Thursday, March 6, 2014

तिवारी ब्रदर्स- जहां मिठाइयां खरीदने के लिए लगती है लाइन

कोलकाता के बड़ा बाजार की एक सुबह। एक दुकान आगे ग्राहकों की लंबी लाइन लगी है। ठीक वैसे ही जैसे रेल के टिकट के लिए लगती है। पूरे अनुशासन में लगी ये लाइन मिठाई खरीदने वालों की है। दुकान का नाम है तिवारी ब्रदर्स। कोलकाता की प्रसिद्ध मिठाइयों की दुकान। मैं दुकान में घुसा। समोसे पसंद आए। सेल्समैन ने कहा खरीदना है तो लाइन में लग जाएं। और हमने लाइन में लग कर समोसा खरीदा। 1991 में एक समोसा ढाई रुपये का था। लेकिन बड़े आकार के समोसे का स्वाद सालों तक याद रहा। 

तिवारी ब्रदर्स अपने देसी घी के समोसे के लिए दूर दूर तक प्रसिद्ध हैं। इसी दौरान रक्षा बंधन आया। हमारा पूरा परिवार साथ था कोलकाता भ्रमण पर। राखी बांधने के साथ मिठाइयां भी खरीदनी थी। वैसे तो बड़ा बाजार इलाके में कई मिठाइयों की दुकाने हैं पर एक बार फिर हम लाइन में लगे तिवारी ब्रदर्स में ही। आज त्योहार के कारण भीड़ कुछ ज्यादा थी। मिठाइयां खरीदने में लग गए दो घंटे। कुछ ऐसी दीवानगी है कोलकाता में लोगों की मिठाइयों को लेकर। फिर तिवारी ब्रदर्स, केसी दास और हल्दीराम हों तो बात ही क्या। तिवारी ब्रदर्स की शुद्ध घी की मिठाइयां बनाने की पंरपरा छह पीढ़ियों से चली आ रही है। अब कोलकाता में उन्होंने कई शाखाएं भी खोल ली हैं। http://tewaribrossweets.com/
इस दुकान की स्थापना उत्तर प्रदेश से आए बनवारी लाल तिवारी ने की थी। उन्नीसवीं सदी में की थी। पहले लखनऊ फिर वाराणसी होते हुए कोलकाता पहुंचे तिवारी जी ने पहले एक छोटी सी समोसे की दुकान शुरू की। वहां समोसा के अलावा दूध भी मिलता था। 




अब तिवारी ब्रदर्स की कोलकाता के अलावा दिल्ली, मुंबई और बंगलुरू में भी शाखाएं खुल चुकी हैं। साथ ही वे मिठाइयों की कई वेराइटी के निर्यात के कारोबार में भी लगे हुए हैं। 

वैसे कोलकाता में हर चौक चौराहे पर मिठाइयों की दुकानें है। मजे की बात आपको मिठाइयां खरीदने के लिए किलो दो किलो की बात नहीं सोचनी। आम आदमी के राज्य बंगाल में मिठाइयां प्रति पीस के हिसाब से बिकती हैं। हर दुकान में मिठाई के साथ उसका प्रति पीस रेट लिखा रहता है। जिस मिठाई से जितनी पीस (नग) लेना हो आप उतना ही आर्डर कर दिजिए। चाहें तो सिर्फ एक पीस खरीदें फिर भी दुकानदार आपको पैक करके मिठाईदे देगा। कुछ इसी तरह की मिठाई खाने की संस्कृति मुझे त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के बाजारों में दिखाई दे गई।
आज की मिठाई कल के लिए नहीं - तिवारी ब्रदर्स की खास बात है कि आज की मिठाई कल के लिए नहीं रखते। देर रात दुकान बंद होते समय बची हुई मिठाइयां दुकान के बाहर गरीबों में बांट दी जाती हैं। ऐसा कोलकाता के लोग बताते हैं। 

भाई बंगाल है तो मिठाई है। रसगुल्ला, रसमलाई, रस माधुरी, संदेश, चमचम जैसी सभी मिठाइयां बंगाल की ही इजाद की हुई हैं। लेकिन मेरी पंसद तो जाकर ठहरती है खीर कदम पर। जो बाहर से कदम के फल के आकार का होता है। अंदर खीर भरी होती है। आपकी पसंद क्या है...

-    विद्युत प्रकाश मौर्य
(KOLKATA, TEWARI BROTHERS, SWEETS, BARA BAZAR ) 

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