Saturday, January 18, 2014

सच होगा जिरीबाम-तुपुल-इंफाल रेल लाइन का सपना ((02))

 असम के सिलचर के अगले स्टेशन अरुणाचल जंक्शन से जिरीबाम तक रेल लाइन बन चुकी है। जिरीबाम फिलहाल मणिपुर का पहला रेलवे स्टेशन है। जिरीबाम से 12 किलोमीटर आगे मणिपुर के पहले स्टेशन ढोलाकाल तक रेल की इंजन को दौड़ाया जा चुका है।

आधी रह जाएगी रेल मार्ग से दूरी - जिरीबाम से इंफाल की सड़क मार्ग से दूरी 220 किलोमीटर है।  पर ब्राडगेज के इस मार्ग के बन जाने से जिरीबाम से इंफाल की दूरी महजआधी यानी 111 किलोमीटर रह जाएगी। इस मार्ग पर रेलवे मार्ग बिछाए जाने का काम जारी है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की पहाड़ों के बीच रेल मार्ग बिछाने की एक महात्वाकांक्षी और राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। देखा जाए तो आजादी के बाद पहाड़ी क्षेत्र में रेल मार्ग बिछाने के किसी बड़े  प्रोजेक्ट पर सफलतापूर्वक काम हुआ है तो वह कोंकण रेल परियोजना है।
जिरीबाम से इंफाल इस तरह का दूसरा सफल प्रोजेक्ट सिद्ध होगा। मणिपुर के लोगों के लिए ये रेल लाइन वरदान होगी क्योंकि इससे शेष भारत से माल ढुलाई आसान होगी और यहां बाहर से आने वाले उत्पादों की कीमतें कम होंगी। वहीं मणिपुर में होने वाले कृषि उत्पादों को बाहर भेजना आसान हो सकेगा।  इस मार्ग में पहाड़ों को काटकर कई सुरंगे बनाई जा रही हैं। इस रेल मार्ग पर कुल 39 सुरंगे और 112 पुल बनाए जाने हैं। केंद्र का 4445 करोड़ रुपये का ये प्रोजेक्ट है जिसका काम देरी से चल रहा है।

जिरीबाम से इंफाल के बीच 9 रेलवे स्टेशन बनाए जाने हैं। इसका पहला खंड 84 किलोमीटर का तुपुल तक का है। दूसरा खंड तुपुल-इंफाल 27 किलोमीटर का है।
मणिपुर में तुपुल के पास एनएच 53 । 
पूर्वोत्तर में रेल मार्ग के विस्तार में पहाड़ों को काटकर सुंरगे बनाना बड़ी चुनौती तो है ही, इसके साथ ही इन क्षेत्रों में सक्रिय उग्रवादी संगठन भी रेल मार्ग के निर्माण कार्य में बाधा डालते हैं। इंफाल से जिरीबाम से सफर के दौरान मार्ग में जगह-जगह  पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की ओर से पहाड़ों का सीना चीर कर रेल मार्ग बिछाने का काम तेजी से चलता हुआ दिखाई दिया। एक दिन आएगा जब इंफाल और एजल में रेलगाड़ी की सिटी सुनाई देगी।


सबसे लंबी रेल सुरंग
देश की सबसे बड़ी रेल सुरंग जिरीबाम-तुपुल इंफाल रेलवे मार्ग पर बनाई जा रही है। इस सुरंग की लंबाई 11.55 किलोमीटर होगी। यह कश्मीर में बने पीरपंजाल सुरंग से भी ज्यादा लंबी होगी। इसके साथ ही दुनिया का सबसे लंबा गार्डर पुल आइरिंग नदी पर बनाया जा रहा है। इसके गार्डर की लंबाई 141 मीटर होगी यानी कुतुबमीनार से भी लंबा होगा।
मणिपुर में बजी रेल की सिटी 
कुल 111 किलोमीटर लंबे जिरिबाम इंफाल लाइन का निर्माण कार्य 2008 से जारी है। इस मार्ग में कुल 37 सुरंगें होंगी। जिरीबाम से ढोलाखाल के बीच 12.5 किलोमीटर मार्ग पर 2016 को मालगाड़ी चला कर परीक्षण किया जा चुका है। इस तरह मणिपुर मे रेलगाड़ी की सिटी बज चुकी है। पर इंफाल तक रेल यात्रा के लिए अभी इंतजार करना होगा।

इंफाल में रेलवे स्टेशन
30 जुलाई 2016 को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने मणिपुर की राजधानी इंफाल रेलवे स्टेशन के निर्माण की आधारशिला रखी।  इंफाल रेलवे स्टेशन इंफाल शहर से 13 किलोमीटर दूर यूरेंबरन गांव में बनाया जा रहा है। एयरपोर्ट से इसकी दूरी महज 1.5 किलोमीटर है। स्टेशन भवन के निर्माण में 8.7 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है।

111 किलोमीटर होगी कुल लंबाई जिरीबाम इंफाल रेलवे लाइन की

84 किलोमीटर होगी जिरीबाम तुपुल रेलखंड की

2019 के दिसंबर तक तुपुल इंफाल खंड के पूरा किए जाने का लक्ष्य है।

11.55 किलोमीटर की होगी सबसे लंबी सुरंग

37 सुरंगे होंगी इस रेल मार्ग पर



-    विद्युत प्रकाश मौर्य 


( IMPHAL TO SILCHAR 2, JIRIBAM, TUPUL, MANIPUR, RAIL ) 

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