Saturday, February 22, 2014

जय मां कालका - यहां सती का गिरा था केश

नौ देवियों में से एक मां कालका देवी का मंदिर हरियाणा के कालका शहर में हैं। हालांकि इस मंदिर को 51 शक्तिपीठों में नहीं गिना जाता है। पर मान्यता है कि शिव तांडव के दौरान सती की केशराशि के कुछ अंश यहां गिरे थे। हालांकि काली का मुख्य मंदिर कोलकाता के कालीघाट के काली मंदिर को माना जाता है। जहां सती की केशराशि गिरी थी। पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के लोगों की कालका के कालिका मंदिर में अगाध श्रद्धा है।


कालिका मंदिर में यहां मंदिर सिर्फ देवी का सिर दिखाई देता है। मंदिर में मां के दर्शन पिंडी रूप में किए जाते हैं। मां के चमत्कार की कई कथाएं कही जाती हैं। वे भक्तों पर कृपा करती हैं। पर एक दंतकथा के मुताबिक कहा जाता है देवी ने नाराज होकर राजा जयसिंह देव का शाप दिया था। उसके बाद राजा सिर्फ युद्ध में हार गया बल्कि उसका राजपाट भी नष्ट हो गया। ये शहर भी मां के कोप से बरबाद हो गया जो काफी समय बाद फिर आबाद हो सका। कहा जाता है आराधना करने वाले का कालका मां दुख हरती हैं और बिगड़ी बनाने वाली हैं।
देश में कालका नाम के कई और मंदिर हैं। देश की राजधानी दिल्ली में कालका इलाके में भी कालका मंदिर है तो एक कालका मंदिर इंदौर के खजराना इलाके में है। 
कैसे पहुंचे - पंचकूला जिले का कालका शहर चंडीगढ़ से शिमला मार्ग पर स्थित है। यह ब्राडगेज का आखिरी रेलवे स्टेशन है साथ ही कालका शिमला लाइट रेलवे का पहला रेलवे स्टेशन है। रेलवे स्टेशन के पास ही बाजार में मां कालिका का मंदिर है। आप चंडीगढ़ से शिमला जाते हुए इस मंदिर तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
कहां ठहरें   कालका शहर में ठहरने के लिए कई आवासीय होटल और धर्मशालाएं भी हैं। कालका से लगे हुए हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक शहर परवाणु में भी पीडब्लूडी गेस्ट हाउस समेत कई होटल हैं।
-    विद्युत प्रकाश मौर्य
KALKA DEVI TEMPLE. SATI, HARYANA )

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