Tuesday, February 25, 2014

मन की इच्छा पूरी करती हैं मां मनसा देवी


पंचकूला में स्थित मां मनसा देवी नौ देवियों में से एक हैं। यह 51 शक्तिपीठों में से भी एक है। कहा जाता है कि यहां मां का मस्तक गिरा था। मां का मंदिर चंडीगढ़ शहर के बिल्कुल पास पंचकूला (हरियाणा) में है। मंदिर का परिसर विशाल है। यह 100 एकड़ में फैला हुआ है। शिवालिक श्रेणी की पर्वतमाला की तलहटी में होने के कारण मंदिर के आसपास का वातावरण बड़ा मनोरम है। इस मंदिर की व्यवस्था एक सरकारी ट्रस्ट देखता है। यह ट्रस्ट हरियाणा सरकार के अधीन है।

चैत्र नवरात्र के समय यहां विशाल मेला लगता है। तब यहां लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। वैसे मंदिर में सालों भर चहल पहल रहती है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु यहां समय समय पर लंगर भी लगाते हैं।

मनसा देवी मंदिर का निर्माण -  मनसा देवी मंदिर का निर्माण उन्नीसवीं सदी में हुआ। निर्माण के लिहाज से यह ज्यादा प्राचीन नहीं है। इसका निर्माण  1811-1815 के बीच मनी माजरा के राजा गोपाल सिंह ने कराया था। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर पटियाला के महाराजा करम सिंह ने 1840 में एक और मंदिर बनवाया जिसे पटियाला मंदिर कहा जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालु पटियाला मंदिर के भी दर्शन करने जाते हैं। 

राजा को सपने में आई देवी - इस मंदिर के निर्माण को लेकर एक कथा है। कहा जाता है कि एक बार महाराजा गोपाल सिंह को देवी सपने में आईं। उन्होंने राजा को इस स्थल पर मंदिर बनवाने का कहा। देवी के निर्देश को मानते हुए राजा ने यहां पर भव्य मंदिर बनवाया। 

मंदिर में मनसा देवी की प्रतिमा तीन सिर और पांच भुजाओं वाली है। मंदिर परिसर में ही चामुंडा और लक्ष्मीनारायण का मंदिर है। मंदिर के परिक्रमा में भी विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां बनाई गई हैं। इससे मंदिर का परिसर काफी मनोरम लगता है। मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां 40 दिन नियमित आकर पूजा करने वाले की मुरादें मां पूरी करती हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु मंदिर के मनोरम परिसर में खो जाते हैं। वे कई घंटे मंदिर परिसर में ही गुजारते हैं। आजादी के बाद इस मंदिर का प्रबंधन निजी हाथों में था। तब इसकी व्यवस्था अच्छी नहीं रहती थी। बाद में हरियाणा सरकार ने इसका अधिग्रहण कर ट्रस्ट का निर्माण किया। इसके बाद इसके इंतजामात में काफी सुधार हुआ है। मंदिर की अधिकृत वेबसाइट पर जा सकते हैं - http://mansadevi.nic.in/ 


चंडीगढ़ और उसके आसपास के लोगों की मां मनसा देवी में अगाध श्रद्धा देखने को मिलती है। मुरादें पूरी होने पर लोग यहां लंगर लगाते हैं। मनसा देवी मंदिर के परिसर में हमेशा आप भंडारा चलता देख सकते हैं। कई संस्थाओं द्वारा यहां सालों भर भंडारा चलाया जाता है।


आवास की भी सुविधा - मंदिर में श्रद्धालुओं के रहने के लिए निशुल्क आवास की सुविधा भी उपलब्ध है।इसके अलावा 200 रुपये प्रतिदिन पर सुविधायुक्त आवास भी उपलब्ध है। मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सालय तथा कई और सेवाएं भी संचालित की जाती हैं।सरकार के प्रयास से मंदिर परिसर में लगातार विकास और जन कल्याण से जुड़ी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। 

हरिद्वार में भी मनसा देवी मंदिर - मनसा देवी नाम का एक मंदिर हरिद्वार में भी है। हालांकि ये शक्तिपीठ में नहीं गिना जाता पर इस मंदिर की लोकप्रियता काफी है। हर की पैड़ी के पास से मनसा देवी के मंदिर के लिए रोपवे संचालित होता है। वैसे आप 20 मिनट की पैदल चढ़ाई करके भी हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में जा सकते हैं।

कैसे पहुंचे - यह मंदिर मनीमाजरा से आगे पंचकूला के बिलासपुर गांव में स्थित है। यह चंडीगढ़ मुख्य बस स्टैंड से 10 किलोमीटर और पंचकूला बस स्टैंड से 4 किलोमीटर की दूरी पर है। आप चंडीगढ़ शहर से पंचकूला की ओर जाने वाली बसों से मनसा देवी पहुंच सकते हैं। मनसा देवी का मंदिर मनी माजरा की पहाड़ियों पर स्थित है। यह चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से भी काफी करीब है।चंडीगढ शहर और पंचकूला के किसी भी हिस्से से मनसा देवी आसानी से पहुंचा जा सकता है।
-    विद्युत प्रकाश मौर्य
MANSA DEVI,  TEMPLE, PANCHKULA HARYANA, SHAKTIPEETH )



पंचकूला के मनसा देवी मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला 

No comments:

Post a Comment