Tuesday, January 7, 2014

मणिपुर में हरी-भरी सब्जियों की बहार

इंफाल के सब्जी बाजार में किसिम किसिम की सब्जियां....
 भले ही पूर्वोत्तर में मांसाहार का चलन ज्यादा हो लेकिन यहां सब्जी बाजार में कई किस्म की सब्जियां देखने को मिलती हैं। पूरे पूर्वोत्तर में चाहे आप जहां भी हों हरियाली मन मोह लेती है। तो इस हरियाली के बीच सब्जियां भी खूब उगती हैं। ऐसी कई हरी सब्जियां हैं जो सिर्फ यहीं दिखाई देती हैं।

कोहिमा और इंफाल के रास्ते में सब्जी बाजार में एक हरी सब्जी देखने को मिली जो हमारे कद्दू से कुछ मिलती जुलती है पर यह हरे रंग की और कुछ गोल गोल है। इसे लोग यहां इसकोस कहते हैं। ये पहाड़ों पर बहुतात होती है। इस क्षेत्र के लोग इसकी सब्जी बनाते हैं। वहीं लागो नामक एक और सब्जी की किस्म है जिसकी चटनी बनाई जाती है। तो थांगजिंग नामक सब्जी का इस्तेमाल खास तौर सलाद के लिए होता है।
सुबह सुबह इंफाल के हाथी चौक के पास सजा सब्जी बाजार - क्या क्या खरीदेंगे आप। 
इंफाल के हाथी चौक के आसपास सब्जियों का मुख्य बाजार है। सुबह सुबह यहां सड़कों पर सब्जी बाजार लगा हुआ दिखाई दिया। सब्जियां खऱीदने के लिए लोगों की भीड़ उसी तरह दिखाई दे रही है जैसी वाराणसी के चंदुआ सट्टी या सुंदरपुर में दिखाई देती है। हाथी चौक पर एक विशाल भवन भी बन गया है जिसके अंदर सब्जी मंडी व्यवस्थित ढंग से बनी हुई है। यहां हर तरह की सब्जियों के लिए अलग अलग लेन बनाई गई है और दुकानदारों को आवंटित कर दिया गया है।

स्थानीय सब्जियों को भाव सस्ते हैं। बाजार में हरी और पत्तेदार सब्जियों की बहार है। यहां लोग सब्जियों को ज्यादातर सलाद के दौर पर खाना पसंद करते हैं। क्योंकि ज्यादातर लोगों की रूचि सब्जियों के बजाय मांसाहार में है। 


मांसाहार के साथ हरी सब्जियों के सलाद का अच्छा कंबिनेशन बन जाता है। बाहर से आने वाले फलों के भाव जरूर यहां आसमान छूते नजर आए। जैसे सेब जो कश्मीर या हिमाचल से इधर आता है। सड़क मार्ग के लंबी यात्रा करने के बाद सेब यहां दिल्ली से कई गुना महंगा हो जाता है।

अनानास और संतरा खाएं - अगर आप महंगे फल नहीं खाना चाहते हैं तो  कोई बात नहीं,  आप पूर्वोत्तर में घूमते हुए पाइनएपल, संतरे और नारियल पानी का जमकर स्वाद लिजिए। दिल्ली के बाजार में बिकने वाला सारा पाइनएपल यानी अनानास पूर्वोत्तर राज्यों से ही पहुंचता है। ये अलग बात है कि पूर्वोत्तर में बिल्कुल सस्ते में बिकन वाले अनानास पांच दिन का सफर कर दिल्ली पहुंचने के बाद पांच गुना महंगा हो जाता है।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य 
(MANIPUR, IMPHAL, GREEN )  

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