Tuesday, April 8, 2014

आधा किलो का पराठा...खाओ तो जाने

आधा किलो का पराठा देखा है आपने। पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में सुबह का नास्ता है पराठा। पर ये पराठा देश के बाकी हिस्सों के पराठे से थोड़ा अलग है। ये पराठा वजन से बिकता है। 50 रुपये में 500 ग्राम का पराठा। अगर आप पराठा आर्डर करते हैं तो वह 10 रुपये प्लेट है। 10 रुपये का सौ ग्राम सब्जी के साथ। 

दुकानदार तराजू पर सौ ग्राम पराठा तौलता है और सब्जी की प्लेट के साथ आपके सामने पेश कर देता है। वास्तव में ये पराठा मैदे का है। इसे लकड़ी के बड़े से चकला बेलना पर बेल कर तैयार करते हैं। बेलने के बाद डोसा के तवे से भी बड़े तवे पर फेंक देते हैं। पराठे का आकार हाथी के कान जैसा है। तवे पर तेल के साथ उलट पलट कर पकाने के बाद हलवाई इसे बड़े कुशलता से हाथों से तवे पर ही तोड़फोड़ डालता है। इस तरह ये कुछ कुछ लच्छा पराठा जैसा बन जाता है। गंगा सागर, काकद्वीप, नामखाना इलाके में ये पराठा काफी लोकप्रिय है। लेकिन ये पराठा अगर आप पूरा खा जाओ तो जानें।

दक्षिण 24 परगना जिले में नारियल पानी खूब सस्ता है। 10 रुपये नग। कोलकाता में 15 रुपये का मिलता है। हालांकि नारियल के लिए प्रसिद्ध राज्य केरल में नारियल पानी बंगाल की तरह सस्ता नहीं मिल पाता। वहां मजदूरी बहुत महंगी हो गई है...नारियल तोड़ने वाले नहीं मिलते। बंगाल में अभी मजदूरी सस्ती है। इसलिए बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में नारियल पानी सस्ता है। इसलिए मैं और अनादि खूब नारियल पानी पी रहे हैं। इधर सफेद जामुन भी दिखाई दे रहा है। ऐसे जामुन हमने गुजरात में भी देखे थे। हालांकि इस जामुन में काले जामुन जैसी मिठास नहीं है। ये थोड़ा खट्टा सा लगता है।

काकद्वीप से सियालदह जाते समय रास्ते में अमरूद के बाग भी खूब दिखे। अमरूद भी सस्ता है इधर। लोकल ट्रेन और बाजार में आंवला का कटे हुए नमकीन टुकड़े बिक रहे हैं। दो रुपये में कुछ टुकड़े लोग मजे लेकर खाते हैं। आंवला है भाई कहतें हैं इसको खाने से इंसान बूढ़ा नहीं होता....


-    विद्युत प्रकाश मौर्य

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