोशी' का एक गाना है, गुलजार का लिखा और किशोर दा का गाया : 'वो शाम कुछ अजीब थी...' में राजेश खन्ना और वहीदा रहमान हावड़ा ब्रिज पर दिखाई देते हैं।

देवानंद की तीन देवियां, राजकपूर की राम तेरी गंगा मैली, अंग्रेजी फिल्म सिटी ऑफ जॉय, 2004 में आई मणिरत्नम की युवा, इम्तियाज अली की 2009 की फिल्म लव आजकल, 2012 में अनुराग बासु का बर्फी तो 2014 यशराज के गुंडे में हावड़ा ब्रिज दिखाई देता है।

डेविड कैमरन आए हावड़ा ब्रिज पर - 15 नवंबर 2013 को कोलकाता के दौरे पर आए ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने हावड़ा ब्रिज और रेलवे स्टेशन का सैर की।
वैसे कोलकाता में हुगली पर विद्यासागर सेतु और निवेदिता सेतु नामक दो और पुल हैं पर हावड़ा ब्रिज से कोलकाता में प्रवेश करने की बात ही कुछ और है। कभी हावड़ा ब्रिज को आप पैदल पार करें, पुल के संग संवाद करते हुए और हुगली की लहरों के देखते हुए...

-    विद्युत प्रकाश मौर्य
( KOLKATA, BENGAL, HOWRAH BRIDGE ) 

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