Tuesday, January 28, 2014

अगरतला से कोलकाता वाया ढाका

अखौरा बार्डर पर शाम को मुझे यहां एक परिवार मिला जो ढाका से अगरतला रहा था। पूछने पर नौजवान भाई ने बताया कि अगरतला में मेरी मौसी का घर है। वास्तव में पूरी त्रिपुरा राज्य तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है। यह दूरी के लिहाज से भारत के सबसे दूरस्थतम राज्यों में से एक है। अगर हम दिल्ली से ट्रेन से अगरतला जाना चाहें तो 60 घंटे लग जाएंगे यानी कन्याकुमारी से भी ज्यादा। गुवाहाटी से लमडिंग होकर अगरतला का ट्रेन का सफर 24 घंटे का है। अगर कोलकाता से अगरतला की दूरी की बात करें तो ये वाया गुवाहाटी, न्यू जलपाईगुड़ी होकर 1700 किलोमीटर से ज्यादा है। भारत के मानचित्र में अगर त्रिपुरा को देखें तो ये बांग्लादेश के उसपार दिखाई देता है। यानी कोलकाता की घड़ी में सुबह के दस बजते हैं तो ढाका में साढ़े दस और फिर से अगरतला पहुंचे तो दस बज जाते हैं। ये टाइमजोन की गड़बड़ी भी अगरतला में मालूम होती है। शेष भारत से पहले यहां सुबह होती है लेकिन घड़ी में समय दिल्ली वाला ही रहता है।


कोलकाता से अगरतला गुवाहाटी होकर 1700 किलोमीटर है लेकिन अगर ढाका होकर जाया जाए तो ये महज 400 किलोमीटर रह जाता है। इसलिए कोलकाता से बेनापोल बार्डर और ढाका और फिर अखौरा बार्डर से अगरतला होकर बस सेवा चलाई जा रही है। इस रास्ते से लोग अधिकतम 8 घंटे में अगरतला पहुंच जाते हैं, लेकिन इस बस सेवा का लाभ उठाने के लिए आपके पास पासपोर्ट होना चाहिए। कोलकाता से सड़क मार्ग से लंबी दूरी होने के कारण ही अगरतला के लोग ट्रेन या बस के बजाय कोलकाता आने के लिए हवाई मार्ग का चयन करते हैं। ट्रेन से कोलकाता पहुंचने में 40 घंटे लग जाते हैं तो हवाई सफर महज 40 मिनट में पूरा हो जाता है। 

दरअसल पूरा पश्चिम बंगाल बांग्ला भाषी है और बांग्लादेश भी बांग्लाभाषी। लेकिन बांग्लादेश बनने के बाद बांग्लाभाषी त्रिपुरा कोलकाता से बहुत दूर हो गया। 1947 से पहले कोलकाता और अगरतला के बीच ऐसी देश की सीमा और इतनी दूरी नहीं थी। तभी तो कविगुरु टैगोर कोलकाता से ढाका और अगरतला चले जाते थे और सचिनदेव बर्मन अगरतला से कोलकाता आ जाते थे।
-    विद्युत प्रकाश मौर्य   ( AGRTALA, KOLKATA, DHAKA, AKHAURA BORDER ) 


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