Wednesday, December 11, 2013

बराक घाटी रेल मार्ग पर पंचग्राम पेपर मिल

अगरतला पैसेंजर में , बराक घाटी का सफर। 
सिलचर अगरतला पैसेंजर ठीक पौने सात बजे सिलचर से यानी सही समय पर अगरतला के लिए चल पड़ी। जब मैंने टिकट बुक कराया था तो इसके खुलने का समय पौने 11 बजे था। तब ये अगरतला रात नौ बजे पहुंचती थी। लेकिन लोगों की मांग पर इसका समय बदला गया। अच्छा रहा जो मैंने एक दिन पहले समय चेक कर लिया था वरना ट्रेन छूट सकती थी। वैसे तो ये पैसेंजर ट्रेन है जो सिलचर अगरतला के 257 किलोमीटर के सफर में 35 स्टेशनों पर रुकती है। पर इस ट्रेन में लगा है एक वातानुकूलित चेयरकार का कोच। जिसमें मैंने  करा लिया था आरक्षण। देश में बहुत कम पैसेंजर ट्रेनों में एसी कोच लगे हैं। कोच में सहयात्री मिल गए हैं मोहम्मद शमीम साहब। ये दिल्ली के आजादपुर मंडी के सेब के फर्म में कार्यरत हैं। पूरे देश में कहीं सेब हिमाचल या कश्मीर से ही जाता है। पूरे पूर्वोत्तर के हर शहर में दिल्ली की इनकी फर्म सेब सप्लाई करती है। सो शमीम साहब अपनी मार्केटिंग के सिलसिले में अगरतला जा रहे हैं। अच्छा सहयात्री मिल जाए तो रास्ते आसान हो जाते हैं। 
कछार पेपर मिल, पंचग्राम (हेलाकांडी, असम)
रास्ते में आता है, असम के हेलाकांडी जिले का पंचग्राम रेलवे स्टेशन। बदरपुर से पांच किलोमीटर पहले पड़ने वाले पंचग्राम में हैं भारत की सबसे बड़ी पेपर मिल।
 कछार पेपर मिल (सीपीएम)। ये पेपर मिल भारत सरकार के हिंदुस्तान पेपर कारपोरेशन लिमिटेड की आनुसांगिक इकाई है। http://www.hindpaper.in/mills/cachar.htm यहां बांस से कागज बनाया जाता है। पंचग्राम पेपर मिल में न्यूजप्रिंट भी बनाया जाता है जो अखबार छापने के काम आता है। मिल की स्थापना 29 मई 1970 को की गई। इस पेपर मिल की सालाना क्षमता है एक लाख टन की। लेकिन 2006-07 में यहां एक लाख 06 हजार कागज का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। पेपर मिल बराक नदी के तट पर सुरम्य वातावरण में स्थित है। पेपर मिल के बगल से नेशनल हाइवे नंबर 57 गुजरता है।

आपको पता है हमारा देश कागज की खपत में दुनिया के दूसरे देशों से कितना पीछे है। हमारे यहां प्रति व्यक्ति सालाना कागज की औसत खपत महज 4 किलोग्राम है। हिंदुस्तान पेपर की तीन और पेपर मिल हैं। नौगांव पेपर मिल असम के नौगांव जिले में है। नागालैंड पल्प एंड पेपर कंपनी लिमिटेड, नागालैंड के मांकोचुक जिले के तुली में है। जबकि केरल के कोट्टटायम के पास हिंदुस्तान न्यूज प्रिंट लिमिटेड (एचएनएल) है। फिर भी हमारे देश में कागज की जितनी जरूरत है वह भारतीय मिलों से पूरी नहीं हो पाती। हमें बड़ी मात्रा में न्यूज प्रिंट विदेशों से मंगाना पड़ता है।

- विद्युत प्रकाश मौर्य


( बराक वैली एक्सप्रेस, Barak Valley Express-6, HELAKANDI, PANCHGRAM PAPER MILL )

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