Thursday, February 20, 2014

मन की हर चिंता दूर करती है मां चिंतपूर्णी

पौराणिक नौ देवियों में से पांच देवियों के मंदिर हिमाचल प्रदेश में ही स्थित हैं। इनमें माता चिंतापूर्णी के बारे में कहा जाता है कि वे मन की हर तरह की चिंता को दूर कर सुख प्रदान करती हैं। वे पहाड़ों की नौ देवियों और देश के 51 शक्तिपीठों में से एक हैं। चिंतपूर्णी देवी का मंदिर हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित है।

मंदिर की कथा - पौराणिक कथा के अनुसार यहां पर शिव तांडव के दौरान माता सती के चरण गिर थे। इसलिए भक्तों में माता चरणों का स्पर्श करने को लेकर अगाध श्रद्धा है। चिंतपूर्णी देवी का मंदिर हिमाचल प्रदेश के सोला सिग्ही श्रेणी की पहाड़ी पर छपरोह गांव में स्थित है। अब ये स्थान चिंतपूर्णी के नाम से ही जाना जाता है। कहा जाता है चिंतपूर्णी देवी की खोज भक्त माई दास ने की थी। माई दास पटियाला रियासत के अठरनामी गांव के निवासी थे। वे मां के अनन्य भक्त थे। उनकी चिंता का निवारण माता ने सपने में आकर किया था।

मंदिर के पास भक्त माईदास का ढूंढा हुआ सरोवर भी है जिसके जल से वे माता की नियमित पूजा किया करते थे। अभी भी भक्त इस सुंदर तालाब से जल लेकर माता की पूजा करते हैं। तालाब तक जाने के लिए 200 सीढ़ियां उतरनी पड़ती है। मां के मंदिर का मुख्य प्रसाद हलवा है।

नवरात्र में विशाल मेला - चिंतपूर्णी मंदिर में चैत्र और शरद नवरात्र और चैत्र नवरात्र के समय यहां विशाल मेला लगता है। तब यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। हर साल कई लोक गायक माता के सम्मान में भजनों के नए नए अलबम निकालते हैं। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से भी खास इंतजाम किए जाते हैं। मंदिर के आसपास दो किलोमीटर लंबा सुंदर सा बाजार है। चिंतपूर्णी में पंजाब के अलग-अलग शहरों के लोगों ने रहने के लिए कई धर्मशालाओं का भी निर्माण कराया है।


कैसे पहुंचे -  शिवालिक की मनोरम पहाड़ियों के बीच समुद्र तल से कुल  940 मीटर ऊपर  ( लगभग 3000 फीट) की ऊंचाई पर मां का दरबार स्थित है।

यह मंदिर ऊना जिले के हिल स्टेशन भरवाई से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर है। यहां पहुंचने के लिए पंजाब के होशियारपुर शहर से बसें मिल जाती हैं। यह पुनीत स्थल पंजाब के होशियारपुर रेलवे स्टेशन से कोई 50 किलोमीटर की दूरी पर है। वैसे यहां पठानकोट जोगिंदर नगर रेल मार्ग से भी पहुंचा जा सकता है।

वैसे यहां तक पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन ज्वालामुखी रोड है जो यहां से 21 किलोमीटर की दूरी पर है।

कहां ठहरें - मंदिर के पास अतिथियों के रहने के लिए कई आवास बने हुए है।यहां धर्मशालाएं और कुछ गेस्ट हाउस बने हैं। आप पंजाब के शहर होशियारपुर या जालंधर से एक दिन में चिंतपूर्णी जाकर लौट भी सकते हैं। पंजाब और हिमाचल के कई जिलों से श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी के लिए साइकिल अथवा बाइक से यात्रा भी निकालते हैं। चिंतपूर्णी के मार्ग पर कई साइकिल जत्थों को मंदिर की ओर जाते हुए देखा जा सकता है।

---- विद्युत प्रकाश मौर्य

CHINTPURNI DEVI TEMPLE. HIMACHAL PRADESH, NINE GODDESS, DURGA )

No comments:

Post a Comment