Saturday, March 15, 2014

आरा सासाराम मार्ग पर लंबे समय बाद ब्राड गेज ((6))

आरा सासाराम लाइट रेलवे के 1978 में बंद होने के बाद इलाके के लोग इस मार्ग पर बड़ी लाइन की पटरियां बिछाने की लगातार मांग करते रहे। पर कई बार सर्वे के बाद भी इस मार्ग पर काम शुरू नहीं हो सका। वह मौका आया करीब तीन दशक बाद।

 साल  2008 में लोगों को इस मार्ग पर रेल के सफर का सुख प्राप्त हो सका। कांग्रेस की अगुवाई में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ( यूपीए-1) के शासन काल में इस मार्ग पर ब्राडगेज पटरी पर पैसेंजर सेवाओं का संचालन आरंभ हुआ। इस 98 किलोमीटर लंबे ब्राडगेज मार्ग का एलाइनमेंट आरा सासाराम लाइट रेलवे से थोडा अलग है। जमीन अधिग्रहण नए सिरे से किया गया है और सारे रेलवे स्टेशन भी नई जगहों पर बनाए गए हैं। 


भारत में मार्टिन एंड कंपनी की लाइट रेल परियोजनाएं
मार्टिन एंड बर्न कंपनी आरा सासाराम लाइट रेलवे के अलावा देश में कई और रेल परियोजनाओं का संचालन करती थी। इनमें बंगाल में हावड़ा मैदान से आमटा के पटरियों की चौड़ाई 2 फीट ( 61 सेंटीमीटर) थी जिसे स्पेशल गेज भी कहा जाता है। ये लाइन 1971 में बंद हुई।

पश्चिम बंगाल के बारासात बसिरहट रेलवे ( 76 सेंटीमीटर ) का संचालन भी मार्टिन एंड बर्न कंपनी ही करती थी। इस मार्ग पर 1955 तक रेलगाड़ियां दौड़ती रहीं उसके बाद इसे बंद किया गया। 1962 में इस मार्ग को बड़ी लाइन (ब्राडगेज) में बदल दिया गया। बिहार में कंपनी बख्तियारपुर बिहार शरीफ लाइट रेलवे का भी संचालन करती थी। 1950 में इस रेल मार्ग को लोकल डिस्ट्रिक्ट बोर्ड ने ले लिया। बाद में 1962 में इस मार्ग पर ब्राडगेज की पटरी ( 5 फीट 6 ईंच या 1676 एमएम) बिछा दी गई। बिहार की दूसरी लाइट रेलवे थी पटना के पास फतुहा से इस्लामपुर तक चलने वाली फतुहा इस्लामपुर लाइट रेलवे। इस मार्ग को भी अब ब्राड गेज में बदला जा चुका है। वहीं कंपनी शाहदरा (दिल्ली) से साहरनपुर (उत्तर प्रदेश) के बीच भी लाइट रेलवे का संचालन करती थी। यह मार्ग 1970 में बंद हुआ। राजनीतिक दबाव में इस मार्ग का आनन-फानन में भारतीय रेलवे ने अधिग्रहण कर लिया। अब शाहदरा साहरनपुर मार्ग भी बड़ी लाइन में बदला जा चुका है।

शाहदरा-साहरनपुर रेलवे लाइन पर दौड़ती मार्टिन कंपनी की नैरो गेज ट्रेन । 






मार्टिन बर्न लिमिटेड द्वारा भारत में संचालित रेल कंपनियां
-     1.द आरा सासाराम लाइट रेलवे कंपनी लिमिटेड ( बिहार)
-    2. द फतुहा इस्लामपुर लाइट रेलवे कंपनी लिमिटेड (बिहार)
-    3. द शाहदरा (दिल्ली) सहारनपुर लाइट रेलवे कंपनी लिमिटेड (यूपी) - ( 148 किलोमीटर का ट्रैक था ) 1सितंबर 1970 को बंद हुआ। 
-    4 द हावड़ा आम्टा लाइट रेलवे कंपनी लिमिटेड (पश्चिम बंगाल)
-     5. द हावड़ा शेखालिया लाइट रेलवे कंपनी लिमिटेड (पश्चिम बंगाल)
     6. द छपारमुख सिलघाट रेलवे कंपनी लिमिटेड (पश्चिम बंगाल)


    किसी समय में देश में सबसे ज्यादा मार्गों पर लाइट रेलवे का संचालन करने वाली कंपनी मार्टिन एंड बर्न कंपनी अब भारत में अपना लाइट रेल संचालन का कारोबार पूरी तरह समेट चुकी है। मार्टिन एंड बर्न की ओर से संचालित की जाने वाली नैरो गेज रेलों की कहानी अब इतिहास के पन्नों का हिस्सा बन चुकी हैं।
    मार्टिन कंपनी ने जीता जमीन का मुकदमा - आरा सासाराम लाइट रेलवे के 1978 में बंद होने के बाद लंबे समय तक आरा और अन्य शहरों में कंपनी की जमीन को लेकर मुकदमा चलता रहा। पर साल 2017 में मार्टिन कंपनी ने जमीन पर मालिकाना हक को लेकर मुकदमा जीत लिया है। इसके उसकी जमीन पर कब्जा जमाए स्थानीय लोगों से जमीन को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन भी जमीन खाली कराने में कंपनी को सहयोग दे रहा है।  
-   - विद्युत प्रकाश मौर्य 
( ASLR -6 )

( ARA SASARAM LIGHT RAILWAY, MARTIN AND BURN, BIHAR ) 

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