Thursday, April 10, 2014

इनसे सीखें – कोलकाता की टैक्सी सेवा

देश के कई महानगरों में टैक्सी सेवाएं हैं पर कोलकाता की टैक्सी सेवा से दिल्ली वालों को सीख लेने की जरूरत है। जब आप दिल्ली के किसी भी रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते हैं तो आपको टैक्सी और आटो वालों से मोल भाव करना पड़ता है। प्रीपेड सेवा है पर उतनी कामयाब नहीं है। पर हावड़ा स्टेशन पर कोकलकाता पुलिस ने प्रीपेड सेवा को दुरुस्त कर दिया है।

इस बार मैं जैसे हावड़ा स्टेशन से बाहर निकलता एक टैक्सी वाले से पूछा मुझे दमदम के लिए टैक्सी लेनी है। टैक्सी वाले ने कहा वहां प्रीपेड के काउंटर पर लाइन में लग जाइए। मैं लाइन लग गया। ये काउंटर कोलकाता ट्रैफिक पुलिस आपरेट करती है। लाइन में देखा कि वहां कोलकाता के प्रमुख प्वाइंट का हावड़ा से टैक्सी का किराया भी लिखा था। ये किराया 12 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से है। हावड़ा स्टेशन से बाहर आटो रिक्शा नहीं चलता है। कहीं भी जाने के लिए टैक्सी है। इसका किराया दिल्ली के आटो रिक्शा के ही बराबर है।

कोलकाता की सारी टैक्सियां एंबेस्डर हैं। अब कुछ नई टैक्सियां स्वीफ्ट डिजायर एसी माडल में भी गई हैं। पर इनका भी किराया वही है। दमदम गोरा बाजार की रसीद कटवाने के बाद एक दूसरी लाइन में लग जाना था टैक्सी के लिए। यहां आप अपने परिवार और सामान के साथ होंगे। एक ट्रैफिक पुलिस का जवान आपको टैक्सी एलाट करता है। हमें जो टैक्सी एलाट हुई उसके ड्राइवर बिहार के वैशाली जिले के सराय के रहने वाले थे। बीस साल से कोलकाता में टैक्सी चला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हावड़ा स्टेशन के आसपास कोई भी टैक्सी वाला सीधे सवारी नहीं बिठा सकता। ऐसा करने पर 2800 रुपये फाइन है। साथ ही ये भी बताया कि दीदी ( ममता बनर्जी) का राज आने से ट्रैफिक कानून पहले से सख्त हो गए हैं। टैक्सी में 4 सवारी से ज्यादा नहीं बिठा सकते। रेडलाइट का ख्याल रखना पड़ता है...आदि...आदि। अब हमें सड़कों पर नियम का पालन करना पड़ता है। एक बार जुर्माना भरना पड़ा तो कई दिनों की कमाई पानी में चली जाएगी। 

-    विद्युत प्रकाश मौर्य  
( KOLKATA, BENGAL, TAXI )  

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